Skip to content
7 May 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • श्रद्धा-भक्ति

श्रीकृष्ण ने लड़े थे सबसे भयंकर तीन युद्ध

admin 14 December 2021
Sri Krishna Bhagwan
Spread the love

जिस प्रकार से हमारे विभिन्न वैदिक और साहित्य धर्म ग्रंथों में श्रीकृष्ण से संबंधित बहुत-सी रोचक और तथ्यात्मक जानकारियां उनके अस्तित्व और प्रमाण के साथ मिलती हैं, उसी प्रकार से अन्य धर्म ग्रन्थ भी उनके धरती पर जन्म लेने के तथ्य की पुष्ट करते हैं। संसार को श्रीमद्भागवत गीता जैसा ग्रन्थ देने वाले कर्मयोगी श्रीकृष्ण केवल हिन्दुओं के ही आस्था के केंद्र नहीं है, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में उनमें परम विश्वास रखने वाले लोग रहते हैं।

दुनिया के कई हिस्सों से लोग भारत की धरती पर श्रीकृष्ण की कर्मभूमि को देखने और उनके लीलास्थलों को महसूस करने और उनसे संबंधित विन्नि प्रकार के संदेशों और रोचक तथ्यों को साक्षात जानने के लिए आते हैं। श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवतगीता के रूप में जो कुछ भी कहा, उनका हर शब्द आज लगभग पांच हजार सालों के बाद भी अक्षरशः चरितार्थ होता है।

देवों में सबसे सुंदरतम देव श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी कई बातें आज भी एक आम इंसान के लिए अनजानी और रहस्यमयी है।

आईए आज हम भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े ऐसे ही कुछ रोचक ऐसे तथ्यों के बारे में जानें जो एक आम व्यक्ति की सोच से परे हैं।

–  भगवान् श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवतगीता के रूप में आध्यात्मिकता की ऐसी वैज्ञानिक व्याख्या दी, जो मानवता के लिए आशा का सबसे बड़ा संदेश थी, आज भी है और हमेशा रहेगी।
–  भगवान् श्रीकृष्ण अपने जीवन के अंतिम वर्षों को छोड़कर कभी भी द्वारिका में 6 महीने से अधिक समय तक नहीं रहे थे।
–  परमधाम को गमन करने के समय तक भी भगवान् श्रीकृष्ण के ना तो एक भी केश श्वेत था और ना ही उनके शरीर पर कोई झुर्रियां थीं।
–  कृष्ण के जन्म के निश्चित समय और उनकी आयु के विषय में पुराणों व आधुनिक मिथक विज्ञानियों में मतभेद हैं ! कुछ लोग उनकी आयु 125 और कुछ लोग 110 वर्ष बताते हैं।
–  सभी जानते हैं कि कृष्ण की मृत्यु पैर के तलवे में तीर लगने के कारण हुई थी। और ऐसा भी कहा जाता है कि जब यह खबर वृन्दावन पहुंची तो उनके पिता वासुदेव को सदमा लगा और उनकी भी मृत्यु हो गयी।
–  श्रीकृष्ण ने अपनी औपचारिक शिक्षा मात्र कुछ ही महीनों में पूरी कर ली थी! जिसमें कहा जाता है कि उन्होंने 64 दिनों में ही 64 विद्याओं को सिख लिया था!
–  भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय कारागार में उनके पिता के द्वारा बदली गई यशोदापुत्री का नाम एकानंशा था और वह यशोदापुत्री एकानंशा आज विंध्यवासिनी देवी के नाम से पूजी जातीं हैं।
–  भगवान् श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा का वर्णन हिंदू धर्म के महान ग्रंथों जैसे विष्णुपुराण, भागवतपुराण, महाभारत और हरिवंशपुराण में कहीं नहीं है। जबकि राधा का उल्लेख गीत गोविंद, ब्रह्मवैवर्त पुराण और अन्य प्रचलित जनश्रुतियों में ही मिलता है।
–  श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा उज्जैयनी या आज जिसे उज्जैन के नाम से जाना जाता है वहां स्थित संदीपनी आश्रम में मात्र कुछ दिनों में ही पूरी कर ली थी।
–  श्रीकृष्ण एक विश्वास पात्र शिष्य, मित्र, गुरु और विश्वसनीय सलाहकार थे। पांडव धर्म का पालन करते थे इसीलिए श्रीकृष्ण का पांडवों से सीधा रिश्ता था।
–  भगवान् श्रीकृष्ण ने दो ऐसे नए नगरों की स्थापना भी की थी जो पूर्व में कुशावती या आज जिसे हम द्वारिका के नाम से जानते हैं और और दूसरा पांडव पुत्रों के सहयोग द्वारा बसाया गया खांडवप्रस्थ जिसे आज हम इंद्रप्रस्थ के नाम से जानते हैं।
–  भगवान श्रीकृष्ण के रथ को जैत्र के नाम से जाना जाता था और उनके सारथी का नाम दारुक या बाहुक था। उनके रथ के घोड़ों के नाम सुग्रीव, शैव्य, मेघपुष्प और बलाहक थे ।
–  भगवान् श्रीकृष्ण की खड्ग याने आज जिसे तलवार के नाम से जानना जाता है उसका नाम नंदक था। जबकि गदा का नाम कौमौदकी और शंख का नाम पांचजन्य था जो गुलाबी रंग का था ऐसा माना जाता है।
–  श्रीकृष्ण के मुख्य आयुध चक्र का नाम सुदर्शन और धनुष का नाम शारंग था। वह लौकिक, दिव्यास्त्र व देवास्त्र तीनों रूपों में कार्य कर सकता था। जबकि उनके इस अस्त्र की बराबरी के अन्य विध्वंसक अस्त्र केवल दो ही अन्य अस्त्र थे जिनमें से एक पाशुपतास्त्र था जो भगवान शिव, स्वयं कृष्ण और अर्जुन के पास ही थे। और दूसरा अस्त्र जिसका नाम प्रस्वपास्त्र था। और यह अस्त्र भी भगवान शिव, स्वयं कृष्ण, वसुगण और भीष्म के पास था।

