google.com, pub-8987397094180457, DIRECT, f08c47fec0942fa0 विविध – DHARMWANI.COM
29 January 2026

विविध

शिखिमुकुटविशेषं नीलपद्माङ्गदेशं । विधुमुखकृतकेशं कौस्तुभापीतवेशम् ।। मधुररवकलेशं शं भजे भ्रातृशेषं ।  व्रजजनवनितेशं माधवं राधिकेशम् ॥ (गर्गसंहिता १०...
ऋतुकाल में चार दिन तक स्त्री का त्याग करें, क्योंकि चौथे दिन स्त्रियां स्नानकर शुद्ध होती हैं...
आओ इतिहास में झांकते हैं… तुम्हारे अनुसार मूलनिवासी तुम थे, लेकिन मुहम्मद बिन कासिम से महाराज दाहिर...
सनातन धर्म सम्राट ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के कर कमलों द्वारा मुझे कल...
जब स्वामी दयानन्द सरस्वती ने ‘सत्यार्थप्रकाश’ की रचना आरम्भ की, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो वे...