Skip to content
17 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • फिल्म जगत
  • षड़यंत्र
  • सम्प्रदायवाद

हिन्दू विरोधी ज़िहाद का सटीक उदहारण है बॉलीवुड

admin 8 November 2021
Bollywood
Spread the love

हमारे बॉलीवुड में हिन्दूद्रोही और ज़िहाद वर्ग आज कितना ताकतवर और खतरनाक हो गया इसका सबसे घातक उदाहरण लिख रहा हूं।

वर्ष 1973 में 29 वर्ष के एक संगीतकार ने हिंदी फ़िल्मों में प्रवेश किया था। अगले 15 वर्षों में इस संगीतकार ने 36 फिल्मों में संगीत दिया था। 1987 में इस संगीतकार ने चरम को तब छूआ था जब दूरदर्शन पर कालजयी धरावाहिक “रामायण” प्रसारित हुआ था।

रामायण को सर्वकालीन सर्वाधिक लोकप्रिय धारावाहिक बनाने में उस धारावाहिक के अमर संगीत का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। रामायण धारावाहिक का अमर गीत “हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की…” जिसे पिछले वर्ष दिसंबर में यूट्यूब पर अपलोड किया गया और उसे अबतक 11.76 करोड़ लोग देख चुके हैं।

इतनी अभूतपूर्व सफलता के आसपास तक कोई दूसरा गीत आजतक नही पहुंच सका है। उस गीत को अपने संगीत से सजाने के साथ ही साथ लिखा भी उसी संगीतकार ने। उनका नाम था आदरणीय रविंद्र जैन जी।

1987 में शुरू हुआ रामायण धारावाहिक 1988 में खतम हुआ था। इसी के साथ रविन्द्र जैन पर बॉलीवुड ज़िहाद चला रहे बॉलीवुड माफिया का कहर बरसने लगा था।

आपको आश्चर्य होगा कि 15 वर्षों की समयावधि में अपने सुपरहिट गीत संगीत से सजी हुईं चोर मचाए शोर, गीत गाता चल, अंखियों के झरोखों से, नदिया के पार, चितचोर, फकीरा सरीखी अनेक फिल्मों समेत 36 फिल्मों के संगीतकार रहे रविंद्र जैन जी के पास 1987-88 में रामायण को मिली कालजयी सफलता के बाद काम का अकाल पड़ गया था।

15 वर्षों में 36 फिल्मों का संगीत देने वाले रविन्द्र जैन को अगले 26 वर्षों में केवल 10 फिल्मों में काम मिला था। जिनमें हिना को छोड़कर शेष 9 फिल्में छोटे मोटे निर्माताओं की बी और सी ग्रेड की फिल्में थीं। जबकि होना यह चाहिए था कि “रामायण” के संगीत की अभूतपूर्व सफलता के बाद उनके पास काम की बाढ़ आ जानी चाहिए थी।

लेकिन बॉलीवुड के ज़िहाद माफिया को रविंद्र जैन द्वारा “हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की…” सरीखी अमर रचना करने वाला गीतकार संगीतकार अपने राह की सबसे बड़ी बाधा लगा था। अतः उसे सुनियोजित तरीके से समाप्त कर दिया गया था।

केवल रविंद्र जैन ही नहीं। रामायण के बाद दूसरे सबसे सफल धारावाहिक महाभारत में भीअमर संगीत को देने वाले संगीतकार राजकमल ने महाभारत से पहले 16 वर्षों में 16 फिल्मों में संगीत दिया था लेकिन महाभारत की अभूतपूर्व सफलता के बाद अगले 16 वर्षों में केवल 3 फिल्मों में संगीतकार का कार्य मिला था।

वह तीनों ही फिल्में बहुत छोटे निर्माताओं की बी & सी ग्रेड की ही फिल्में थीं।
अब यह भी जान लीजिए कि भजनों से सजे भक्ति संगीत को घर घर तक पहुंचाने वाले गुलशन कुमार की 1997 में हत्या कर दी गयी।

अनूप जलोटा, अनुराधा पौड़वाल सरीखे भजन गायक अचानक गायब हो गए।

चैनलों के पर्दों पर नाचने, गाने वाले रैपर और रीमिक्सर गायक,गायिकाएं छा गए। इन्होंने भारतीय सभ्यता और संस्कृति को पूरी तरह तहस नहस करने वाली अश्लीलतम प्रस्तुतियों की भरमार कर दी।

एक और हैरतअंगेज तथ्य यह भी जानिए कि 1954 में शुरू हुए फ़िल्फेयर एवार्ड में 1989 तक दिए गए वर्ष के सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के 34 एवार्ड में से 3 बार यह एवार्ड जीतने वाले संगीतकार मुस्लिम थे।

लेकिन इसके बाद 1990 से 1921 तक दिए गए सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के 32 एवार्ड में से 20 बार यह एवार्ड पाने वाले संगीतकार मुस्लिम थे।

1990 के दशक में उभरे उदित नारायण, कुमार सानू, सोनू निगम, अभिजीत सरीखे कई प्रतिभाशाली गायक उभरे और गायब हो गए। उनकी जगह पाकिस्तान से आयातित गायक, गायिकाएं बॉलीवुड पर किस तरह छा गए यह पूरे देश ने देखा है।

