Thursday, May 28, 2026
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हिन्दुओं के ज्ञान-विज्ञान का प्राचीन खजाना है ‘कालजयी भारतीय ज्ञान’

भगवती प्रकाश शर्मा द्वारा लिखी गई एक बहुत ही अच्छी पुस्तक आई है, जिसका नाम है- ‘कालजयी भारतीय ज्ञान’। (Kaaljayee Bharatiya Gyan Book in Hindi by Bhagwati Prakash Sharma) इस पुस्तक में हमारे वेदों, पुराणों, ब्राह्मण ग्रंथों, उपनिषदों, आरण्यकों, रामायण, महाभारत एवं प्राचीन सनातन ग्रंथों आड़ में जिस उन्नत और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान का खजाना दिया गया है यहां इस पुस्तक के माध्यम से उसका संदर्भ प्रस्तुत किया गया है।

इस ‘कालजयी भारतीय ज्ञान’ (Kaaljayee Bharatiya Gyan Book in Hindi by Bhagwati Prakash Sharma) पुस्तक के माध्यम से ब्रह्मांड की ऊर्जा, ब्रह्मांड की उत्पत्ति का वैज्ञानिक विमर्श, सौरमंडल रहस्य, प्रकाश की गति का वैदिक विमर्श, गुरुत्वाकर्षण का प्राचीन वैदिक व अन्य शास्त्रों का संदर्भ ज्ञान, ग्रहण का वैज्ञानिक विवेचन आदि की शास्त्रोक्त व्याख्या की गई है।

इसके अतिरिक्त हमारे वेदों में लोकतंत्र, गणराज्य एवं राष्ट्र की प्राचीन संकल्पना, राष्ट्राध्यक्ष के चुनाव का वैदिक विमर्श, राजपद व उसकी मर्यादाएँ, राजा या शासनाध्यक्ष की वैदिक शपथ, प्राचीन बहुस्थानिक व्यवसाय के संदर्भ, उद्योग, व्यापार व वाणिज्य लोक वित्त के कई प्राचीन संदर्भ आदि की भी व्याख्या प्रस्तुत की गई है।

इस ‘कालजयी भारतीय ज्ञान’ नामक पुस्तक में हमारे प्राचीन एवं उन्नत शब्द विज्ञान, उन्नत भौतिकीय, रासायनिक व गणितीय ज्ञान के संदर्भों का भी विवेचन किया गया है।

वैदिक सूर्योपासना के वैश्विक प्रसार और अमेरिकी पुरावशेषों पर भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव के संदर्भों का भी विवेचन किया गया है।

दिल्ली स्थित प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस ‘कालजयी भारतीय ज्ञान’ शीर्षक रूपी पुस्तक (Kaaljayee Bharatiya Gyan Book in Hindi by Bhagwati Prakash Sharma) से वेदों में सार्वभौम राष्ट्र व शासन-पद्धतियों की अवधारणा, राष्ट्र, राज्य व राजशास्त्रों के वैदिक विवेचना की गई है। कुल मिलाकर यह भारतवर्ष के समृद्ध, समुन्नत, सर्वमान्य ज्ञान-परंपरा का एक वृहद् व व्यावहारिक विश्वकोश है।

हिंदी भाषा में प्रकाशित तथा पेपरबैक में उपलब्ध 248 पेजों की यह पुस्तक वर्तमान में 400 रुपये मूल्य में उपलब्ध है।

पुस्तक प्राप्ति लिंक: https://www.kapot.in/product/kaaljaye…

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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