Wednesday, June 17, 2026
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जंगलों में भटकते वैज्ञानिकों को मिली मेंढक की एक नई प्रजाति

 

इक्वाडोर के राष्ट्रीय जैव विविधता संस्थान के वैज्ञानिकों ने इक्वाडोर के जंगलों में मेंढक की एक ऐसी नई प्रजाति का पता लगाया है जिसके पैरों की उंगलियों पर गोल्डन धब्बे हैं और उसकी आँखे हल्की गुलाबी रंग की हैं।

इक्वाडोर के राष्ट्रीय जैव विविधता संस्थान की शोधकर्ता टीम के एक सहयोगी का कहना है कि मेंढक की इस नई प्रजाति में रंग बड़े ही अद्भुत हैं। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे यह कल्पनाओं की दुनिया में रहने वाला कोई सबसे विशेष जीव है। ठीक उसी तरह जैसे की टॉलकिन ने अपनी कल्पना के आधार पर किताब लिखी और उसपर हॉलीवुड में बनी फिल्म में दिखाया है।’

मेंढक की इस नई प्रजाति को शोधकर्ताओं ने जब पहली बार देखा तो इसको हॉलीवुड की एक फिक्शन फिल्म “लॉर्ड ऑफ द रिंग्स” फिल्म से जोड़ दिया और इसे खोजने वालों ने इसका नाम ‘द हॉबिट’ और ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ किताब के लेखक जे. आर. आर. टॉलकिन के नाम पर “हायलोसिर्टस टोल्किनी” रख दिया।

शोधकर्ताओं ने इस लॉर्ड ऑफ द रिंग्स मेंढक के बारे में प्रकाशित अपनी स्टडी में बताया है कि यह मेंढक 2.6 इंच लंबा है, इसकी त्वचा का बेस कलर काले धब्बों वाला है, जबकि इसका पेट, गला और पंजे सुनहरी रंग के हैं।

मेंढक की अन्य अनेकों प्रजातियों की तरह ही यह भी अधिकतर पानी में ही रहता है और हरी भरी वनस्पतियों को अपनी सुरक्षा के लिए इस्तमाल करता है।

दरअसल, वैज्ञानिकों ने मेंढक की इस नई प्रजाति की खोज “रियो नीग्रो-सोपलाडोरा नेशनल पार्क” की ऊंचाई वाली जगह में की है। यह पार्क लगभग एक लाख पिचासी हज़ार (185,000) एकड़ में फैला है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि हम लोग कई हफ्तों तक नेशनल पार्क में घूमते रहे, तब जाकर करीब 3,100 मीटर की ऊंचाई वाले घास के मैदानों से भी एक हजार मीटर की ऊंचाई वाले जंगलों में हमने इसे खोजा है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि हमें इस प्रजाति का फिलहाल सिर्फ इकलौता मेंढक ही मिला है, जिसने अपने रंग और आकार के कारण हमारा ध्यान खींचा। इक्वाडोर के इस क्षेत्र में वैज्ञानिक साल 2020 से ही खोज रहे हैं। तब से लेकर अब तक कई नए जीवों की प्रजाति खोज चुके हैं।

– धर्मवाणी

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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