हिन्दू, हिंदुत्व, हिन्दू धर्म के ख़िलाफ़ बॉलीवुड के इस सुनियोजित ज़िहाद की यह कहानी बहुत लंबी है।

पत्रकारिता में प्रवेश से पूर्व होटल मैनेजमेंट का डिप्लोमा प्राप्त करने के पश्चात अपनी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग पूर्ण करने के लिए मई 1991 में लखनऊ के एकमात्र पंचतारा होटल क्लार्क्स अवध में कार्य प्रारम्भ किया था।

उस समय 1991 के लोकसभा और उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर था। विभिन्न दलों के स्टार प्रचारकों के रूप में लखनऊ पहुंचने वाले फिल्मी सितारों का एकमात्र ठिकाना क्लार्क्स अवध ही बना हुआ था।

उन दिनों मेरा कार्य फ्रंट ऑफिस (रिसेप्शन) पर था। अतः उन सबसे मेरा सामना होता था। भाजपा के प्रचार के लिए रविंद्र जैन और शत्रुघ्न सिन्हा भी लखनऊ पहुंचे थे।

रविंद्र जैन को सुनने के लिए उनकी चुनावी सभाओं में अपार भीड़ उमड़ रही थी। उनके द्वारा गाए जा रहे उनके लिखे रामायण धारावाहिक के गीतों, तथा मंगल भवन अमंगल हारी… सरीखी चौपाइयों पर जनता सुधबुध खो कर झूमती थी।

मैंने उनसे मिलने की इच्छा व्यक्त की तो उन्होंने कहा प्रचार से लौटने के बाद रात में मेरे कमरे में आइयेगा। जब मैं उनसे मिलने पहुंचा और डोरबेल बजायी तो उन्होंने अंदर बुला लिया। लेकिन अंदर जाकर मैंने देखा कि वह महान विभूति,पट्टे के अंडरवियर और सैंडो बनियान पहने हुए आराम से पालथी मारकर, बैठकर भोजन कर रहें है।

यह देख मैं उनसे क्षमा मांगते हुए तत्काल वापस जाने लगा, लेकिन उन्होंने मुझे रोकते हुए कहा कि नहीं नहीं कोई बात नहीं, बैठो।

इतने प्रख्यात व्यक्तित्व की ऐसी सहजता से मैं हतप्रभ था। कुछ क्षणों की उस भेंट में मैंने साहस कर के उनसे पूछ लिया था, कि आपका होटल का बिल आप स्वंय देंगे जबकि प्रचार के लिए आए सभी स्टार प्रचारकों का बिल भुगतान के लिए हम लोग भाजपा कार्यालय भेज रहे हैं।

इतने प्रख्यात व्यक्तित्व की ऐसी सहजता से मैं हतप्रभ था। कुछ क्षणों की उस भेंट में मैंने साहस कर के उनसे पूछ लिया था, कि आपका होटल का बिल आप स्वंय देंगे जबकि प्रचार के लिए आए सभी स्टार प्रचारकों का बिल भुगतान के लिए हम लोग भाजपा कार्यालय भेज रहे हैं।

यह प्रश्न मैंने इसलिए पूछा था क्योंकि फ्रंट ऑफिस का कार्य संभालने के कारण मैं इस तथ्य से परिचित था।

रविंद्र जैन जी ने मुझे जो जवाब दिया था उसे मैं आजीवन नहीं भूलूंगा। उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं भाजपा का चुनाव प्रचार करने नहीं आया हूं, मैं रामकाज के लिए आया हूं। रामकृपा से जितना सम्भव हो रहा है, उतना योगदान कर रहा हूं।

यही वह क्षण था जब रविंद्र जैन मेरे लिए केवल संगीतकार मात्र नहीं रह गए थे, उस दिन से वो मेरे लिए परम् आदरणीय रामभक्त रविंद्र जैन हो गए थे….

– सतीश चन्द्र मिश्र

About The Author

admin

See author's posts

1,855

Post navigation

Previous: त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर- तेजस्वी प्रकाश का साक्षी है यह स्थान | Trimbakeshwar Jyotirling Darshan
Next: Chhath Puja : सूर्य उपासना का विशेष पर्व है छठ पूजा

Related Stories

World Economic Forum meeting in Davos 2024
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

admin 13 March 2026
UP Lucknow food safety news
  • अपराध
  • भ्रष्टाचार
  • विशेष
  • षड़यंत्र
  • स्वास्थ्य

मिलावटखोर प्रदेश (Uttar Pradesh) का हाल बेहाल!

admin 4 March 2026
Shankaracharya Ji asked the government to free the grazing land immediately - Bhagalpur Bihar
  • विशेष
  • षड़यंत्र

साजिशकर्ता और न्यूज़ चैनल के झूठ का पर्दाफाश!

admin 27 February 2026

Trending News

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded 1
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

15 March 2026
सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy) Solar energy plants in desert of India 2
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

13 March 2026
सरकार या Goverment क्या है? World Economic Forum meeting in Davos 2024 3
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

13 March 2026
रात में पौण्ड्रक का आक्रमण Battle between Paundraka and Lord Krishna 4
  • अध्यात्म
  • विशेष

रात में पौण्ड्रक का आक्रमण

13 March 2026
राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 5
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026

Total Visitor

093050
Total views : 170766

Recent Posts

  • सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न
  • सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)
  • सरकार या Goverment क्या है?
  • रात में पौण्ड्रक का आक्रमण
  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.