Skip to content
16 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • विश्व-इतिहास
  • हिन्दू राष्ट्र

पृथ्वी गोल है

admin 6 June 2023
Global Warming & Earth

सभी विज्ञानी इस बात को जोर देकर कह रहे हैं कि यदि ग्लोबल वार्मिंग का यही हाल रहा तो इसी सदी के आखिरी कुछ वर्षों तक पृथिवी से 83 फीसदी ग्लेशियर गायब हो जाएंगे।

Spread the love
‘पृथ्वी गोल है’ इस प्रकार का विचार यूरोप के कुछ वैज्ञानिकों ने व्यक्त किया था। ‘एनेक्सिमेंडर’ ने ईसा पूर्व 600 वर्ष, पृथ्वी को सिलेंडर के रूप में माना था। ‘एरिस्टोटल’ (ईसा पूर्व 384-ईसा पूर्व 322) ने भी पृथ्वी को गोल माना था।
लेकिन भारत में यह ज्ञान बहुत प्राचीन समय से था, जिसके प्रमाण भी मिलते हैं। इसी ज्ञान के आधार पर आगे चलकर आर्यभट्ट ने सन् 500 के आसपास इस गोल पृथ्वी का व्यास 4,967 योजन है (अर्थात् नए मापदंडों के अनुसार 39,968 किलोमीटर है), यह भी दृढ़तापूर्वक बताया। आज की अत्याधुनिक तकनीक की सहायता से पृथ्वी का व्यास 40,075 किलोमीटर माना गया है।
इसका अर्थ यह हुआ कि आर्यभट्ट के आकलन में मात्र 0.26 प्रतिशत का अंतर आ रहा है, या फिर आज के लोग इसे ठीक से माप नहीं पा रहे हैं, हालांकि यह नाममात्र ही कहा जा सकता है! लेकिन आज से लगभग डेढ़ हजार वर्ष पहले आर्यभट्ट के पास यह ज्ञान कहाँ से आया होगा?
सन् 2008 में जर्मनी के एक इतिहासविद् जोसेफ श्वासबर्ग ने यह साबित कर दिया था कि ईसा पूर्व यानी ईसा से भी दो-ढाई हजार वर्ष पहले भारत में नक्शा शास्त्र अत्यंत विकसित था। नगर-रचना के नक्शे उस समय उपलब्ध तो थे ही, साथ ही नौकायन के लिए भी आवश्यक नक्शे उपलब्ध थे।

About The Author

admin

See author's posts

1,392

Post navigation

Previous: नासिरुद्दीन ने 20 वर्षों तक हिंदुओं को चबाया
Next: कृपया अपनी जाति को न छुपाएं…

Related Stories

Traditional and Historical Khap Panchayats in Hariyana
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

Khap Panchayat: धर्म से जुडी एकमात्र जीवित परंपरागत न्यायव्यवस्था

admin 2 March 2026
Explanation of the Dharmapeeth
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

अब होगा ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद

admin 2 March 2026
What was Kamsa in his previous life
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

कंस पूर्व जन्म में क्या था…

admin 4 February 2026

Trending News

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded 1
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

15 March 2026
सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy) Solar energy plants in desert of India 2
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

13 March 2026
सरकार या Goverment क्या है? World Economic Forum meeting in Davos 2024 3
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

13 March 2026
रात में पौण्ड्रक का आक्रमण Battle between Paundraka and Lord Krishna 4
  • अध्यात्म
  • विशेष

रात में पौण्ड्रक का आक्रमण

13 March 2026
राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 5
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026

Total Visitor

093036
Total views : 170742

Recent Posts

  • सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न
  • सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)
  • सरकार या Goverment क्या है?
  • रात में पौण्ड्रक का आक्रमण
  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.