ऋषी तिवारी
नोएडा। शहर में बढ़ती जनसमस्याओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सामाजिक संस्था ‘नोएडा सिटीजन फोरम’ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने सेक्टर-150 में युवा इंजीनियर की संदिग्ध मौत, अवैध निर्माणों, जल संकट और बिगड़ते पर्यावरण को लेकर त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की तीखी मांग उठाई। फोरम ने इन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाने की चेतावनी दी है। प्रेस वार्ता में फोरम द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं:
युवराज मेहता केस: SIT रिपोर्ट पर उठे सवाल, मांगी न्यायिक जांच
बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे चर्चित मुद्दा सेक्टर-150 के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत रहा। शालिनी सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी SIT ने तय समयसीमा के बजाय लगभग तीन महीने बाद रिपोर्ट दी, जो लापरवाही का पर्याय है। उन्होंने कहा कि SIT ने अपनी रिपोर्ट में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया है, जबकि इसमें शामिल उच्च अधिकारियों की भूमिका पर पर्दा डाला गया है। फोरम ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) की मांग रखी है।
अवैध बैंक्वेट हॉल और बारात घरों पर चल रहा खुलेआम कारोबार
बता दें कि शहर में बेजमाने चल रहे अवैध बैंक्वेट हॉल और बारात घरों का मुद्दा भी गरमाया। फोरम ने सवाल उठाया कि जिन भवनों को नोएडा प्राधिकरण खुद अवैध घोषित कर चुका है, वहां शादियों और अन्य कार्यक्रमों का जमकर संचालन कैसे हो रहा है? शालिनी सिंह ने मांग की कि ऐसे भवनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, उन्हें ध्वस्तीकरण तक सील किया जाए और जिन अधिकारियों की मिलीभगत से ये चल रहे हैं, उनकी जवाबदेही तय की जाए।
सेक्टर-145 में कचरे में लगी आग से बिगड़ रही जनता की सेहत
पर्यावरणीय विभावना पर चिंता व्यक्त करते हुए फोरम ने नोएडा सेक्टर-145 सहित अन्य इलाकों में अवैध डंपिंग ग्राउंड में लगातार लग रही आग को गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इस जहरीले धुएं से आसपास के लोगों में सांस की बीमारियां और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। फोरम ने इस पर तत्काल रोक लगाने और स्थायी व वैज्ञानिक कचरा निस्तारण व्यवस्था लागू करने की मांग की।
पेयजल संकट और जर्जर सीवर लाइनें बनीं नागरिकों की परेशानी
शहर के कई सेक्टरों, गांवों और सोसाइटी में स्वच्छ पेयजल की कमी को लेकर फोरम ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रशासन से जल आपूर्ति को नियमित करने और पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट जनता के सामने सार्वजनिक करने की मांग रखी। साथ ही, शहर भर में जर्जर सीवर व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा गया। पुरानी सीवर लाइनों के चलते जलभराव और गंदगी की समस्या काफी गंभीर हो गई है, जिसके लिए नई सीवर लाइनों के निर्माण को अभियान के तौर पर चलाने की बात कही गई।
सीएम तक पहुंचेगी शिकायत
अंत में शालिनी सिंह ने साफ कहा कि प्रशासन को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ काम करना होगा। अगर जल्द ही इन मसलों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो लापरवाह अधिकारियों की शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जाएंगी, ताकि नोएडा में सुशासन सुनिश्चित हो सके।