भाषा-साहित्य

आयुर्वेद के सुश्रुत श्रग्निवेश श्रादि प्राचीन श्राचार्यों ने आयुर्वेद को मोटे तौर पर आठ अङ्गों में विभक्त...
शिखिमुकुटविशेषं नीलपद्माङ्गदेशं । विधुमुखकृतकेशं कौस्तुभापीतवेशम् ।। मधुररवकलेशं शं भजे भ्रातृशेषं ।  व्रजजनवनितेशं माधवं राधिकेशम् ॥ (गर्गसंहिता १०...
ऋतुकाल में चार दिन तक स्त्री का त्याग करें, क्योंकि चौथे दिन स्त्रियां स्नानकर शुद्ध होती हैं...
जब स्वामी दयानन्द सरस्वती ने ‘सत्यार्थप्रकाश’ की रचना आरम्भ की, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो वे...
परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती १००८ द्वारा विरचित राष्ट्रनदी गंगा गान (तर्ज –...