Skip to content
3 April 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

Voice of God: कितनी सटीक है भगवान की वाणी

admin 5 April 2022
Sri Krishna Bhagwan
Spread the love
भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में यह क्यों कहा,
स्वधर्मे निधन श्रेय: परधर्मो भयावह:।
जब तक हिंदुओं का अपने धर्म पर अटल विश्वास था, धर्म पग-पग पर उनकी रक्षा करता था। जब से हिंदुओं का धर्म-बंधन शिथिल हुआ धर्म ने उसका साथ छोड़ दिया। और यह धर्म-बंधन शिथिल ‘पंचमक्कारवाद’ के फैलाए जाल के कारण हुआ।
मनु ने कहा है,
धर्म एव हतो हन्ति, धर्मो रक्षति रक्षित:।
तस्माद्धर्म्मो न हन्तव्यो, मानो धर्मो हतोऽवधीत्।।
अर्थात्:- नष्ट हुआ धर्म ही नाश करता है, और रक्षित किया धर्म ही रक्षा करता है। नष्ट धर्म कहीं हमें नष्ट न कर दे, अतः कभी धर्म का नाश नहीं करना चाहिए।
परंतु हिंदुओं ने तो अपने ही धर्म का नाश कर पश्चिम के ‘एक किताबी’, समाजवादी और सेक्यूलरिज्म के दूषित विचार का अफीम चाट लिया, और उनका शनै:- शनै: नाश होता चला गया।
उदाहरण के लिए जो हिंदू १००० साल की गुलामी में भी म्लेच्छ का प्रतिकार करते रहे, आज उनके वंशज मौजूद हैं, और जिन्होंने भय, लालच आदि के कारण अपना धर्म त्याग दिया उनकी पूरी पहचान ही मिट गई!
भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है,
स्वधर्मे निधन श्रेय: परधर्मो भयावह:।
अर्थात् स्वधर्म में स्थित पुरुष की मृत्यु भी श्रेष्ठ है क्योंकि दूसरेका धर्म भयदायक और हेय है।
भगवान की वाणी कितनी सटीक है। आज देख लीजिए धर्मांतरित म्लेच्छ बात-बात में ‘भय का माहौल है’ का नारा पीटते रहते हैं। उपराष्ट्रपति बन जाएं या IITins, हमेशा भय की ही गति से आबद्ध हैं। ये म्लेच्छ दुनिया में जहां कहीं भी है, दुनिया का वह हिस्सा अशांत है।
तो हे हिंदुओं अपने सनातन धर्म को दृढ़ता से धारण करो ताकि धर्म तुम्हारी सदा ही रक्षा करे। धर्मो रक्षति रक्षित:।
जयश्री कृष्ण!
– संदीप देव

About The Author

admin

See author's posts

1,411

Post navigation

Previous: कल्पेश्वर की यात्रा पर कब जायें, कैसे जायें, कितना खर्च होगा? संपूर्ण जानकारी के साथ
Next: Vedic Calendar: वैदिक कैलेंडर के माह और महत्व

Related Stories

bharat barand
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

admin 1 April 2026
what nonsense is this - let them say
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

admin 31 March 2026
Bhavishya Malika
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

admin 31 March 2026

Trending News

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 1
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 2
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 3
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026
प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष” Ancient indian Psychological Warfare Method 4
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष”

31 March 2026
रामायण और वेदों का संबंध Relationship between the Ramayana and the Vedas 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

रामायण और वेदों का संबंध

27 March 2026

Total Visitor

095228
Total views : 174875

Recent Posts

  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!
  • प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष”
  • रामायण और वेदों का संबंध

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.