Tuesday, May 19, 2026
Google search engine
Homeमीडियाफिल्म जगतPushpa the Rise ने तोड़ दिया मुम्बईया दादागिरी का घमंड

Pushpa the Rise ने तोड़ दिया मुम्बईया दादागिरी का घमंड

दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग देश का सबसे सभ्य फिल्म उद्योग यूं ही नहीं कहा जाता। जिन लोगों को यकीन न हो वे सुकुमार द्वारा निर्देशित ‘पुष्पाः द राइज’ (Pushpa the Rise) जरूर देख सकते हैं। यह फिल्म मूलतः दक्षिण भारत की तेलुगु भाषा में बनी है। दिसंबर 17 को देशभर के सिनेमाघरों प्रदर्शित हुई यह फिल्म इस समय सबसे हिट चल रही है।

एक्शन और मनोरंजन से भरपूर इस ‘पुष्पाः द राइज’ (Pushpa the Rise) फिल्म को सुकुमार द्वारा लिखित और निर्देशित किया गया है। इसके मुख्य कलाकारों में अल्लू अर्जुन (Allu Arjun), फहद फासिलो और रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) हैं। इनके अलावा जगदीश प्रताप बंडारी, सुनील, राव रमेश, धनंजय, अनसूया भारद्वाज, अजय और अजय घोष भी सहायक भूमिकाओं में हैं।

“पुष्पाः द राइज” (Pushpa the Rise) ने न केवल दक्षिण भारतीय भाषाओं में बल्कि इसके हिंदी वर्जन ने बालीवुड को भी हिला के रख दिया है। जहां एक ओर हिंदी भाषी राज्यों में बालीवुड फिल्मों का कचरा परोसने को लेकर एकतरफा दादागिरी चलती है वहीं इस बार किसी गैर हिंदीभाषी फिल्म ने इसमें सेंध मार कर उसके दबदबे को चुनौती दे डाली है।

अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) ने खुद इसकी उम्मीद नहीं की थी कि हिंदी भाषी क्षेत्रों के दर्शक भी उनकी इस फिल्म को इस तरह पसंद करेंगे। अल्लू अर्जुन ने खुद स्वीकार किया था कि उन्हें इस फिल्म पर भरोसा था लेकिन उन्हें इस बात क बिल्कुल भी पता नहीं पता था कि उन्हें भी इतना पसंद किया जायेगा।

“पुष्पाः द राइज” (Pushpa the Rise) की जानकारी आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दी गई थी कि पुष्पा 2021 की सबसे बड़ी भारतीय फिल्म साबित हुई। इस फिल्म ने दुनिया भर में 300 करोड़ की कमाई की। फिल्म ने पूरे देश से अबतक लगभग 300 करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। जबकि “पुष्पाः द राइज” ने अपने पहले ही हफ्ते में करीब 166 करोड़ की कमाई की थी।

Nambi Narayanan ISRO : नम्बी नारायणन ने ही ISRO को NASA के समकक्ष ला खड़ा किया

“पुष्पाः द राइज” (Pushpa the Rise) ने न केवल दक्षिण भारत में, बल्कि हिंदी भाषी जनता के बीच भी आश्चर्यजनक प्रदर्शन किया। फिल्म के कर्ताधर्ताओं को उम्मीद है कि यह अभी और भी आगे तक जा सकती है, क्योंकि उनकी आमदनी में हर दिन बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है।

हिंदी के तमाम दर्शकों का कहना है कि वे अब बेवहजह की मुंबईया फिल्मों से उब चुके हैं, उन्हें कुछ नया और कुछ अच्छा चाहिए इसलिए दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग उनके लिए सबसे अच्छा आप्शन है, इतना अच्छा कि अमेरिकन फिल्में भी इसके आगे एक दम बकवास हैं।

#dharmwani

admin
adminhttp://dharmwani.com
देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments