Skip to content
17 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष

हिंसा, मनोविज्ञान और न्यायशास्त्र

admin 25 February 2026
Law & Order in India
Spread the love

मनोविज्ञान ये कहता है कि समाज में जितने भी अराजक तत्व और आतंकवादी प्रवृत्ति के हिंसक लोग होते हैं वे सब पूर्वजन्म के शापित और पाप के वशीभूत होते हैं। धर्म ये कहता है कि उनसे यदि समाज को छुटकारा पाना है तो उनको केवल मार देने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं होता। फिर चाहे वे शासक के कितने ही नजदीकी या रिश्ते-नातेदार ही क्यों न हों। हमारे सनातन के पौराणिक और प्राचीन शास्त्रों में भी यही स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि ऐसे अराजक तत्वों को मृत्यु दंड देने के अलावा अन्य कोई विकल्प शेष नहीं रह जाता।

हालांकि हमारे शास्त्र यह भी कहते हैं कि जो थोड़े कम अराजक प्रवृत्ति के लोग होते हैं उनके लिए समाज की मुख्य धारा में लौटने का एक अवसर अवश्य होता है इसलिए उन्हें कम या अधिक दंडात्मक प्रावधानों या फिर किसी अन्य प्रकार के माध्यम से अथवा काल कोठरी आदि में डालकर समाज में लौटने का अवसर दिया जाता है।

इस विषय पर केवल पौराणिक और प्राचीन शास्त्र ही नहीं बल्कि आधुनिक संविधान और कानूनी प्रावधान आदि भी यही बात कहते हैं और उसी के आधार पर दंड भी निश्चित किए जाते हैं। भले ही आज मुख्य रूप से भारत में इन दंडात्मक प्रावधानों पर ठीक से अमल नहीं हो पा रहा है, लेकिन अन्य देशों की सरकारें आज भी उन दंडात्मक प्रावधानों को ठीक से लागू करवाने में आगे रहतीं हैं। और इस बात के कई उदाहरण हमारे सामने हैं।

इसलिए मनोविज्ञान के साथ हमारे शास्त्र भी यही कहते हैं कि उनकी प्रवत्ति, अज्ञानता को जड़ से समाप्त कर समाज का उद्धार किया जाए और समाज में शांति स्थापित की जाए। क्योंकि उन तमस प्रवृत्तियों की समाप्ति होने से ही हमारे गोवंश और हमारे साधु संतों की हमारे मठ मंदिरों की रक्षा हो सकेगी। इसलिए केवल एक बार ही उन अराजक तत्वों को सुधारने का अवसर देना चाहिए बार-बार नहीं।

न्याय शास्त्र यही कहता है कि यदि एक बार में भी वे न माने तो उनके दमन का और उनके सर्वनाश का उपाय बनाना चाहिए और उनका नाश कर देना चाहिए। यही मनुस्मृति भी कहती है, यही क्षत्रिय धर्म और सनातन धर्म का भी कहना है। और यही कारण है कि केवल वही ही लोग झुंड बनाकर मनुस्मृति का विरोध करते हैं और सनातन धर्म का विरोध करते हैं जो समाज और धर्म से ऊपर स्वयं को स्थापित करना चाहते हैं।

About The Author

admin

See author's posts

32

Post navigation

Previous: भारतीय मीडिया – समाप्ति की ओर…!
Next: क्या यही अच्छे दिन हैं…?

Related Stories

National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

admin 15 March 2026
Solar energy plants in desert of India
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

admin 13 March 2026
World Economic Forum meeting in Davos 2024
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

admin 13 March 2026

Trending News

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded 1
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

15 March 2026
सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy) Solar energy plants in desert of India 2
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

13 March 2026
सरकार या Goverment क्या है? World Economic Forum meeting in Davos 2024 3
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

13 March 2026
रात में पौण्ड्रक का आक्रमण Battle between Paundraka and Lord Krishna 4
  • अध्यात्म
  • विशेष

रात में पौण्ड्रक का आक्रमण

13 March 2026
राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 5
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026

Total Visitor

093129
Total views : 170915

Recent Posts

  • सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न
  • सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)
  • सरकार या Goverment क्या है?
  • रात में पौण्ड्रक का आक्रमण
  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.