Skip to content
17 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • ऐतिहासिक नगर
  • पर्यटन
  • विशेष

Udaipur: पहाड़ियों से घीरा एक ऐतिहासिक सुंदर शहर

admin 15 February 2021
Udaipur- the capital of the Mewar Kingdom
Spread the love

प्रकृति एवं मानवीय रचनाओं से समृद्ध और महाराणा उदय सिंह द्वारा बसाये गये राजस्थान के एक प्रमुख शहर को आज हम सब उदयपुर के नाम से जानते हैं। इतिहासकारों का मानना है कि राजस्थान में इससे सुंदर और आकर्षक शहर कोई ओर नहीं है।

अपनी पुरानी राजधानी चित्तौड़गढ़ पर मुगलों के लगातार आक्रमण से परेशान होकर महाराणा उदय सिंह ने पिछौला झील के तट पर अपनी राजधानी बनाई थी जिसे उदयपुर नाम दिया गया।

 

देश और दुनियाभर के पर्यटकों के लिए सबसे आकर्षक कहे जाने वाला उदयपुर के शानदार बाग-बगीचे, झीलें, संगमरमर के महल, हवेलियां इस शहर की शान में चार चांद लगाते हैं।

उदयपुर शहर आज अपने सौंदर्य के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां की हवेलियों और महलों की भव्यता को देखकर दुनियाभर के पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

उदयपुर के लोग, उनका व्यवहार, यहां की संस्कृति, लोक-गीत, लोक-नृत्य, पहवाने, उत्सव एवं त्योहारों में ऐसा आकर्षण है कि देशी-विदेशी पर्यटक, फोटोग्राफर, लेखक, फिल्मकार, कलाकार, व्यावसायी सभी यहां खिंचे चले आते हैं।

पिछौला झील के पूर्वी किनारे पर बने विशालकाय और भव्य सिटी पैलेस की परछाई पर्यटकों को रोमांचित करती है। यह महल राजस्थान के विशालकाय महलों में से एक है। पवित्र धूनी माता व राणा प्रताप का संग्रहालय इस महल के परिसर के दर्शनीय स्थल हैं। इसके अतिरिक्त उदयपुर में सिटी पैलेस के नजदीक ही भव्य जगदीश मंदिर है। इस मंदिर के नजदीक बाग, जग मंदिर, सज्जनगढ़ महल, कुंभागढ़ का किला, रनकपुर का जैन मंदिर और भारतीय लोक कला संग्रहालय भी है।

उदयपुर में प्रमुख आकर्षण का केन्द्र ऐतिहासिक लेक पैलेस है जो सन 1743 से 1746 के मध्य बनाया गया था। इसे देखकर लगता है मानो यह महल पिछौला झील में तैर रहा है। इस महल तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि, अब यह महल एक लग्ज़री होटल में बदल चुका है।

उदयपुर में बजट के अनुसार होटलों और रेस्तरां आदि की भी कोई कमी नहीं हैं देशी-विदेशी हर प्रकार के स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया जा सकता है। वैसे यहां का स्थानीय और खास व्यंजन है दाल-बाटी और चूरमा। इसके अतिरिक्त उदयपुर चटपटे और मिर्च-मसाले वाले भोजन के लिए भी जाना जाता है। यदि आप भोजन में मिच कुछ ज्यादा खा सकते हैं या पचा सकते हैं तो स्थानिय लोगों द्वारा खाए जाने वाली गट्टे की सब्जी, मिर्ची वड़ा और कचैड़ी का भी स्वाद चख सकते हैं।

उदयपुर में खरीदारी के लिए छोटे-बड़े बाजारों की कमी नहीं है मगर स्थानीय हाट और मेले यहां के आकर्षण का केन्द्र होते हैं। इन बाजारों में खूबसूरत कठपुतलियां, गुड्डे-डुड़िया, खिलौने, राजस्थान परिधान यानी हैंड प्रिन्ट बंधेज और बाटिक प्रिंट के वस्त्र, चद्दरें, लकड़ी के खिलौने, तरह-तरह के आकर्षक मिट्टी के बर्तन, दिवारों पर लगाने के लिए तरह-तरह की राजस्थानी पेंटिंग और कलाकृतियों की भरमार होती है जो आपको उचित दाम में मिल जाती हैं। इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार के हैंडीक्राफ्ट इंपोरियम, चेतक सर्कल, बापू बाजार, सिटी मार्केट, हाथी पोल और लेक पैलेस रोड जैसे बाजारों में घूमा जा सकता है और खरीदारी की जा सकती हैं इसके अलावा इस शहर में आपको जगह-जगह ऊंट की सवारी और घुड़सवारी का भी आनंद लेने को मिल जायेगा।

राज्य की राजधानी से उदयपुर की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है। जबकि दिल्ली से यह दूरी लगभग 665 किलोमीटर और अहमदाबाद से 250 किलोमीटर है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए हवाई मार्ग से लेकर सड़क मार्ग और रेल मार्ग जैसे किसी भी मार्ग से आने में कोई परेशानी नहीं है।

अरावली की पहाड़ियों से घीरे और पांच मुख्य झीलों के इस शहर को देखने या घुमने-फिरने के लिए उत्तम समय वैसे तो सितंबर से अप्रैल का महीना ही सबसे अच्छा होता है मगर आप यहां किसी भी महीने में आयेंगे तो आपको देशी-विदेशी सैलानियों की भीड़ कम नहीं दिखेगी।

About The Author

admin

See author's posts

2,513

Post navigation

Previous: U-Turn Movie से मिली शिक्षा का सच और आत्माओं से मिलन का अनोखा सच
Next: श्री त्रिपुरसुंदरी शक्तिपीठ मंदिर कब जायें, कैसे जायें, कहां ठहरे? | Tripurasundari Shaktipeeth Temple

Related Stories

National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

admin 15 March 2026
Solar energy plants in desert of India
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

admin 13 March 2026
World Economic Forum meeting in Davos 2024
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

admin 13 March 2026

Trending News

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded 1
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

15 March 2026
सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy) Solar energy plants in desert of India 2
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

13 March 2026
सरकार या Goverment क्या है? World Economic Forum meeting in Davos 2024 3
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

13 March 2026
रात में पौण्ड्रक का आक्रमण Battle between Paundraka and Lord Krishna 4
  • अध्यात्म
  • विशेष

रात में पौण्ड्रक का आक्रमण

13 March 2026
राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 5
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026

Total Visitor

093056
Total views : 170776

Recent Posts

  • सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न
  • सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)
  • सरकार या Goverment क्या है?
  • रात में पौण्ड्रक का आक्रमण
  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.