Sunday, May 10, 2026
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गरुडगमन तव चरणकमलमिह

गरुडगमन तव चरणकमलमिह मनसि लसतु मम नित्यम् ।
गरुडगमन तव चरणकमलमिह मनसि लसतु मम नित्यम् ।
मनसि लसतु मम नित्यम् ।
मम तापमपाकुरु देव, मम पापमपाकुरु देव ||
मम तापमपाकुरु देव, मम पापमपाकुरु देव ॥

चरण : १
जलज नयन विधि नमुचि हरण मुख विबुध विनुत पदपद्म ।
जलज नयन विधि नमुचि हरण मुख विबुध विनुत पदपद्म ।
विबुध विनुत पदपद्म ।
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ||
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ॥

चरण: २
भुजगशयन भव मदनजनक मम जनन मरण भयहारी ।
भुजगशयन भव मदनजनक मम जनन मरण भयहारी ।
जनन मरण भयहारी ।
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ||
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ॥

चरण: ३
शङ्कचक्रधर दुष्टदैत्यहर सर्वलोकशरण ।
सर्वलोकशरण ।
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ||
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ॥

चरण: ४
अगणितगुणगण अशरणशरणद विदलितसुररिपुजाला ।
अगणितगुणगण अशरणशरणद विदलितसुररिपुजाला ।
विदलितसुररिपुजाल ।
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ||
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ॥

चरण: ५
भक्ति वर्यमिह भूऱी करुणया पाहि भारती तीर्थम |
भक्ति वर्यमिह भूऱी करुणया पाहि भारती तीर्थम |
पाहि भारती तीर्थम |
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ||
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ॥
मम तापम पा कुरु देव, मम पापम पा कुरु देव ॥

admin
adminhttp://dharmwani.com
देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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