Skip to content
16 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • मन की बात
  • स्वास्थ्य

निरपेक्ष आर्थिक विकास के मार्ग पर भारत

admin 25 February 2025
Villagers under a tree in India
Spread the love

Shivam Pratap Yaduvanshi_Writerग़रीबी केवल एक स्थिति का परिचायक नहीं है अतः यह दर्शाता है की व्यक्ति अपनी मूलभूत आवश्यकताओ की भी प्राप्ति नहीं कर पा रहा है ग़रीबी जैसी स्थितियां न केवल किसी व्यक्ति के मानवाधिकारों का हनन है अपितु वैश्विक विकास मांडल पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है. अमेरिकी समाजशास्त्री ऑस्कर लेविस ने वर्ष 1958 में निर्धनता की संस्कृति के विचार को लोकप्रिय बनाया और वह मानते थे की निर्धनता एक विशेष प्रकार कि संस्कृति है जो पीढ़ी- दर – पीढ़ी निर्धनता को हस्तांतरित करती है और जब निर्धनता पीढ़ी- दर – पीढ़ी चलती है तो यह एक संस्कृति का रूप ले लेती है।

देखा जाए तो लोग झुग्गी-झोपड़ियो, मलिन बस्तियों, अवैध रूप से बसे समुदायों के आस-पास इसलिए नहीं रहते कि यह उनकी इच्छा होती है बल्कि उनके पास इसके अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं होताऔर उनके पास अपने जीवन- स्तर में सुधार लाने का अवसर ही नहीं होता है ग़रीबो की संख्या अधिक होने के कारण उनकी मज़दूरी कीदर कम हो जाती है क्योकि माँग की तुलना में आपूर्ति अधिक होती है। इस कारण श्रमिक परिवार की आय कम हो जाती है जिसके कारण इन परिवारों को अपने बच्चो को भी काम पर लगाना पड़ता है फलतः बाल श्रम की समस्या उत्पन्न होती है और बच्चो में शिक्षा के प्रति कोई रुचि नहीं होती जिससे कौशल विकास की प्रक्रिया अवरुद्ध हो जाती है और गरीब की अगली पीढ़ी भी गरीब रह जाती है और ग़रीबी को दैवकृत और व्यक्ति के पूर्व कर्मों एवं पापो का फल बताए जाने की पारंपरिक पुरातन दृष्टि आज भी समाज में विधमान है।

ग़रीबो की बढ़ती जनसंख्या भी ग़रीबी का एक बड़ा कारण है जो ग़रीबी के दुश्चक्र का निर्माण करती है। ग़रीबी में कमी लाने हेतु आर्थिक विकास सबसे कारगर माध्यम है ग़रीबी में कमी लेन हेतु सरकार को चाहिए के वह रोज़गार सृजन को बढ़वा दे, जनसंख्या को नियंत्रण करे, बुनियादी सेवाओ पर सार्वजनिक खर्च को बढ़ाए, आधारभूत सुविधाओं को प्रभावी बनाए।

देखा जाए तो समय-समयपर सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाकर ग़रीबी के रोकथाम के लिए अनेकों प्रयास भी किए गए जैसे 2016 में शुरू होने वाली प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, अंत्योदय अन्न योजना, राष्ट्रीय खाध सुरक्षा, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी क़ानून, गरीब कल्याण रोज़गार अभियान, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना आदि जैसे योजनाओं से समय समय पर इनकी स्तिथि में सुधार करने के अनेकों प्रयास किए गए है। अंतः यह कहना ठीक नहीं की हम हर सफल योजना में विफल रहे है अपितु हमारे अनेकों प्रयास निरंतर जारी है जो बेहतर कल के लिए कार्य कर रहे है।

– शिवम् प्रताप यदुवंशी

(लेखक (शिवम् प्रताप यदुवंशी) मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के सिद्धि विनायक प्राइवेट लिमिटेड के संचालक है एवं स्वतंत्र लेखन करते है। लेखक द्वारा लिखे गए दर्जनों लेख जैसे सत्य अधूरा है, स्त्री कमजोर नहीं, स्त्री को हमारा समाज कमजोर करता है, हिन्दी सिर्फ़ एक भाषा नहीं हिंदी हमारा गौरव है, विभाजन, ख़त्म होता हिन्दी शब्द आदि रचनाएं कई अख़बार तथा पत्रिका में शामिल हो चुके हैं। लेखक के कई किताबों में भी लेख प्रकाशित हो चुके है जैसे काव्य दर्पण, फुलबारी, काव्य संगम, नारी शक्ति, काव्य सुरभि आदि| लेखक की किताब मुसाफ़िर प्रकाशित हो चुकी है।)

About The Author

admin

See author's posts

332

Post navigation

Previous: पुराणों के अनुसार ही चल रहे हैं आज के म्लेच्छ
Next: उज्जैन का पौराणिक ‘रूद्र सरोवर’ आज किस दशा में है

Related Stories

Polluted drinking water in India
  • पर्यावरण
  • भ्रष्टाचार
  • विशेष
  • स्वास्थ्य

UP में प्रदूषित जल से सावधान!

admin 4 March 2026
UP Lucknow food safety news
  • अपराध
  • भ्रष्टाचार
  • विशेष
  • षड़यंत्र
  • स्वास्थ्य

मिलावटखोर प्रदेश (Uttar Pradesh) का हाल बेहाल!

admin 4 March 2026
From Nithari of Noida to the Epstein Files
  • मन की बात
  • विशेष

निठारी से एपस्टीन फ़ाइल्स तक

admin 9 February 2026

Trending News

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded 1
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

15 March 2026
सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy) Solar energy plants in desert of India 2
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

13 March 2026
सरकार या Goverment क्या है? World Economic Forum meeting in Davos 2024 3
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

13 March 2026
रात में पौण्ड्रक का आक्रमण Battle between Paundraka and Lord Krishna 4
  • अध्यात्म
  • विशेष

रात में पौण्ड्रक का आक्रमण

13 March 2026
राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 5
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026

Total Visitor

093036
Total views : 170742

Recent Posts

  • सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न
  • सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)
  • सरकार या Goverment क्या है?
  • रात में पौण्ड्रक का आक्रमण
  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.