क्यों कहा जाता है जन्म से मृत्यु तक की गतिविधियों को लोककला?

–  माना यह जाता है कि महाभारत काल में अर्जुन ही सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर था, परंतु वास्तव में श्रीकृष्ण इस विधा में भी सर्वश्रेष्ठ थे, और यह बात सिद्ध होती है मद्र राजकुमारी लक्ष्मणा के उस स्वयंवर से जिसकी प्रतियोगिता द्रौपदी स्वयंवर से भी अत्यंत कठिन थी। और इस प्रतियोगिता में कर्ण व अर्जुन दोंनों असफल हो गए थे जबकि श्रीकृष्ण ने इसमें लक्ष्यवेध कर मद्र राजकुमारी लक्ष्मणा की इच्छा पूरी की, जो पहले से ही उन्हें अपना पति मान चुकीं थीं।
–  भगवान् श्रीकृष्ण ने कई अभियानों और युद्धों का संचालन किया था जीते थे, लेकिन इनमें से तीन युद्ध सबसे भयंकर माने गये थे। और इन तीनों भयंकर युद्धों में सर्वप्रथम महाभारत का युद्ध था। इसके बाद जरासंध और कालयवन के विरुद्ध लड़ा गया युद्ध था। जबकि नरकासुर के विरुद्ध लड़ा गया युद्ध तिसरा सबसे भयंकर युद्ध माना गया।
–  जिस समय भगवान् श्रीकृष्ण ने विश्वप्रसिद्ध चाणूर और मुष्टिक जैसे मल्लों या पहलवानों का वध किया उस समय उनकी आयु केवल 16 वर्ष की ही थी।
–  वैसे तो श्रीकृष्ण ने कई छोटे-बड़े युद्ध किए लेकिन पौराणिक ग्रंथों में इस बात का भी जिक्र आता है कि एक बार श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच भी युद्ध ठन गया था और इसमें दोनों ही योद्धाओं ने अपने-अपने सबसे घातक और विनाशक शस्त्रों का प्रयोग करने की ठान ली थी, यानी श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र और अर्जुन ने अपना पाशुपतास्त्र चलाने के लिए निकाल लिया था। लेकिन बाद में देवताओं के हस्तक्षेप से दोंनों शांत हुए! इस युद्ध को श्रीकृष्ण के जीवन का सबसे भयानक द्वंद युद्ध बताया जाता है।
–  महाभारत युद्ध से ठीक पहले भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से की गई मनुष्य की श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में वैज्ञानिक व्याख्या एक ऐसा ग्रन्थ है जिसमें जीवन का पूरा सार दिया हुआ है। श्रीमद्भगवद्गीता में मनुष्य के जन्म लेने से मृत्यु के बाद के चक्र को विस्तारपूर्वक बताया गया है।
–  कहा जाता है कि आज जिसे हम मार्शल आर्ट या कलारिपट्टू के नाम से जानते हैं का विकास श्रीकृष्ण ने ही ब्रज क्षेत्र के वनों में किया था! और इसीलिए कई जगह कलारी-पट्टु का प्रथम आचार्य कृष्ण को ही माना जाता है! और इसी युद्ध कला के कारण नारायणी सेना उस समय की सबसे भयंकर प्रहारक सेना बन गयी थी !

– अमृति देवी

About The Author

admin

See author's posts

Post navigation

Previous: क्यों कहा जाता है जन्‍म से मृत्‍यु तक की गतिविधियों को लोककला?
Next: जर्जर हो चुके हैं कटासराज के मंदिर अवशेष | Katasraj Temple in Pakistan

Related Stories

Bhavishya Malika
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

admin 31 March 2026
Relationship between the Ramayana and the Vedas
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

रामायण और वेदों का संबंध

admin 27 March 2026
Happy Sanatani New Year on 19th March 2026
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति
  • हिन्दू राष्ट्र

‘रौद्र संवत्सर’ पर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी का संदेश

admin 19 March 2026

Trending News

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys! Men was not monkey 1
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

1 May 2026
नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा Noida Protest Illegal Detention 2
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

29 April 2026
‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 3
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 4
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026

Tags

नोएडा मीडिया क्लब नोएडा सिटीजन फोरम भाजपा सरकार योगी सरकार सीएम योगी
  • Men was not monkeyसुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • Noida Protest Illegal Detentionनोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • bharat barand‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

Recent Posts

  • सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.