अशोक चौहान | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली की सड़कों पर ग्रीन मोबिलिटी के नए युग की शुरुआत हो गई है। दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नई ऐप-आधारित इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा ग्रीन एसएम की शुरुआत की है, जो की एक वियतनाम बेस्ड कंपनी है।
इसके प्रथम चरण में 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों के साथ शुरू हुई यह सेवा अगले लगभग एक साल में 10,000 वाहनों तक विस्तार का लक्ष्य रखती है। इसके अत्याधुनिक एआई-आधारित सुरक्षा फीचर्स, मेक इन इंडिया के तहत निर्मित वाहन और जीरो एमिशन के साथ दिल्ली को क्लीन, ग्रीन और सुरक्षित राजधानी बनाने की दिशा में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है सरकार की योजना –
दिल्ली की मुख्य्मंत्री रेखा गुप्ता सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस इलेक्ट्रिक कैब सर्विस के माध्यम से पहले चरण में दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों को उतारा जा रहा है। जबकि संबंधित कंपनी के साथ-साथ सरकार का भी यही लक्ष्य है कि आगामी एक वर्ष के भीतर इस लक्ष्य को बढ़ाकर 10,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों तक ले जाय जाय। इस टैक्सी सेवा के लिए एक डेडिकेटेड मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से यात्री आसानी से टैक्सी बुक कर सकेंगे।

मेक इन इंडिया के साथ निवेश को बढ़ावा –
दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यह प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का एक बेहतरीन उदाहरण है। वियतनाम की एक प्रसिद्ध कंपनी ‘ग्रीन एसएम’ ने तमिलनाडु में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है, जो देश में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश लेकर आया है। कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रीन एसएम’ ने भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही दिल्ली सरकार ने इसमें महिला ड्राइवरों की भी भागीदारी बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि महिला यात्रियों के लिए सफर सुरक्षित और सशक्त हो सके।
दिल्ली ईवी पॉलिसी के लिए अहम –
दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने अपने बयान में इस पहल को राजधानी दिल्ली की ईवी पॉलिसी का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाना न केवल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि एयर क्वॉलिटी में सुधार लाकर दिल्लीवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और आधुनिक तकनीक पर जोर –
मनजिंदर सिंह सिरसा (दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री) ने बताया कि इन टैक्सियों में सुरक्षा के अत्याधुनिक इंतजाम किए गए हैं, जिसके अंतर्गत एआई-आधारित निगरानी के लिए वाहन के अंदर और बाहर कैमरा सिस्टम लगाया गया है, जो रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करता है। जबकि आपातकालीन सुविधाओं के लिए यात्रियों और ड्राइवर दोनों के लिए इमरजेंसी एसओएस (SOS) बटन दिए गए हैं।
(photo courtesy: Manjinder Singh Sirsa X Handle)
