Skip to content
12 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • अवसरवाद

मुफ्तखोरी का वाइरस राष्ट्र एवं समाज के लिए घातक है

admin 18 August 2021
BJP and RSS With Muslims
Spread the love

हमारे बुजुर्ग अकसर कहा करते थे कि यदि किसी को बैठकर खाने की आदत पड़ जाये तो उसके वश का कोई काम-धंधा करना नहीं होता है। इस बात में काफी हद तक सच्चाई भी है। आदत तो कोई भी पड़ जाये, वह जल्दी से छूटने का नाम नहीं लेती है।

आजकल भारत की राजनीति में देखने को मिल रहा है कि राजनीतिक लोग कुछ ठोस एवं स्थायी रास्ता निकालने के बजाय जनता को मुफ्त में कुछ देकर चुनाव जीतना चाहते हैं जबकि सच्चाई यह है कि मुफ्त में कुछ भी नहीं दिया जा सकता है। एक विभाग का पैसा दूसरे विभाग में लगा दिया जाये और दूसरे विभाग का पैसा तीसरे विभाग में। इस प्रवृत्ति से बचने की आवश्यकता है क्योंकि इस प्रवृत्ति से न तो किसी का व्यक्तिगत रूप से कोई भला हो सकता है और न ही समूह एवं राष्ट्र का।

हालांकि, मुफ्तखोरी को यदि वाइरस कहा जाये तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। पूरे देश में इस वाइरस का जितना प्रचार-प्रसार होगा, उतना ही राष्ट्र एवं समाज खोखला होगा, इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि इसके प्रति सतर्क रहा जाये। यह कार्य जितना शीघ्र कर लिया जाये, उतना ही अच्छा होगा, क्योंकि इस रास्ते पर एक न एक दिन तो आना ही होगा।

आजादी की भी एक लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए
भारतीय संविधान में प्रत्येक व्यक्ति को यह आजादी दी गई है कि वह अपने अधिकारों का पूरा उपयोग करे और इसमें यदि कोई बाधा आती है तो उसके लिए व्यक्ति अकेले या समूह में आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन कर सकता है। इस दृष्टि से देखा जाये तो किसानों का आंदोलन भी आजकल देश में बहुत व्यापक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। धरना-प्रदर्शन के नाम पर किसानों ने दिल्ली-यूपी के बार्डर पर नेशनल हाइवे एवं हरियाणा-दिल्ली के बार्डर पर प्रमुख रोड घेर रखा है। इससे इन मार्गों से आने-जाने वालों को न सिर्फ परेशानी हो रही है बल्कि लोगों का धंधा भी प्रभावित हो रहा है।

किसानों के इस धरने से उन्हें क्या लाभ हो रहा है या आगे चलकर और क्या लाभ होगा यह तो वही जानें, किन्तु इतना निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। वैसे भी यदि देखा जाये तो लोकतांत्रिक आजादी के नाम पर किसी को इतनी भी छूट नहीं मिलनी चाहिए कि कोई नेशनल हाइवे या प्रमुख सड़क घेर कर बैठ जाये। इसके लिए एक गाइड लाइन बननी चाहिए अन्यथा किसी दिन ऐसी स्थिति बन जायेगी कि लोग आपस में ही टकराने लगेंगे। कुल मिलाकर कहने का आशय यही है कि आजादी की भी एक लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए।

कदम-कदम पर जिम्मेदारी और जवाबदेही का निर्धारण जरूरी…

राजनीति में घुमन्तू लोगों की संख्या निरंतर बढ़ रही है
राजनीति में अवसर का लाभ उठाना कोई नई बात नहीं है बल्कि यह एक सामान्य परंपरा हो गई है किन्तु हाल के वर्षों में देखने को मिला है कि कुछ लोग सिर्फ यही पता लगाते रहते हैं कि चुनाव में किस दल की हवा बह रही है। जिस दल की हवा बह रही होती है, उसी में वे भी बहने लगते हैं और इसी प्रवृत्ति के कारण राजनीति में आया राम-गया राम की स्थिति और मजबूत होती जा रही है। राजनीति में इस प्रकार के घुमन्तू लोगों से सभी दलों को परहेज करना चाहिए अन्यथा किसी दिन समर्पित कार्यकर्ताओं का टोटा पड़ जायेगा।

