Sunday, May 31, 2026
Homeमीडियाफिल्म जगतकाबिलियत है तो गाॅडफादर का होना जरूरी नहींः राजेश कुमार

काबिलियत है तो गाॅडफादर का होना जरूरी नहींः राजेश कुमार

डांस हमेशा से ही बाॅलीवुड की जड़ों में रहा है क्योंकि डांस के बिना बाॅलीवुड फिल्मों को चलना लगभग असंभव होता है। ऐसे में यहां कोरियोग्राफर का भी उतना ही महत्व है जितना किसी भी फिल्म में एक प्रमुख कलाकार का। तभी तो कहा जाता है कि बाॅलीवुड में ऐसे बहुत ही कम कोरियोग्राफर हैं, जो अपने ख्वाबों को पूरा कर पाते हैं और जाने-माने कलाकारों को अपने इशारों यानी अपनी कोरियोग्राफी की कला के दम पर नचा पाते हैं।

भारतीय फिल्म उद्योग से जुडे लगभग हर क्षेत्र में अनेकों उभरते हुए कलाकारों के बारे में हम आये दिन सुनते रहते हैं। कुछ तो आते हैं और खो भी जाते हैं और आम दर्शकों को उनका पता भी नहीं चलता। जबकि कुछ कलाकार और फिल्म जगत के रचनात्मक क्षेत्र में अपनी गहरी छाप छोड़ने में कामयाब हो जाते हैं। तभी तो वे लगातार अपना मुकाम बनाने में कामयाब हो जाते हैं। ऐसे ही रचनात्मक और कलात्मक कार्य में शुमार होने वाले लोगों में सबसे अलग स्थान रखने वाला नाम है कोरियोग्राफर राजेश कुमार का।

राजेश कुमार ने बाॅलिवुड में न सिर्फ कोरियोग्राफर के तौर पर अपना सिक्का जमाया है बल्कि वे बतौर फिटनेस ट्रेनर भी बाॅलीवुड में महारत हासिल की है।

Rajesh Choreographer_5कहा जाता है कि बाॅलिवुड में किस्मत आजमाने या कदम रखने के लिए किसी न किसी गाॅडफादर का होना जरूरी होता है वहीं राजेश कुमार ने खुद अपने दम पर ऐसा कर दिखाया है कि उन्हें ना तो गाॅडफादर की जरूरत महसूस हुई और ना ही किसी सिफारिश की, बल्कि उन्होंने खुद अपनी कला और संषर्घ के दम पर ही यहां हाथ आजमाकर स्थान बनाया है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि 6 अगस्त वर्ष 1992 को गुजरात के अहमदाबाद में जन्मे राजेश कुमार का आज हमें देखने में जितना सरल लगता है उतना ही मुश्किल भरा उनका गुजरा हुआ कल रहा है।

संक्षिप्त में कहें तो जहां एक ओर बाॅलिवुड के तमाम सितारे बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, दिल्ली और पंजाब जैसी जगहों से अपनी किस्मत आजमाने आते हैं वहीं राजेश कुमार ने अहमदाबाद जैसे देश के एक ऐसे हिस्से से बाॅलिवुड में कदम रखा जहां से अब तक बहुत ही कम या लगभग ना के बराबर लोगों ने ऐसा किया है।

सन 2014 से अब तक बाॅलिवुड फिल्मों में बतौर कोरिओग्राफर का काम कर रहे राजेश कुमार ने बाॅलीवुड के कई नामी सितारों जैसे गोविंदा, गीता कपूर, मीका सिंह और विद्या बालन आदि को भी अपने इशारों पर नचाया है। राजेश ने जैकी श्राॅफ, मनीष पाॅल, बाॅस्को-सीजर, कपिल और शर्मा जैसे जानी मानी हस्तियों के साथ भी काम किया है। इसके अलावा मुंबई के मशहूर आर. के. डांस इंस्टिट्यूट में भी राजेश ने बतौर अस्सिस्टेंट कोरियोग्राफर का काम किया है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि राजेश ने अपनी मेहनत और काबिलियत की बदौलत ही आज खुद को बाॅलीवुड में स्थापित किया है।

राजेश ने बाॅलीवुड को तमाम तरह के ऐसे-ऐसे नए डांसिंग स्टाइल दिए हैं जो चर्चा में बने रहे। इन सब के अलावा राजेश ने जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य किये हैं उनमें से राॅक योर फीट, डांस पे चांस, फेम आफ द डांसिंग सुपर स्टार जैसे और भी कई प्रोग्राम्स में बतौर जज और चीफ गेस्ट के तौर पर शिरकत की है।

राजेश का कहना है कि बाॅलिवुड के दम पर जब उन्हें सन 2015 में दुबई जाने का अवसर मिला तो उन्होंने वहां भी अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर एक नया मुकाम बनाया है और दुबई में द हाइव ज्वाइन करने के बाद राजेश की किस्मत ने और एक पायदान पर छलांग लगा दी। क्योंकि दुबई के उस हाइव से जुड़ने के बाद राजेश को ग्लोबल विलेज, इंडियन क्लब होली फेस्टिवल, इंडियन क्लब नवरात्री फेस्टिवल, द जंक्शन डांस वर्कशाॅप जैसे कई शोज में भी दमदार अवसर मिले। इसके अलावा कलर्स के सरताज और डांस पे चांस जैसे कुछ मशहूर टीवी शोज में भी राजेश ने अपनी प्रतिभा के दम पर शोज को प्रसिद्धि दिलाई। साल 2016 में उन्हें मशहूर फिल्म ‘Any Body Can Dance’ में भी कोरियोग्राफी का जलवा दिखाने का अवसर मिल गया।

राजेश की काबिलियत के सितारे दिनोदिन चमकते जा रहे थे। इसलिए अब राजेश का सफर सिर्फ बाॅलीवुड में कोरियोग्राफी तक ही सिमित नहीं रहा और देश के कई मशहूर घरानों में होने वाले विवाह समारोह में भी राजेश की कोरियोग्राफी ने चार चाँद लगा दिए।

वरुण धवन और श्रद्धा कपूर जैसे बाॅलिवुड के सितारों के साथ काम करने वाले राजेश ने न सिर्फ हिन्दी भाषा की फिलामें में अपना योगदान दिया है बल्कि भोजपुरी और गुजरती फिल्मों में भी अपनी कोरियोग्राफी का योगदान दिया है।

#dharmwani

admin
adminhttp://dharmwani.com
देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments