Friday, May 15, 2026
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शंकराचार्य जी ने धर्मादेश जारी कर सरकार को अविलंब गोचर भूमि मुक्त करने को कहा

शंकराचार्य जी ने धर्मादेश जारी कर सरकार को अविलंब गोचर भूमि मुक्त को कहा

भागलपुर, बिहार, 20.9.25 | गौमाता के प्राणों की रक्षा एवं गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु गौमतदाता संकल्प यात्रा के अंतर्गत भागलपुर पहुचें परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने गौमतदाता संकल्प सभा में एक धर्मादेश जारी कर बिहार सरकार को अविलंब गोचर भूमि को खाली करने हेतु कहा।

परमधर्माधीश शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि बिहार में गौशालाओं की दुर्दशा व अनेकों स्थानों पर गौशालाओं के बन्द हो जाने का मुख्य कारण भू-हदबंदी कानून है जिसके अंतर्गत गौभक्तों द्वारा गोशाला के गायों का संरक्षण, संवर्धन व संपोषण हेतु दान में प्रदत्त भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया था।

Shankaracharya Ji asked the government to free the grazing land immediately - Bhagalpur Bihar Shankaracharya Ji asked the government to free the grazing land immediately - Bhagalpur Biharपूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि श्रीगोशाला भागलपुर की स्थापना समाज के प्रबुद्ध गौभक्तों द्वारा की गई थी। तब से लेकर आजतक अबाध रूप से भागलपुर गोशाला में गायों का संरक्षण, संवर्धन व संपोषण, रखरखाव व सेवा गौभक्तों द्वारा की जा रही है। इन गौभक्तों द्वारा गोशाला में गौधन के संरक्षण व संपोषण हेतु लगभग हजार बीघा से अधिक जमीन की व्यवस्था गोशाला को दान देकर किया था। ऐसी ही व्यवस्था पूरे बिहार के अन्य गोशालाओं में वहा के गौभक्तों द्वारा किया गया था। लेकिन आपातकाल के समय मे तत्कालीन सरकार ने केवल भागलपुर के गोशाला की 200 बीघा से अधिक जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था। यही कार्य बिहार के अन्य गोशालाओं के साथ किया गया था।

सरकारों और नेताओं पर क्यों आश्रित होता जा रहा है हिन्दू धर्म?

बिहार के गोशालाओं हेतु यह कृत्य अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुआ। यही नही आगे चलकर खुद को यदुवंशी, गौभक्त व कृष्ण का वंशज बताने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में बाकी बची हुई गौचर भूमि का भी अधिग्रहण कर लिया गया। यह सरकार द्वारा गौशाला हेतु दी गई कोई सरकारी भूमि नही थी जिसे सरकार ने वापस ले लिया। यह सनातनधर्मी गौभक्तों द्वारा मेहनत से अर्जित भूमि श्रद्धा से गौसेवा हेतु दान दी गई थी। और दान में दी गई भूमि का अधिग्रहण करने का अधिकार सरकार को भी नही है।

पूज्यपाद श्रीशंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि अधिग्रहण की गई भूमि का अभी तक सरकार द्वारा वितरण नही किया गया है। अगर सरकार चाहे तो एक कानून बनाकर उपरोक्त अधिग्रहण की गई समस्त जमीन को सम्बंधित गोशालाओं को वापस कर सकती है, पर वोट की राजनीति के स्वार्थ के कारण सरकार द्वारा अभी तक ऐसा निर्णय नही लिया जा सका है। उसी समय से श्रीगोशाला भागलपुर एवं बिहार की अन्य गोशालाएं अपनी गायों के संवर्धन व संपोषण हेतु अपनी जमीन वापस लेने हेतु संघर्षरत हैं। और जिन गोशालाओं के पास थोड़ी बहुत जमीन बची है उसपर भी बाहुबलियों व असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया है।

पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने साथ ही कहा कि बिहार की सभी गोशालाओं पर सरकार का नियंत्रण है। सरकार के निर्देशानुसार बिहार की सभी गोशालाओं के अध्यक्ष शहर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) हुआ करते हैं। फिर भी इक्षाशक्ति के अभाव में न तो अधिग्रहण की गई भूमि को वापस लिया जा सका है और न ही अतिक्रमित भूमि पर गोशालाओं को कब्जा दिलाने हेतु सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है। समुचित संसाधनों और बिना किसी अतिरिक्त आय के साधन व धनाभाव में बिहार की अधिकतर गोशालाएं बन्द हो चुकी हैं और बाकी भी बन्द होने के कगार पर खड़ी हैं। गोशालाओं का मुख्य उद्देश्य केवल वृद्ध, अशक्त, असहाय व दूध न देने वाली गौमाता की सेवा और कसाइयों से बचाकर उनका पालन पोषण करना ही है। जो बिना आय के श्रोत के सम्भव नही है जिसे सरकार ने रोक रखा है।

वोट आपका है, लेकिन सरकार और नेता आपके नही हैं –
पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि हिन्दू के वोट से बनी सरकार यदि गाय को बोटी बोटी काटकर डालर कमा रही है तो ये सनातनधर्मियों की कमजोरी है। नेता कहते हैं कि यह धर्म निरपेक्ष देश है, इसमें कई पन्थ व मजहब के लोग रहते हैं इसलिए हम गौरक्षा कैसे करें? लोकतंत्र में बहुमत देखकर ही जब हम सत्ता देते हैं तो नेताओं द्वारा सनातनी बहुमत की आवाज को क्यों दबाया जाता है। देश का बहुसंख्यक समाज गौहत्या के खिलाफ है, इसलिए लोकतंत्र के इस मूल भावना का संरक्षण करना सबका दायित्व है।

हमारा कोई राजनैतिक एजेंडा नही है गौमाता के प्राणों की रक्षा हमारा उद्देश्य है, जो पार्टी इसके निमित्त सामने आएगी हम उसका साथ देंगे। सबका साथ सबका विश्वास के चक्कर मे गौहत्यारों व गौभक्तों दोनो को साथ लेने की कोशिश की जा रही है लेकिन गौहत्यारा हमारा भाई नही शत्रु है। आप सब सनातनी गौमाता हेतु वोट करने का दृढ़संकल्प ग्रहण कर लो। लोकतंत्र में आरजकता से नही वोट के ताकत से अपनी बात मनवाई जा सकती है।

उपरोक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री-स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुंदानंद जी महाराज, दण्डी स्वामी श्रीनिधिरव्ययानन्द सागर, लक्ष्मीनारायण डोकानिया, रामगोपाल पोद्दार, बनवारी लाल खेतान, अतुल ढाढनिया, सुनील जैन, रोहित बाजोरिया, दीपक खेतान मंयक सिंघानियां, सत्यनारायण पोद्दार, गिरधारी केजरीवाल, देवेंद्र पाण्डेय, शैलेन्द्र योगी सहित भारी संख्या में गौभक्त बिहारवासी उपस्थित थे।

(उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।)

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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