Skip to content
9 May 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • विश्व-इतिहास

राजा विक्रमादित्य के कारण ही आज भी हमारी संस्कृति बची हुई है

admin 1 January 2022
VIKRAMADITYA KING 1
Spread the love

एक दौर था जब रामायण और महाभारत का अस्तित्व लगभग खत्म हो गया था

अजय सिंह चौहान || भारतीय सभ्यता और राजतंत्रीय शासन व्यवस्था में रामराज्य के बाद जो सर्वश्रेष्ठ माना गया है, उसके लिए सम्राट विक्रमादित्य को आज भी उसका प्रतीक माना जाता है। भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध एतिहासिक पुरुषों में भी विक्रमादित्य एक आदर्श के रूप में माने जाते हैं। उनके शासन को एक श्रेष्ठ और न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था के रूप में देखा जाता था। विक्रमादित्य विद्या, धर्म और संस्कृति के कट्टर संरक्षक होने के साथ-साथ शक्तिशाली राजा और उदार शासक भी थे। विक्रमादित्य के विषय में कहा जाता है कि जनता के कष्टों को जानने और राज-काज की पड़ताल के लिए वे खुद गुप्त रूप से एक आम व्यक्ति का रूप धारण कर अपने राज्य में किसी भी दिन और किसी भी समय भ्रमण पर निकल पड़ते थे।

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि, विक्रमदित्य के काल में भारत के कपड़े, मसाले और अन्य वस्तुओं की गुणवत्ता या क्वालिटी इतनी अच्छी थी कि विदेशी व्यपारी इन सामानों को सोने और चांदी के वजन से खरीदते थे। भारत में इतना सोना और चांदी आ गया था कि विक्रमादित्य काल में सोने के सिक्के चलते थे।

इतिहासकारों के अनुसार राजा विक्रमादित्य का काल ही वह काल था जब भारत सोने की चिढ़िया बना था और राजा विक्रमादित्य ही वह राजा था जिसने भारत को सोने की चिड़िया बनाया था। इसलिए राजा विक्रमादित्य का काल ही भारत का स्वर्णिम काल कहलाता है। लेकिन हमारे लिए यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि राजा विक्रमादित्य के बारे में देश को लगभग शून्य बराबर ज्ञान है।

लेकिन विक्रमादित्य का इतिहास आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी एक दुर्भाग्य बन के रह गया है। सम्राट विक्रमादित्य के अस्तित्व को लेकर इतिहासकार कभी भी एक मत नहीं रहे। जहां कुछ इतिहासकार और विद्वान विक्रमादित्य को राजतंत्रीय शासन का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण मानते हैं, वहीं वे यह भी मानते हैं कि भारतीय इतिहास में राजा विक्रमादित्य का राज भगवान राम के राज्य के बाद दूसरा सबसे सूखद राज था।

कुछ इतिहासकार और विद्वान राजा विक्रमादित्य के ऐतिहासिक अस्तित्व को आज भी पचा नहीं पा रहे हैं। ऐसे विद्वानों के अनुसार विक्रमादित्य किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं था, बल्कि यह एक कल्पना और एक उपाधि मात्र है। जबकि कुछ विद्वान इस तथ्य से सहमत नहीं है। उनका मानना है कि विक्रमादित्य इतना महान राजा था कि उसका नाम बाद के राजाओं और सम्राटों के लिए एक पदवी और उपाधि बन गया।

सम्राट विक्रमादित्य को प्राप्त थीं अलौकिक और देवीय शक्तियाँ

यह कहना गलत नहीं होगा कि आज ये देश और यहां की संस्कृति केवल राजा विक्रमादित्य के कारण अस्तित्व में है। क्योंकि सम्राट अशोक मौर्य ने बौद्ध धर्म अपना लिया था और बौद्ध बनकर 25 सालों तक राज किया था। जिसके कारण भारत में सनातन धर्म लगभग समाप्ति के कगार पर आ गया था, देश में बौद्ध और जैन धर्म का प्रचार-प्रसार जोर-शोर पर था। रामायण और महाभारत जैसे ग्रन्थों को लोगों ने नकारना शुरू कर दिया था। ऐसे में इन धर्मगं्रथों का अस्तित्व लगभग खत्म ही हो गया था। ऐसे में सनातन धर्म और अध्यात्म को फिर से खोया हुआ स्थान दिलाने के लिए महाराज विक्रम ने एक बार फिर से इसका प्रचार-प्रसार किया और रामायण और महाभारत जैसे ग्रन्थों को आम जनता के बीच स्थान दिलाया। विक्रमादित्य ने भगवान विष्णु और शिव के कई मंदिर बनवाये। ऐसे में कहा जाा सकता है कि आज विक्रमादित्य के कारण ही सनातन धर्म और हमारी संस्कृति बची हुई है।

