ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में सीवर जाम की समस्या स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। प्लांट नंबर A-1, A-2 और एक्सटेंशन स्थित गुरुद्वारा गली नंबर 1 एवं 2 में पिछले करीब तीन महीनों से सीवर का गंदा पानी सड़कों पर जमा है। सीवर ओवरफ्लो के कारण गलियों में जगह-जगह गंदा और बदबूदार पानी फैला हुआ है। हालात ऐसे हैं कि स्थानीय लोगों का घरों से बाहर निकलना और रोजमर्रा के जरूरी काम करना भी मुश्किल हो गया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। अधिकारियों की ओर से समस्या के समाधान को लेकर कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है, मगर जमीनी स्तर पर हालात में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा।
मोहन गार्डन में सीवर ओवरफ्लो से बदहाल हुईं गलियां
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों से सीवर का पानी लगातार सड़कों और गलियों में जमा हो रहा है। गंदे पानी के कारण पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। पैदल चलने वाले लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई जगहों पर गंदा पानी जमा होने के कारण लोगों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है। दोपहिया वाहनों और अन्य गाड़ियों से आने-जाने वालों को भी काफी दिक्कत होती है। लोगों का कहना है कि घर से बाहर निकलते समय हर दिन इस बात की चिंता रहती है कि कहीं गंदे पानी में पैर न पड़ जाए या कपड़े खराब न हो जाएं।
घरों में खाना बनाना और बर्तन धोना हुआ मुश्किल
सीवर जाम की समस्या का सबसे गंभीर असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके घर सड़क के निचले स्तर पर स्थित हैं। गंदे पानी और तेज दुर्गंध के कारण घरों के अंदर रहना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बदबू इतनी अधिक है कि घरों में सामान्य रूप से खाना बनाना और खाना खाना तक मुश्किल हो गया है। रसोई में काम करने के दौरान दुर्गंध परेशान करती है। यहां तक कि बर्तन धोने और घर की साफ-सफाई करने में भी लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
निचले हिस्सों में रहने वाले परिवारों के लिए स्थिति और भी खराब है। उन्हें हर समय गंदे पानी के घरों के आसपास जमा होने और उससे फैलने वाली दुर्गंध के बीच रहना पड़ रहा है। लोगों को डर है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
नवरात्रि और करवा चौथ पर भी नहीं मिल पाया स्वच्छ माहौल
सीवर की समस्या ने क्षेत्रवासियों की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया है। लोगों का कहना है कि नवरात्रि और करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण त्योहार भी उन्हें सामान्य स्वच्छ वातावरण में मनाने का अवसर नहीं मिला।
त्योहारों के दौरान हर परिवार अपने घर और आसपास साफ-सफाई रखना चाहता है। लोग चाहते हैं कि गलियां स्वच्छ हों और घर के आसपास अच्छा वातावरण रहे, लेकिन मोहन गार्डन की इन गलियों में फैले सीवर के पानी और दुर्गंध ने त्योहारों की खुशियों पर भी असर डाला।
अब दीपावली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है कि अगर जल्द सीवर की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें इस बार भी गंदगी और बदबू के बीच त्योहार मनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
दिल्ली जल बोर्ड से लोगों की जल्द कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों तक कई बार शिकायत पहुंचाई जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग केवल अस्थायी सफाई तक सीमित न रहे, बल्कि सीवर लाइन की पूरी जांच कराई जाए। जहां सीवर लाइन में रुकावट, टूट-फूट या क्षमता से संबंधित समस्या है, उसे ठीक किया जाए, ताकि बार-बार सीवर का पानी सड़कों पर न फैले।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जब तक सीवर व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त नहीं किया जाएगा, तब तक इस समस्या से पूरी तरह छुटकारा मिलना मुश्किल है।
दीपावली से पहले समाधान नहीं हुआ तो बढ़ेंगी मुश्किलें
दीपावली खुशियों, रोशनी और स्वच्छता का त्योहार है। इस अवसर पर लोग अपने घरों की सफाई करते हैं और आसपास के वातावरण को सुंदर बनाने की तैयारी करते हैं। लेकिन मोहन गार्डन प्लांट नंबर A-1, A-2 और एक्सटेंशन की गुरुद्वारा गली नंबर 1 एवं 2 के निवासियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सीवर के गंदे पानी से छुटकारा पाना है।
क्षेत्रवासियों ने दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि दीपावली से पहले प्राथमिकता के आधार पर सीवर की सफाई और मरम्मत का काम पूरा कराया जाए। साथ ही सड़कों पर जमा गंदे पानी को हटाकर गलियों की समुचित सफाई कराई जाए।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग लोगों की इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है। फिलहाल मोहन गार्डन के निवासी तीन महीने से चली आ रही इस परेशानी से निजात मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उन्हें अपने घरों में स्वच्छ वातावरण, साफ गलियां और बिना दुर्गंध के सामान्य जीवन जीने का अधिकार मिल सके।
