शिखिमुकुटविशेषं नीलपद्माङ्गदेशं । विधुमुखकृतकेशं कौस्तुभापीतवेशम् ।। मधुररवकलेशं शं भजे भ्रातृशेषं । व्रजजनवनितेशं माधवं राधिकेशम् ॥ (गर्गसंहिता १०...
शिक्षा-जगत
जो लोग वर्णाश्रम-धर्म को अस्वीकार करते हैं, जो लोग अपने स्वधर्म से पलायन कर चुके हैं, जो...
ब्राह्मण में ऐसा क्या है कि सारी दुनिया ब्राह्मण के पीछे पड़ी है। तो इसका उत्तर कुछ...
– हमारा विनाश उस समय से शुरू हुआ था जब हरित क्रांति के नाम पर देश में...
– न्यूजीलैंड में खुल रहे हैं कई ‘नेचर स्कूल’ – खेतों-तालाबों के आस-पास में समय गुजारते हैं...
एक राजा थे, उनका नाम था चक्रवेणु। वह बड़े ही धर्मात्मा थे। राजा जनता से जो भी...
अजय चौहान | शताब्दियों तक शैक्षणिक जगत पर जिन शब्दकोष-निर्माताओं ने राज्य अथवा शासन किया हो उनकी क्षमता...
इजरायल, अमेरिका और आस्ट्रेलिया से कुछ सनातन-प्रेमी लगातार “श्रीविष्णु धर्मोत्तर महापुराण” की मांग करते रहते हैं। हालाँकि,...
मनुस्मृति का काल सृष्टि के प्रारम्भ से ही होने के कारण वर्तमान संवत् २०७७ तक लगभग १...
अजय सिंह चौहान । प्राचीन वर्ण व्यवस्था को जाति का नाम देकर समाज को बांटने का कार्य...
विवाह सहित अन्य सभी प्रकार के मंगल पूजा इत्यादि कार्य करने के बाद सामर्थ्य होते हुए भी...
11.02.2024 दिनाङ्के दिल्लीप्रान्तस्य बुराड़ीजनपदे श्रीनिवाससंस्कृतगुरुकुलस्य प्राङ्गणे संस्कृतभारतीद्वारा संस्कृतसम्मेलस्यायोजनम् विहितम्। अस्मिन् सम्मेलने सार्धद्विशताधिकाः संस्कृतानुरागिणः सामाजिकाः च सम्मिलिताः। एतस्मिन्...
आइंस्टीन के जो ड्राइवर थे, उन्होंने एक दिन आइंस्टीन से कहा- ” सर,आप हर सभा में जो...
अपने देश में कोचिंग जिस तरह से उद्योग का रूप लेता जा रहा है, उससे तो यही...
एक बार कुछ बुजुर्ग दोस्तों की एक टीम किसी पार्क में बैठी अपने अच्छे-बुरे अनुभवों को बांटते...