सम्राट विक्रमादित्य ने ही वैदों और वैदिक संस्कृति के उस इतिहास को भी फिर से जीवित किया जिसे आज वैदिक या पौराणिक इतिहास कहा जाता है। यह वैदिक इतिहास प्राचीन भारतीय संस्कृति का वह काल खंड है जिसमें अनेकों वेदों की रचना हुई थी। क्योंकि, हड़प्पा संस्कृति के पतन के बाद भारत में एक नई सभ्यता का विकास हो रहा था। ऐसे में उस सभ्यता की जानकारी के जो प्रमुख स्रोत थे वे ही वेद कहलाए। उन्हीं वेदों को आधार मानकर इस काल को वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया।

लेकिन यह बड़े दुःख की बात है की भारत के सबसे महानतम राजा के बारे में कोई विशेष लिखित इतिहास उपलब्ध नहीं है। जबकि दिल्ली में स्थित कुतुबमीनार- राजा विक्रमादित्य द्वारा बनवाया गया एक ऐसा ”हिन्दू नक्षत्र निरीक्षण केंद्र” है जिसका अध्ययन करने वाले तमाम इतिहासकारों ने इसको सत्यापित किया है कि यह राजा विक्रमादित्य के समय में बना है और यह उन्हीं से संबंधित भी है। अधिकांश विद्वान और इतिहासकार तो विक्रमादित्य की ऐतिहासिकता को स्वीकार करते हैं लेकिन कुछ भ्रमित लोग ऐसे भी हैं जो इतिहासकार कम और रसूखदार ज्यादा हैं जो सम्राट विक्रमादित्य को एक काल्पनिक राजा ही मानते हैं।

जबकि विक्रम संवत के नाम से जाना जाने वाला हिन्दू कैलंडर, हिन्दी सम्वंत, वार, तिथीयाँ, राशि, नक्षत्र, गोचर आदि आज जो भी ज्योतिष गणना है राजा विक्रमादित्य काल की ही प्रमुख देन है।

About The Author

admin

See author's posts

Post navigation

Previous: सम्राट विक्रमादित्य को प्राप्त थीं अलौकिक और देवीय शक्तियाँ
Next: मुस्लिम देशों में इतने प्राचीन हिंदू मंदिर कैसे?

Related Stories

Indravijay An Old Book in Hindi Translation
  • भाषा-साहित्य
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास

वेदों में भी इतिहास की भरमार है

admin 19 March 2025
Book Review in Hindi_Communist Chin Avaidh Astitv
  • भाषा-साहित्य
  • विश्व-इतिहास

पुस्तक समीक्षा: चीन का प्राचीन और ऐतिहासिक सच क्या है?

admin 12 October 2023
Lothal - Indus Valley Civilization in Gujarat
  • ऐतिहासिक नगर
  • विश्व-इतिहास

Lothal, Gujarat के सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े रहस्य क्या हैं?

admin 12 September 2023

Trending News

दुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ UPPolice Zerotolerance Encounters 1
  • अपराध
  • विशेष
  • हमारे प्रहरी

दुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ

8 May 2026
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी Sanatan Dharma is the resistance against injustice and unrighteousness saysJagadguru Shankaracharya swami avimukteshwaranand 2
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी

8 May 2026
सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys! Men was not monkey 3
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

1 May 2026
नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा Noida Protest Illegal Detention 4
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

29 April 2026
‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 5
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026

Tags

नोएडा मीडिया क्लब नोएडा सिटीजन फोरम भाजपा सरकार योगी सरकार सीएम योगी
  • UPPolice Zerotolerance Encountersदुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ
  • Sanatan Dharma is the resistance against injustice and unrighteousness saysJagadguru Shankaracharya swami avimukteshwaranandगौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी
  • Men was not monkeyसुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

Recent Posts

  • दुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ
  • गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी
  • सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.