Skip to content
1 May 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • विशेष

अलाउद्दीन खिलजी का राष्ट्रवाद और हिन्दुओं का राष्ट्रद्रोह

admin 1 October 2023
Viram Dev Chauhan and Khilji
Spread the love

अजय सिंह चौहान || बात सन 1310 की है। अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली से एक बड़ी सेना लेकर जालौर के लिए रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में सिवाना भी पड़ता था जहां के राजा थे सातलदेव जी। अलाउद्दीन खिलजी ने जालौर से पहले सिवाना के दुर्ग को घेर कर अपने किसी विश्वासघाती के जरिये उस दुर्ग के भीतर सुरक्षित जल भंडार में गौ मांस और गौ रक्त डलवा दिया जिससे दुर्ग के लिए इस्तमाल होने वाला सारा जल दूषित हो चुका था।

सिवाना के शासक सातलदेव जी के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा था, क्योंकि गौ मांस और गौ रक्त युक्त जल को वे पी नहीं सकते थे। इसलिए उन्होंने इसे अन्तिम युद्ध की घोषणा मानकर अपने समस्त सैनिकों के साथ “केसरिया बाना” पहन लिया। “केसरिया बाना” एक प्रकार के ऐसे पवित्र वस्त्र होते हैं जिन्हें युद्ध में जाने से पहले हर राजपूत योद्धा पहना करते हैं।

पुरुषों के द्वारा “केसरिया बाना” पहन लेने के बाद दुर्ग में रहने वाली समस्त क्षत्राणियों और अन्य दासियों के पास भी अब कोई विकल्प नहीं बचा था, इसलिए उन सभी स्त्रियों ने केसरिया बाना पहने अपने रक्षकों के सामने ही “जौहर” कर लिया, ताकि उनका शरीर अलाउद्दीन खिलजी या उसके अन्य किसी भी सैनिक के हाथ अपवित्र न हो सके। यानी उन क्षात्राणियों ने स्वयं को आग के हवाले कर लिया। उधर सातलदेव आदि भी धर्म की रक्षा के खातिर खिलजी की विशाल सेना के सामने जा पहुंचे।

अलाउद्दीन खिलजी जानता था की सातलदेव जी के पास मात्र कुछ ही सैनिक हैं लेकिन फिर भी उसकी विशाल सेना उनका सामना नहीं कर सकती। इसलिए उसने युद्ध के मैदान में अपनी सेना के आगे गायों को खड़ा कर दिया और उनके सहारे सातलदेव जी की सेना को असहाय कर दिया। और क्योंकि सातलदेव जी की सेना ने “केसरिया बाना” पहन लिया था इस लिए इसे ही अपना अंतिम धर्म युद्ध माना और “वीर शाका” करके वीरगति को प्राप्त हो गए।

गाय की रक्षा और उसके सम्मान के लिए जहां पहले कभी हिन्दू समाज “केसरिया बाना” पहन लिया करते थे और महिलायें ख़ुशी-ख़ुशी “जौहर” कर लिया करती थीं, वहीं आज का यह आधुनिक भारत गोमांस निर्यात के पायदान पर विश्व में कभी नंबर एक तो कभी नंबर दो के स्थान पर रह कर विश्व कीर्तिमान बना रहा है और डालरों में धन अर्जित कर अपने विदेशी मुद्रा भंडार को भरता जा रहा है। गोमांस निर्यात से अर्जित उसी धन से चुनावों में मुफ्त की रेवड़ियां बांटी जा रही है और उसी खिलजी के वंशजों को मुफ्त वज़ीफ़े भी बांटे जा रहे हैं।

उधर सातलदेव जी की सेना का “वीर शाका” होते ही अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने सिवाना के उस दुर्ग में प्रवेश किया और लूटपाट मचा दी, दुर्ग में बने मंदिरों को खंडित कर उसमें से विशाल खजाने को अपने कब्जे में ले लिया। सिवाना पर कब्जे के बाद खिलजी ने अपनी सेना को जालौर पर आक्रमण के लिए भेज दिया, लेकिन खुद उस बेशकीमती खजाने को लेकर दिल्ली आ गया।

अगर हम वर्तमान स्थिति को देखें तो मांस निर्यात पर सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 के बाद से मांस का निर्यात और भी अधिक बढ़ा है। एक आरटीआई के जवाब में मिली जानकारी से सामने आया है कि सन् 2017 में मांस निर्यात को लेकर लोकसभा में सरकार की ओर से कहा गया था कि मांस निर्यात में 17,000 टन की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। यही नहीं, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2014-2017 के बीच तीन सालों में बूचड़खानों के लिए लगभग 68 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी दी थी।

सन 2006 के समय से भारत की और से मांस के निर्यात में बढ़ोत्तरी आने का जो सिलसिला आरंभ हुआ था, आज वह भारत को नं-1 बीफ निर्यातक तक पहुंचा चुका है। फरवरी, 2018 की ‘वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाईजेशन’ रिपोर्ट के अनुसार बीफ निर्यात के क्षेत्र में वर्ष 2006 से 2016 के बीच भारत में एक जबरदस्त बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वर्ष 2006 में जहां बीफ के विश्व व्यापार में भारत का योगदान मात्र 2 प्रतिशत तक ही हुआ करता था, सन 2016 में यह आंकड़ा एकाएक 20 प्रतिशत से अधिक हो गया! सन 2022-23 में तो यह आंकड़ा और भी अधिक बढ़ गया है।

#dharmwani

About The Author

admin

See author's posts

Post navigation

Previous: संघ परिवारः मुस्लिम मोह में गिरफ्तार
Next: Great Bear: सनातन में ऋषियों का महत्व एवं महिमा 

Related Stories

Men was not monkey
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

admin 1 May 2026
Noida Protest Illegal Detention
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

admin 29 April 2026
bharat barand
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

admin 1 April 2026

Trending News

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys! Men was not monkey 1
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

1 May 2026
नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा Noida Protest Illegal Detention 2
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

29 April 2026
‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 3
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 4
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026

Tags

नोएडा मीडिया क्लब नोएडा सिटीजन फोरम भाजपा सरकार योगी सरकार सीएम योगी
  • Men was not monkeyसुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • Noida Protest Illegal Detentionनोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • bharat barand‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

Recent Posts

  • सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.