Wednesday, June 17, 2026
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क्या सचमुच तैयार है हिन्दु राष्ट्र अधिनियम का ड्राफ्ट?

सोशल मीडिया पर ‘‘हिन्दु राष्ट्र अधिनियम का ड्राफ्ट’’ के रूप में मुझे एक संदेश पढ़ने को मिला। अगर हम इस संदेश को पढ़ने और उस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रि देने वालों की माने तो जल्द ही हिन्दू राष्ट्र का सपना साकार हो सकता है। हालांकि, यह ड्राफ्ट किसने तैयार करवाया है इसको लेकर किसी विशेष व्यक्ति, संस्था या किसी भी राजनीतिक पार्टी की ओर से कोई दावा नहीं किया जा रहा है, लेकिन, इस संदेश में हजारों ही नहीं बल्कि लाखों लोगों ने इसमें अपनी दिलचस्पी दिखाई है।

‘हिन्दु राष्ट्र अधिनियम का ड्राफ्ट’’ क्या कहता है और इसमें क्या-क्या प्वाइंट्स दिये गये हैं इस विषय पर भी हम बात करेंगे, लेकिन उससे पहले यहां हमें ये भी जान लेना चाहिए कि इस ड्राफ्ट को लेेकर आम लोगों की प्रतिक्रिया क्या है। लोगों का कहना है कि यह संदेश संघ की तरफ से फैलाया जा रहा है। जबकि कुछ लोग इस सच्चाई को अच्छी तरह से जान चुके हैं कि संघ तो एक कट्टर सेक्युलरवादी विचारधारा और मुस्लिमों का रक्षक है तो फिर उसकी तरफ से ये संदेश कैसे फैलाया जा सकता है।

इस संदेश के साथ-साथ अन्य कई लोगों के भावनात्मक संदेश भी देखने और पढ़ने को मिलते हैं। यानी हिन्दु राष्ट्र अधिनियम के इस ड्राफ्ट रूपी संदेश के पक्ष में अधिक से अधिक लोगों ने न सिर्फ अपनी खुशी जाहिर की है बल्कि वर्तमान राजनीति, राजनेताओं, संविधान और मुस्लिमों के अत्याचारों का भी बार-बार जिक्र हमारे सामने आता है।

बहरहाल, हिन्दु राष्ट्र अधिनियम के इस ड्राफ्ट में ऐसा क्या लिखा है जिसकी वजह से न सिर्फ एक आम हिंदु बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज इसे पसंद कर रहा है और इससे उम्मीदें भी लगा रखीं हैं कि एक न एक दिन हमारा सपना साकार हो कर ही रहेगा।

आईये सोशल मीडिया में वायरल हो रहे ‘‘हिन्दु राष्ट्र अधिनियम’’ के इस ड्राफ्ट के कुछ महत्वपूर्ण प्वाइंट्स पर नजर डालते हैं कि आखिर इसमें ऐसा क्या है जिनको लेकर हिंदू समाज इतनी उम्मीदें लगा कर बैठा है। तो, हिन्दु राष्ट्र अधिनियम के इस ड्राफ्ट के अनुसार –

01.  हिन्दुस्तान को अब से ‘‘हिन्दू राष्ट्र’’ कहा जायेगा, जिसमें शासन का प्रमुख धर्म-सनातन हिन्दू धर्म होगा और इसकी उपशाखाओं में SC-ST वर्गों सहीत जैन, बौद्ध और सिख भी रहेंगे। SC-ST वर्ग का धर्मान्तरण पूर्णतया प्रतिबन्ध रहेगा, क्योंकि यह भी हिंदू ही हैं।

02.  हिन्दू व इसके घटकों के मंदिर, मठ, तीर्थ, ट्रस्ट, गुरूद्धारों आदि पर कोई भी टैक्स, या अधिकार सरकार का नहीं होगा।

03.  हर जिले में एक केन्द्रीय संस्कृत महा विद्यालय और कम से कम पांच ऊच्च माध्यमिक आधुनिक संस्कृत विद्यालय होंगे।

04.  कक्षा प्रथम से स्नातक शिक्षा तक संस्कृत भाषा अनिवार्य विषय होगी।

05.  वक्फ बोर्ड, मदरसा शिक्षा, ईस्लामिक शिक्षा, कट्टरता, वामपंथ आदि पर पूर्ण पाबन्दी लगेगी।

06.  भारत का इतिहास पुनः लिखा जायेगा, भ्रमित और आधारहीन इतिहास की पुस्तकों को नष्ट किया जायेगा।

07.  जिस राज्य में हिन्दू व उसके घटकों कि जनसंख्या 50 प्रतिशत से कम होगी, वहां उन्हें सभी अल्पसंख्यक लाभ मिलेंगे।

08. हिन्दू धर्म, देवी देवताओं, सभ्यता व उसके घटकों की संस्कृति, रीति-रिवाजों, इतिहास आदि की निंदा करने वाली फिल्में, लेख, वेब सीरीज, लघुफिल्म, नाटक और विज्ञापन आदि के जरिये दुष्प्रचार और गलत तथ्य आदि अपराध माना जायेगा।

