Skip to content
1 May 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • धर्मस्थल
  • श्रद्धा-भक्ति

बड़ा गणेश मंदिर में आज भी जिंदा है हजारों वर्षों की परंपरा

admin 6 November 2021
Bade Ganesh Mandir Ujjain
Spread the love

अजय सिंह चौहान || धर्म और अध्यात्म की प्राचीनतम नगरी और सात मोक्ष पुरियों में से एक उज्जयनी नगरी जिसे आज उज्जैन के नाम से जाना जाता है उसके अधिपति और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान महाकाल के मंदिर के बिल्कुल नजदीक और प्राचीन रुद्रसागर झील के किनारे पर स्थित है प्रथमपूज्य भगवान श्री गणेश की एक ऐसी विशाल प्रतिमा जिसको अपने आप में अनोखी प्रतिमा कहा जाय तो आश्चर्य नहीं होगा। क्योंकि इस विशालकाय पावन मूर्ति में ऐसी कई खुबियां है जो आश्चर्यचकित करने वाली कही जा सकती है।

उज्जैन में स्थित बड़ा गणेश के इस मंदिर की स्थापना स्वतंत्रता सेनानी पंडित सूर्य नारायण व्यास के अथक प्रयासों द्वारा हुई थी। और गणेश जी की इस विशालकाय प्रतिमा के निर्माण में अनेक प्रकार के प्रयोग भी किए गए थे। जिसमें सबसे पहले तो बता दें कि भगवान गणेश की यह मूर्ति एक विशालकाय मूर्ति है इसलिए इसे बड़ा गणेश के नाम से जाना जाता है, और कहा जाता है कि गणेश जी की इस विशालकाय प्रतिमा को तैयान करने में लगभग ढाई वर्ष का समय लगा था।

भगवान गणेश की यह विशालकाल मूर्ति विश्व की सबसे ऊँची और विशाल गणेश जी की मूर्तियों में से एक मानी जाती है। यह मूर्ति करीब 18 फीट ऊंची और 10 फीट चैड़ी है। जबकि मूर्ति के दोनों ओर खड़ीं रिद्धि और सिद्धि की मूर्तियों को मानव आकार में ही दिखाया गया है। गणेश जी की इस मूर्ति की सूंड दक्षिणावर्ती दिखाई गई है जो बहुत ही कम देखने को मिलती है। कहा जाता है कि इस विशाल प्रतिमा को बनाने में सीमेंट का प्रयोग बिलकुल भी नहीं किया गया है। बल्कि सिमेंट के स्थान पर इसमें गुड़ और मेथीदाने का उपयोग किया गया है। और अन्य सामग्रियों में परंपरागत रूप से ईंट, चूने व बालू रेत का ही प्रयोग किया गया है।

गणेश जी की इस विशालकाय प्रतिमा के निर्माण में एक और खास बात यह है कि इसमें देश की सात मोक्ष पुरियों- जैसे मथुरा, माया, अयोध्या, काँची, उज्जैन, काशी व द्वारिका सहित अन्य अनेकों प्रमुख तीर्थ स्थलों की मिट्टी और पवित्र जल लाकर भी इस मूर्ति के निर्माण में उपयोग किया गया है।

बड़ा गणेश का यह मंदिर हमारे प्राचीन और वैदिक काल के उन मंदिरों की स्थिति और कर्तव्यों की भी याद दिलाता है जब हमारे परंपरागत मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों के परिसरों में प्रचलित शिक्षा का प्रमुख केन्द्र हुआ करते थे। दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों और उनके परिसरों में यह परंपरा तो आज भी कायम है। जबकि, देश के अन्य भागों के पूजा स्थलों या मंदिरों में अब यह परंपरा लगभग समाप्त हो चुकी है। लेकिन उज्जैन का यह बड़ा गणेश मंदिर हमारी सैकड़ों और हजारों सालों की उस परंपरा को आज भी जिंदा रखे हुए है।

