गाजीपुर (9 मई)। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘1008’ की ऐतिहासिक 81 दिवसीय ‘गविष्ठी (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ के सप्तम दिन पूज्य महाराजश्री ने गाजीपुर जनपद की पाँच विधानसभाओं में श्रद्धालुओं की विशाल सभाओं को सम्बोधित किया —
- सैदपुर विधानसभा: बौरांबा स्वागत एवं नगर पंचायत सैदपुर
- गाजीपुर सदर विधानसभा: रामलीला मैदान, लंका
- जंगीपुर विधानसभा: मानपुर पुजारी बाबा मैरिज हॉल
- जहूराबाद विधानसभा: कासिमाबाद बाजार
- मुहम्मदाबाद विधानसभा: महादेव मंदिर एवं महसा बाजार जमनिया
प्रत्येक स्थान पर उपस्थित जनसमुदाय ने वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” के साथ गौ रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। महाराजश्री ने गाय की वैज्ञानिक और धार्मिक पहचान का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि शास्त्रों के अनुसार “सास्नादिमत्त्वं गो लक्षणं” — अर्थात् जिसमें सास्ना (dewlap — गले के नीचे की चमड़ी) और कूबड़ (hump) हो, वही गाय का लक्षण है। जिसमें ये न हों वह ‘गवय’ (नीलगाय जैसा पशु) है, गाय नहीं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सिद्ध और सेंध में अंतर है, उसी प्रकार हर चीज की अपनी-अपनी कीमत और महत्व होता है — “सब धान बाईस पसेरी” वाला भाव न्यायसंगत नहीं है।
महाराजश्री ने आधुनिक “विकास” की अवधारणा पर प्रहार करते हुए कहा कि जब भी घर पर कोई विपत्ति आती है तो उसे सबसे पहले गौ माता झेलती है — वह हमारा सबसे बड़ा कवच है। लेकिन Smart City बनाने के नाम पर सबसे पहले गाय को शहर से बाहर निकाल दिया गया। वाराणसी में आदेश जारी हुआ कि Smart City बनेगी इसलिए गाय शहर में नहीं रहेगी। उन्होंने चेताया कि जिस दिन कवच पूरी तरह टूट जाएगा, उस दिन सीधे प्रहार होगा और कराहना भी कठिन हो जाएगा।
महाराजश्री ने धर्म में हो रही मिलावट पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि गुजरात में एक तेरहवां ज्योतिर्लिंग बना दिया गया और नागपुर में 52वें शक्तिपीठ का शिलान्यास मोहन भागवत जी द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि जब देवी सती के सभी अंग भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से कट-कटकर जहाँ गिरे, वहाँ शक्तिपीठ बना — अब कौन-सा नया अंग गिरेगा? उन्होंने कहा कि यह आपके ‘सिद्ध’ को ‘सैद’ बनाया जा रहा है — सिद्धपुर सैदपुर हो गया। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में चमड़े का जूता पहनकर ध्वजा चढ़ाए जाने का प्रसंग उठाते हुए कहा कि यह दिखावटी धर्म है जो असली धर्म को खोखला कर रहा है।
महाराजश्री ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि हम सभी को लगा था कि गोरखनाथ पीठ के साधु महात्मा सत्ता में आएंगे तो कम से कम गौ रक्षा का काम हो जाएगा। नौ वर्ष बीत गए, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने गाय को पशुओं की सूची से हटाकर अलग सम्मानित श्रेणी में रखने का एक साधारण प्रस्ताव भी पारित नहीं किया। असम के मुख्यमंत्री हेमंत शर्मा ने बिना संकोच के कहा — “गौ हत्यारों का वोट क्यों नहीं चाहिए?” — और इससे स्पष्ट हो गया कि भाजपा गौ हत्यारों से वोट और नोट (Allana Group से पहले ₹20 करोड़, अब ₹30 करोड़) दोनों ले रही है।
महाराजश्री ने शास्त्र उद्धृत किया:
”अनुमन्ता विशसिता निहन्ता क्रयविक्रयी।
संस्कर्ता चोपहर्ता च खादकश्चेति घातकाः॥”
अर्थात् — गौ हत्या की अनुमति देने वाला, वध करने वाला, काटने वाला, खरीदने-बेचने वाला, पकाने वाला, परोसने वाला और खाने वाला — ये सभी गौ हत्या के घातक (पापी) हैं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी गौ हत्यारों से वोट और नोट लेती हो, उसे वोट देने वाला भी “अनुमन्ता” बनकर गौ हत्या का पापी बनता है।
भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस सभी को एक साथ आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि 78 वर्षों में किसी ने भी गौ माता की रक्षा के लिए ठोस काम नहीं किया। महाराजश्री ने उपस्थित जनसमुदाय से घोषणा करवाई कि इस बार वे वोट उसी पार्टी और प्रत्याशी को देंगे जो गौ माता की रक्षा का शपथपूर्वक पक्का वचन देगा। सत्ताधारी पार्टी को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि हमारा वोट चाहिए तो गौ माता को ‘राज्य माता’ और ‘राष्ट्र माता’ घोषित करके आएं। उन्होंने महिलाओं को भी आगाह किया कि ₹1,500 या ₹10,000 में वोट बेचना नरक का रास्ता खोलना है — आपका वोट आपको पाप भी दे सकता है और पुण्य भी।
सभा के अंत में महाराजश्री ने सैदपुर विधानसभा के प्रत्येक निवासी से एक नोट (₹1 से ₹500 तक) गौधाम निर्माण हेतु निकालने का आह्वान किया। रमेश यादव जी को सैदपुर विधानसभा का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। प्रत्येक गांव से एक-दो प्रतिनिधि नियुक्त होंगे जो हर घर जाकर रजिस्टर में योगदान दर्ज करेंगे। इस ‘रामाधाम’ में गाय रानी और महारानी की तरह रहेगी — उसका कार्य आशीर्वाद देना होगा ताकि क्षेत्र का पाप घटे और सुख-समृद्धि बढ़े।
महाराजश्री ने पुनः घोषणा की कि यदि 81 दिनों की यात्रा पूर्ण होने तक सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो 24 जुलाई को लखनऊ में एक अक्षौहिणी सेना (2,18,700 सैनिक) के साथ खड़े होकर अगले चरण की घोषणा की जाएगी।


