google.com, pub-8987397094180457, DIRECT, f08c47fec0942fa0 भाषा-साहित्य – DHARMWANI.COM
30 January 2026

भाषा-साहित्य

शिखिमुकुटविशेषं नीलपद्माङ्गदेशं । विधुमुखकृतकेशं कौस्तुभापीतवेशम् ।। मधुररवकलेशं शं भजे भ्रातृशेषं ।  व्रजजनवनितेशं माधवं राधिकेशम् ॥ (गर्गसंहिता १०...
ऋतुकाल में चार दिन तक स्त्री का त्याग करें, क्योंकि चौथे दिन स्त्रियां स्नानकर शुद्ध होती हैं...
जब स्वामी दयानन्द सरस्वती ने ‘सत्यार्थप्रकाश’ की रचना आरम्भ की, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो वे...
परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती १००८ द्वारा विरचित राष्ट्रनदी गंगा गान (तर्ज –...