इसे भी पढ़े: पैठण (Aurangabad) का प्राचीन इतिहास | Ancient History of Aurangabad

बड़ा गणेश मंदिर आज सिर्फ एक गणेश जी का मंदिर ही नहीं बल्कि हमारी प्राचीनकाल की परंपराओं और धरोहरों की रक्षा करने और उनके आदर्शों का पालन करने और ज्योतिष तथा संस्कृत भाषा पर शिक्षा प्रदान करने के लिए भी एक लोकप्रिय प्रशिक्षण केंद्र है। कई दक्षिण भारतीय मंदिर परिसरों में आज भी ज्योतिष विज्ञान, संस्कृत भाषा, पूजा-पाठ विधि और नैतिक शिक्षा का परंपरागत ज्ञान बांटा जाता है। और बड़ा गणेश का यह मंदिर उन्हीं परंपराओं को कायम रखने का एक छोटा-सा प्रयास है।

श्री हरसिद्धि माता शक्तिपीठ मंदिर की संपूर्ण जानकारी | Harshidhi Shaktipeeth Ujjain

वैसे तो यह मंदिर बड़ा गणेश के मंदिर के नाम से ही जाना जाता है लेकिन इस मंदिर का असली आकर्षण इस मंदिर के मध्य भाग में स्थित अष्टधात्तु यानी आठ धातुओं से बनी पंचमुखी हनुमान जी की एक दुर्लभ मूर्ति को बताया जाता है। इसके अलावा इस मंदिर में भगवान कृष्ण और माता यशोदा को भी मूर्ति रूप में दिखाया गया है जिसमें माता यशादा कृष्ण को स्तनपान करती हुई दिख रही है। इसके अतिरिक्त इस मंदिर परिसर में एक नवग्रह मंदिर भी बना हुआ है। और इस नवग्रह मंदिर का भी अपना एक अलग महत्व बताया जाता है।

बड़ा गणेश का यह मंदिर अपनी शिल्पकला के लिए भी प्रसिद्ध है। गणेश चतुर्थी, श्री कृष्ण जन्माष्टमी और हनुमान जयंती के अवसर पर इस मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है।

उज्जैन आने वाले और भगवान महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालु बड़ा गणेश मंदिर की इस विशाल मूर्ति के दर्शनों के बिना उज्जैन की अपनी यात्रा को अधूरी मानते हैं। बड़ा गणेश के इस मंदिर के समीप ही श्री हरसिद्धि माता का शक्तिपीठ मंदिर भी स्थित है, जहां इस मंदिर से निकल कर पैदल ही जाया जा सकता है।
उज्जैन के रेलवे स्टेशन से लगभग 8 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित इस मंदिर तक आने के लिए शहर में चलने वाले कई संसाधन हैं जिनके माध्यम से यहां पहुंचना एक दम आसान है।

धर्म और अध्यात्म की नगरी उज्जैन जाने के लिए वैसे तो किसी भी मौसम या किसी भी दिन जाया जा सकता है लेकिन अगर परिवार के अन्य सदस्यों खासकर बच्चों ओर बुजुर्गों के साथ जाना हो तो उसके लिए सबसे अच्छा मौसम अक्टूबर से मार्च के मध्य का है। यहां जाने के लिए देश के लगभग हर भाग से रेल सेवा उपलब्ध है। हवाई मार्ग से जाने वालों के लिए यहां का निकटतम हवाई अड्डा इंदौर में है जो यहां से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है।

About The Author

admin

See author's posts

Post navigation

Previous: बौद्ध भिक्षुओं ने अयोध्या को दिया था नया नाम || Modern History of Ayodhaya
Next: गुरुद्वारा बंगला साहिब में आज भी मौजूद हैं अध्यात्मिक शक्तियां | History of Banglasahib Gurudwara

Related Stories

Bhavishya Malika
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

admin 31 March 2026
Relationship between the Ramayana and the Vedas
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

रामायण और वेदों का संबंध

admin 27 March 2026
Happy Sanatani New Year on 19th March 2026
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति
  • हिन्दू राष्ट्र

‘रौद्र संवत्सर’ पर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी का संदेश

admin 19 March 2026

Trending News

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys! Men was not monkey 1
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

1 May 2026
नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा Noida Protest Illegal Detention 2
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

29 April 2026
‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 3
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 4
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026

Tags

नोएडा मीडिया क्लब नोएडा सिटीजन फोरम भाजपा सरकार योगी सरकार सीएम योगी
  • Men was not monkeyसुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • Noida Protest Illegal Detentionनोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • bharat barand‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

Recent Posts

  • सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.