09.  देश के प्रमुख संवेधानिक पदों जैसे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, निर्वाचन आयुक्त, मुख्य न्यायाधीश, हाइकोर्ट के मुख्य न्यायधीश, राज्यपाल, राज्यों के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, स्पीकर, तीनों सेना प्रमुख, मेयर, कलेक्टर, मुख्य सचिव, केबिनेट सचिव, RBI के गर्बनर आदि मुख्य पदों पर अब सिर्फ हिन्दू व उसकी उपशाखाओं से सम्बंधित व्यक्ति ही नियुक्त होंगे।

10.  केन्द्र और राज्य की सरकारी नौकरियों में, शिक्षा क्षेत्र में, चुनाव क्षेत्रों पर हिन्दू और इसके घटकों की अधिकतम सीमा 90 प्रतिशत से अधिक होगी।

11.  धर्मान्तरित कर हिंदू धर्म में आने वाले देशी-विदेशी परिवार, व्यक्ति, समूह को हिन्दू वर्ग में शिक्षा और नोकरी में पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिले।

12.  अल्पसंख्यक आयोग व अन्य लाभ बंद कर दिये जायें।

13.  70 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वाले हिन्दू जिलों में हिन्दू व घटकों की आबादी में अन्य को सम्पति खरीद व व्यपार जैसे लाभ बन्द हों।

14.  जबरजस्ती, धोखेबाजी, छल-कपट या फिर लालच से हिन्दुओं के धर्मान्तरण के लिए सजा के तौर पर उम्रकैद या 50 लाख जुर्माना आदि होगा।

15.  हिन्दू लड़के या लड़की से विवाह करने वाले अन्य धर्म वाले को अनिवार्य रूप से हिन्दू धर्म अपनाना पड़ेगा।

16.  जनसंख्या नियंत्रण को लेकर, एक विवाह, दो बच्चों की अनिवार्य जनसंख्या नीति लायी जायेगी।

17. हिन्दुओं की संपति खरीदने से पहले अन्य को एक साल पहले जिला कलेक्टर को इसकी सूचना देनी होगी।

18.  हिन्दू और इसके घटक अगर अन्य किसी धर्म को अपनाते हैं तो उन्हें एक साल पहले इसकी सूचना जिला कलेक्टर को देनी पड़ेगी।

19.  हर जिलों में एक या एक से अधिक उन्नत गोशाला व नंदी शाला होगी।

20.  बाघ के साथ अब गाय को भी राष्ट्री पशु का दर्जा मिलेगा।

21.  संपूर्ण देश में गौवंश की तस्करी, हत्या और मांस की बिक्री पर उम्रकैद।

22.  रामायण, गीता, गुरु ग्रंथ साहिब, जैन व बौद्ध ग्रंथ राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित होंगे।

23.  सरकारी नौकरी पर हिन्दू व इसके घटकों के लिए 90 प्रतिशत पद आरक्षित रहेंगे, अन्य धर्मों के लिए पद सीमा 10 प्रतिशत पदों से अधिक नहीं होगी।

24.  संसद, विधानसभा, परिषदों के 90 प्रतिशत पद हिन्दू व इसके घटकों के लिये आरक्षित होंगे।

25.  सभी हिन्दू व इसके घटकों के धार्मिक स्थलों और क्षेत्रों से अन्य धर्मों के कब्जे हटेंगे और उनका फिर से हिन्दू नामकरण, शिलान्यास होगा और पुनर्निर्माण होगा। अन्य के धार्मिक स्थलों की एक सीमा निश्चित होगी।

26.  रक्षा क्षेत्र में धर्म, जाति एवं नश्ल के आधार पर बनी रेजिमेंटे भंग होकर अब सनातन सेना ही एक रेजीमेंट होगी।

27.  चुनावों में सिर्फ उमीदवारों के नाम पर ही चुनाव होगा, उसमें जाति का उल्लेख नहीं किया जायेगा।

28.  संविधान की प्रस्तावना को सनातन रूप में लिखा जायेगा।

29.  परंपरागत और प्राचीन हिंदू शैली के खेलकुल और प्रतियोगिताओं को प्राथमिकता दी जायेगी।

हालांकि, सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे इस हिन्दु राष्ट्र अधिनियम के ड्राफ्ट में वैसे तो और भी कई सारे विषयों को लेकर छोटे-बड़े अलग-अलग प्वाइंट्स दिये गये हैं मगर, उनमें से यहां हमने मात्र कुछ का ही जिक्र किया है।

यहां हमने हिन्दु राष्ट्र अधिनियम के ड्राफ्ट से जो भी प्वाइंट बताये हैं उन पर यदि यकिन करते हुए हम इस बात पर विचार करें कि क्या वाकई ऐसा संभव हो सकता है और यदी हां तो कब और कैसे हो सकता है? क्या यह इतना आसान है या इसके लिए भी कोई बहुत बड़ी क्रांति होने वाली है या फिर हमारी वर्तमान सरकार ही इसको किसी प्रकार से बहुमत के आधार पर लागु कर सकती है? बहरहाल जो भी हो इसका जवाब तो भविष्य की गर्भ में छूपा हुआ है।

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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