Skip to content
18 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • हिन्दू राष्ट्र

हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र जैसे शब्द किसने गढ़े? | Hinduism & Hindu Rashtra?

admin 16 February 2021
HINDU-RASHTRA-DRAFT
Spread the love

आज कल हम देख रहे हैं कि भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के हर उस देश में जहां भारत के हिन्दू लोग रहते हैं वहां भी अब ‘हिंदुत्व’ और ‘हिंदू राष्ट्र’ को लेकर विचारधारा का उदय हो चुका है और इसका प्रचार भी किया जा रहा है। लेकिन, ये बात बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि ‘हिंदुत्व’ और ‘हिंदू राष्ट्र’ जैसे शब्दों की रचना करने वाले और उनकी व्याख्या कर उनको हिंदू जनमानस में फैलाने वाले उस शख्स का नाम है वीर सावरकर।

दरअसल, बीसवीं शताब्दी में ‘हिंदु‘ शब्द का एक निश्चित वर्णन करने वालों में से एक थे वीर सावरकर। वीर सावरकर ने ही ‘हिंदुत्व‘ और ‘हिंदु‘ शब्द का अर्थ भी समझाया और भविष्य के लिए उसके महत्व का वर्णन भी किया।

वीर सावरकर ने हिंदू शब्द को इस सरलता से परिभाषित किया कि वह भारतीयों और खास कर सनातन और हिंदू धर्म के अनुयायियों के मन में घर कर गया। वीर सावरकर के अनुसार ‘ हिन्दू या हिन्दुत्व वह है जो भारत को अपनी जन्मभूमि और पवित्रभूमि दोनों मानता है’। वीर सावरकर ने अपनी इस थ्योरी से न सिर्फ हिंदुत्व या हिंदू को अन्य धर्मों से अलग बताया, बल्कि उनकी इस परिभाषा ने अब्राहमिक धर्मों – जैसे यहूदी, ईसाई और इस्लाम को भी अपने दायरे से बाहर रखा और केवल हिंदू के रूप में मूल धार्मिक भावनाओं को ही स्थान दिया।

हिन्दू धर्म के विषय में वीर सावरकर ने अपनी इस थ्योरी से हट कर भी एक अलग विचार को जन्म दिया जिसमें उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से ‘हिंदू राजनीति’ को महत्व देने की बात कही। यही कारण है कि आज कांग्रेस सहीत तमाम वामपंथी और अन्य धर्म या समुदाय के लोग वीर सावरकर को न सिर्फ अपना दुश्मन मानते हैं बल्कि उन्हें एक देशद्रोही भी साबित करने की कोशिश करते रहते हैं।

क्योंकि वीर सावरकर ने अपनी ‘हिंदू राजनीति’ की अवधारणा के माध्यम से हिंदू लोगों और उनकी संस्कृति की सुरक्षा का आह्वान किया और इस बात पर अधिक जोर दिया कि हमारी वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्थाएं पश्चिम से उधार ली गई हैं, इसलिए इन अवधारणाओं के बजाय अब भविष्य के लिए हमारे मूल विचार और हमारी राजनीति ‘हिंदू राजनीति’ के आधार पर ही होनी चाहिए।

वीर सावरकर ने अपने विचारों में ‘हिंदू राजनीति’ को आधार मान कर धार्मिक प्रथाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रथाओं को भी आधार बनाने पर जोर देने की बात कही थी। वीर सावरकर ने अपनी एक किताब में लिखा है कि मुस्लिमों और ईसाईयों की भूमि अरब या फिलिस्तीन यहां से बहुत दूर है। उनकी पौराणिक कथाएं और ईश्वर से जुड़ी तमाम अवधारणाएं भी मनगढ़ंत हैं। न तो उनके राष्ट्रवादी विचार हैं और ना ही उनके पौराणिक नायक हैं। भारत की मिट्टी में जन्में उनके बच्चों के नाम और उनका दृष्टिकोण भी पूरी तरह से विदेशी मूल का ही है, तभी तो उनका राष्ट्र प्रेम भी विभाजित है और राजनीति भी दोहरी है।

वीर सावरकर ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान, हिंदू महासभा के अध्यक्ष के नाते एक नारा दिया था- ‘राजनीति का हिंदूकरण और हिन्दोस्तान का मिलिटरीकरण करें’। लेकिन, राजनीतिक उठापटक के चलते उनके नारे पर अमल नहीं हो पा रहा था।

विनायक दामोदर सावरकर द्वारा लिखी गई एक वैचारिक पुस्तक ‘हिंदुत्व’ में उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि हिंदू कौन हैं और उनका दायित्व क्या है? इस पुस्तक को मूल रूप से 1923 में ‘एसेंशियल ऑफ़ हिंदुत्व’ के नाम से प्रकाशित किया गया था। और जब 1928 में इसको दौबारा प्रिंट करवाया गया तो इसे ‘हिंदुत्वः हू इज ए हिंदू?’ के नाम से प्रकाशित किया गया था। सावरकर की यही पुस्तिका स्वतंत्रता के बाद से अब तक भी ‘हिंदू राष्ट्रवाद’ के विषय पर जनमानस में जागरण का काम कर रही है।

वीर सावरकर के अनुसार ‘हिंदू धर्म’ रूपी शब्द में भारत के सभी धर्म शामिल हैं और ‘अखण्ड भारत’ यानी अविभाजित भारत के रूप में एक ‘हिंदू राष्ट्र’ के अपने दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए, पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में फैला हुआ है। दरअसल, उन्होंने अपने ये विचार उस लिखे थे जब देश के बंटवारे के बारे में दूर-दूर तक भी चर्चाएं नहीं हो रहीं थी।

dharmwani.com

About The Author

admin

See author's posts

3,343

Post navigation

Previous: कन्नौज का पौराणिक और प्राचीन इतिहास | History of Kannauj
Next: हिंदू धर्म को भी अब जरूरत है फैलाने की | Hinduism also needs to spread now

Related Stories

Traditional and Historical Khap Panchayats in Hariyana
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

Khap Panchayat: धर्म से जुडी एकमात्र जीवित परंपरागत न्यायव्यवस्था

admin 2 March 2026
Explanation of the Dharmapeeth
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

अब होगा ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद

admin 2 March 2026
What was Kamsa in his previous life
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

कंस पूर्व जन्म में क्या था…

admin 4 February 2026

Trending News

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded 1
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

15 March 2026
सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy) Solar energy plants in desert of India 2
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

13 March 2026
सरकार या Goverment क्या है? World Economic Forum meeting in Davos 2024 3
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

13 March 2026
रात में पौण्ड्रक का आक्रमण Battle between Paundraka and Lord Krishna 4
  • अध्यात्म
  • विशेष

रात में पौण्ड्रक का आक्रमण

13 March 2026
राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 5
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026

Total Visitor

093152
Total views : 170957

Recent Posts

  • सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न
  • सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)
  • सरकार या Goverment क्या है?
  • रात में पौण्ड्रक का आक्रमण
  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.