तमाम खबरों के अनुसार, पता चलता है कि पकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर एक ही कमांड के तहत अपनी थल, जल और वायु सेना के अब तक के सबसे बड़े आधुनिकीकरण पर काम कर रहे हैं और स्वयं उसकी देखरेख भी कर रहे हैं। मुनीर ने इस साल की शुरुआत में ही अपनी तीनों सेनाओं के कामकाज को एक साथ लाने और बाहरी खतरों के खिलाफ पाकिस्तान की सेनाओं की क्षमता को मजबूत करने के लिए ‘नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड’ बनाई थी।
दरअसल, सर क्रीक नाम से करीब 96 किलोमीटर लंबी एक ज्वारीय खाड़ी (एस्चुरी) है जो भारत के गुजरात और पाकिस्तान के सिंध के बीच कच्छ के रण में स्थित है। इसके अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले तटीय और जलीय क्षेत्र से पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ और सामरिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। खबर है की अब इस इलाकों में पाकिस्तान ने चीन और तुर्की की मदद से अपने आधुनिक हाइब्रिड होवरक्रॉफ्ट ड्रोन तैनात कर दिए हैं और फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।
खबरों के अनुसार, पाकिस्तान ने यहां अपनी नेवी के ‘अबाबील प्रोजेक्ट’ के तहत नेवल स्पेशल सर्विस ग्रुप यानी SSG-N के कमांडो की तैनाती की है। पकिस्तान का SSG-N एक समुद्री स्पेशल ऑपरेशन फोर्स है, जो हवा, समुद्र और ज़मीन पर किसी भी हाई-रिस्क मिशन को अंजाम देने के लिए ट्रैंड है।
इसके अलावा, तुर्की में निर्मित ड्रोन-होवरक्राफ्ट एक ऐसा आधुनिक हाइब्रिड और रिमोट-कंट्रोल चालित वाहन है जो पानी, जमीन और हवा तीनों में आसानी से चलने या उड़ने की क्षमता रखता है। इसको एक बहुउपयोगी तकनीकी खिलौने या मॉडल के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिसे जोड़कर होवरक्राफ्ट या अलग करके ड्रोन भी बनाया जा सकता है। इनका उपयोग निगरानी के लिए भी किया जा सकता है।
CNN-News18 की खबरों के अनुसार, भारत और पाकिस्तान की इस समुद्री सीमा पर सुरक्षा का खतरा इस लिए बढ़ गया है क्योंकि यहां पाकिस्तान अपने नेवी और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है। पाकिस्तान का यह विस्तार ‘अबाबील-द डिवाइन स्ट्राइक’ नाम के एक नए सामरिक प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
खबरों के अनुसार, पाकिस्तान यहां आधुनिक चीनी होवरक्राफ्ट और तेज रफ्तार वाली नेवल बोट, तुर्की के ड्रोन के साथ-साथ लेटेस्ट रॉकेट और एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात कर रहा है। तुर्की के ये आधुनिक ड्रोन भारी विस्फोटक ले जाने में भी सक्षम हैं और इनका इस्तेमाल निगरानी के लिए भी किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के इस ‘अबाबील प्रोजेक्ट’ में एक एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल है, जो इस सर क्रीक इलाके और अरब सागर में पाकिस्तान आर्मी की उस रॉकेट फोर्स के साथ मिलकर काम करेगा जिसका हाल ही में निर्माण हुआ है। हालाँकि पकिस्तान का कहना है की हमारा मकसद केवल इसके जरिये बाहरी खतरों और आक्रमणों को रोकना है ।
खबर है कि चीन और तुर्की मिल कर पकिस्तान को उन्नत सैन्य उपकरण और प्रौद्योगिकी की आपूर्ति करके उसके सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। और स्वयं पकिस्तान ने भी अपने व्यापक नौसैनिक बेड़े के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत उन्नत चीनी तुगरिल श्रेणी के फ्रिगेट भी शामिल किए हैं। इसके तहत, चीन ने पाकिस्तान को पहली हैंगोर-श्रेणी की पनडुब्बी सौंप भी दी है और उसको अब अरब सागर में उन्नत गुप्त क्षमता और द्वितीय-हमला क्षमता भी प्राप्त हो गई है।
– अशोक सिंह