कोरोना को लेकर सावधानी जरूरी
कोरोना को लेकर कुछ लोग भले ही बिल्कुल लापरवाह दिख रहे हैं किन्तु इस संबंध में लोगों को अभी बहुत सावधान रहने की जरूरत है। अब तो शासन-प्रशासन स्तर पर सर्वत्र यही कहा जा रहा है कि तीसरी लहर को रोकना काफी हद तक हम सभी लोगों के व्यवहार पर निर्भर है।

यदि लोग कोरोना के प्रोटोकाल को लेकर सजग एवं सतर्क रहेंगे तो इससे बचे रहेंगे अन्यथा लापरवाही की स्थिति में कुछ भी कहना असंभव है इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि लोग कोरोना के प्रति एहतियात बरतें और तीसरी लहर को रोकने के लिए सतर्क रहें।

– सुधीर कुमार मंडल, दरियागंज (दिल्ली)

About The Author

admin

See author's posts

2,344

Post navigation

Previous: कदम-कदम पर जिम्मेदारी और जवाबदेही का निर्धारण जरूरी…
Next: कोरोना से नजरिया तो बदला किन्तु लापरवाही उतनी की उतनी ही… | Careless in Corona

Related Stories

tirange ka apamaan - insult tricholor
  • अवसरवाद
  • विशेष
  • षड़यंत्र

तिरंगे का अपमान देखो और राष्ट्रवाद का धतूरा चाटते रहो

admin 21 February 2024
Narendra Modi_PM of Bharat
  • अवसरवाद
  • मन की बात
  • राजनीतिक व्यक्तित्व

धर्म युद्ध में मोदी भारी…

admin 8 February 2024
Ram Mandir BJP RSS and modi against hinduism
  • अवसरवाद
  • धर्मस्थल
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

राम मंदिर के बहाने बीजेपी का सनातन से विद्रोह

admin 20 January 2024

Trending News

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 1
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026
अन्याय और अधर्म का प्रतिकार ही सनातन धर्म है: जगद्गुरु शंकराचार्य Retaliation against injustice and unrighteousness is the eternal religion 2
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

अन्याय और अधर्म का प्रतिकार ही सनातन धर्म है: जगद्गुरु शंकराचार्य

11 March 2026
UP में प्रदूषित जल से सावधान! Polluted drinking water in India 3
  • पर्यावरण
  • भ्रष्टाचार
  • विशेष
  • स्वास्थ्य

UP में प्रदूषित जल से सावधान!

4 March 2026
मिलावटखोर प्रदेश (Uttar Pradesh) का हाल बेहाल! UP Lucknow food safety news 4
  • अपराध
  • भ्रष्टाचार
  • विशेष
  • षड़यंत्र
  • स्वास्थ्य

मिलावटखोर प्रदेश (Uttar Pradesh) का हाल बेहाल!

4 March 2026
शंकराचार्य जी BJP, RSS, VHP का विरोध क्यों करते है? Narendra Modi drinking charanamrit from a spoon 5
  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • विशेष

शंकराचार्य जी BJP, RSS, VHP का विरोध क्यों करते है?

2 March 2026

Total Visitor

092633
Total views : 169844

Recent Posts

  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान
  • अन्याय और अधर्म का प्रतिकार ही सनातन धर्म है: जगद्गुरु शंकराचार्य
  • UP में प्रदूषित जल से सावधान!
  • मिलावटखोर प्रदेश (Uttar Pradesh) का हाल बेहाल!
  • शंकराचार्य जी BJP, RSS, VHP का विरोध क्यों करते है?

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.