Skip to content
13 April 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • कला-संस्कृति
  • पर्यावरण

आखिर क्यों बदलना पड़ा सरयू नदी का नाम?

admin 17 February 2021
Saryu river in Ayodhya
Spread the love

कीर्ति चैहान | हमारे प्राचीन, वैदिक और पौराणिक ग्रंथों में, जिस नदी को ‘‘सरयू” के नाम से जाना जाता है, उस नदी का नाम बदलने की बात चल रही है। और फिर उसके बाद अगले ही महीने यानी जनवरी 2020 में, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के केबिनेट ने इसका नाम बदलने की मंजूरी भी दे दी कि, अब राजस्व अभिलेखों में यानी सभी प्रकार से सरकारी दस्तावेजों में इसका नाम अब से सरयू ही दर्ज किया जायेगा।

भले ही यह खबर हमारे आम समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों में राजनीतिक कारणों से जगह नहीं ले पाई हो। लेकिन, यहां सवाल यह उठता है कि जिस सरयू नदी के किनारे पर, बसी अयोध्या नगरी में भगवान राम का जन्म हुआ था उस नदी का नाम तो पहले से ही सरयू है और हम तो उसे इसी नाम से जानते भी हैं, तो फिर इसका नाम बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

और अगर इसका वास्तविक नाम बदल कर फिर से इसे वही ‘‘सरयू” नाम ही दिया गया है तो आखिर ऐसा किसलिए और क्यों किया गया है?

दरअसल, जिस प्रकार से हमारे हर प्रकार के धार्मिक स्थलों के साथ दुव्र्यवहार किया गया और उन्हें नष्ट करके उनके नामों को भी बदल दिया गया था, उसी प्रकार से ऐसा लगता है कि इस नदी के नाम और इसकी पौराणिकता के साथ भी, वही दुव्र्यवहार किया गया, और इसे क्षेत्रीय स्तर पर कुछ अटपटे और अलग-अलग नाम भी दिए गये, और उन्हें प्रचलित भी करवाया गया। यही कारण है कि आज इस नदी का नाम बदलने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

अब अगर हम इस नदी के उन नामों की तरफ जायें जिनके कारण इसे फिर से सरयू करना पड़ रहा है, तो पता चलता है कि इस नदी को कहीं काली, घाघरा और कहीं घग्घर जैसे कुछ अटपटे और अनावश्यक नामों से भी जाना जाता है। लेकिन, फिर भी पौराणिक और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर आज भी दुनियाभर में सरयू नदी का वही वैदिक नाम प्रामाणिक और प्रचलित रूप में प्रसिद्ध है।

हालांकि, अब सरयू की लंबाई मात्र 350 किमी के दायरे में सिमट कर रह गई है। लेकिन अगर इसके पौराणिक उद्गम स्थल यानी मानसरोवर झील से इसकी लंबाई देखें तो यह करीब-करीब हजार किलोमीटर लंबी नदी है। और इसके इतने लंबे मार्ग में इसे भौगोलिक और क्षेत्रीय स्तर पर कई प्रकार के अलग-अलग नाम दिये गये हैं।

भारतीय सीमा में प्रवेश के बाद भी इसे अलग-अलग नामों से पहचाना जाता है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद इस नदी को अब आधिकारिक तौर पर अलग-अलग क्षेत्रीय नामों के आधार पर नहीं बल्कि प्रामाणिक और प्रचलित सरयू नाम से ही पहचाना जायेगा।

वर्तमान दौर में इसके नाम को बदलने का सबसे महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि अब एक बार फिर से इसी नदी के किनारे दुनिया का वही सबसे भव्य, सबसे पवित्र और सबसे महान धार्मिक स्थल यानी भगवान राम का मंदिर बन रहा है।

About The Author

admin

See author's posts

3,935

Post navigation

Previous: छत्तीसगढ़ में आज भी स्त्री-शक्ति परमशक्ति मानी जाती है
Next: सरयू नदी का नाम घाघरा कैसे हुआ?

Related Stories

Ancient indian Psychological Warfare Method
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष”

admin 31 March 2026
National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

admin 15 March 2026
Solar energy plants in desert of India
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

admin 13 March 2026

Trending News

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 1
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 2
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 3
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026
प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष” Ancient indian Psychological Warfare Method 4
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष”

31 March 2026
रामायण और वेदों का संबंध Relationship between the Ramayana and the Vedas 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

रामायण और वेदों का संबंध

27 March 2026

Total Visitor

096617
Total views : 177370

Recent Posts

  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!
  • प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष”
  • रामायण और वेदों का संबंध

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.