
– इमली के गूदे को हाथ की हथेलियों और पैरों के तलवों पर मलने से लू का असर खत्म हो जाता है।
– छह-सात कच्चे आम (अमियां) उबाल लें या राख में सेंक कर भून लें। फिर इन्हें कुछ देर ठंडे पानी में रखें। ठंडा हो जाने पर छिलका उतार कर जितने ग्लास पना बनाना हो उतना पानी लें। फिर उबले आमों का गूदा हाथों से निकालकर पानी में अच्छी तरह घोल लें। तत्पश्चात थोड़ा सा गुड़, धनियां, नमक व काली मिर्च डालकर पने को तैयार करें। यह पना दिन में तीन से चार बार पीने से रोगी को तुरंत आराम मिल जाता है।
– लू लगने पर प्याज के रस से कनपटियों और छाती पर मालिश करें। जल्दी आराम मिलेगा।
– आलू बुखारे को गर्म पानी में डाल कर रखें और उसी पानी में मसल लें। इसे भी आम के पने की तरह बना कर पीने से लू लगने से होने वाली जलन और घबराहट खत्म हो जाती है।
– लू लगने से रोगी को तेज बुखार चढ़ता है। इसके लिए इमली को उबाल कर उसे छान लें और शर्बत की तरह पियें। इमली को उबालकर उस पानी में तौलिया भिगो कर उसके छींटे मारने से भी लू में आराम मिलता है।
– भुने हुए प्याज को पीस कर उसमें जीरे का चूर्ण और मिश्री मिलाकर खाने से लू से राहत मिलती है।
– रोजाना भोजन के साथ कच्चा प्याज खाने से लू नहीं लगती है, ऐसी मान्यता है।
– धनियां के पानी में चीनी मिला कर पीने से लू का असर कम होता है।