Thursday, June 18, 2026
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ब्रिटैन पर 20 करोड़ मोटे चूहों का हमला, जहर भी बेअसर

इन दिनों ब्रिटैन पर एक ऐसे दैत्य ने कब्जा कर उसे बंधक बनाने की ठान ली है जो ब्रिटैन के लोगों से भी अधिक कुख्यात और निडर है. ये दैत्य न तो कोई दूसरी दुनिया से आया है और न ही कोई भुत-प्रेत या फिर किसी राक्षस प्रजाति का है, बल्कि एक ऐसा जीव है जिसे कहा जाता है एक मामूली सा चूहा.

जी हाँ, ये बात सुनने में जितनी अजीब और हंसी वाली लग सकती है उतनी ही सच भी है. क्योंकि इस समय ब्रिटैन पर करीब 20 करोड़ से भी अधिक बड़े और मोटे चूहों का हमला हो चुका है. ये चूहे इतने बड़े और मोटे हैं की कई लोगों ने अपनी ज़िंदगी में पहली बार इतने बड़े-बड़े चूहें देखे हैं.

हैरानी तो इस बात की है कि इन चूहों पर जहर भी असर नहीं कर पा रहा है. और इन्हें पकड़ने में भी दर लगता है, क्यों कि पकड़ने वालों पर ये चूहें हमला कर देते हैं और उन्हें काट लेते हैं.

ब्रिटैन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों और टेलीविज़न चैनलों में इस बात की खबरें विस्तार से देखने को मिल रहीं हैं कि सम्पूर्ण ब्रिटैन में विशालकाय चूहों ने हमला कर दिया है और ये हमला किसी आतंकी हमले से कम नहीं है, हैरानी तो इस बात की है कि ये हमला करीब-करीब सम्पूर्ण ब्रिटैन में देखने को मिल रहा है.

Attack of 200 million big rats on Britainब्रिटैन के अधिकतर स्थानों पर प्रशाशन के द्वारा आम लोगों को दो-दो फीट लंबे चूहों को लेकर शख्त वार्निंग भी दी जा रही है कि स्थानीय लोग सावधान रहें, क्योंक ये चूहे राक्षसी हो चुके हैं और इंसानों पर भी हमले कर सकते हैं. ये राक्षसी चूहें कितने खतरनाक हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन पर जहर का भी असर नहीं हो रहा है.

चूहे मार दवाई का छिड़काव करने वाली टीमों का कहना है कि हमें लगातार इस बात की शिकायतें मिल रही हैं की उनकी दवा या तो नकली है, या फिर वे जानबूझ कर उस दवा में जहर की मात्रा बहुत कम मिला रहे हैं, क्योंकि उन दवाओं से ये मोटेचूहे मर ही नहीं रहे हैं.

लोग इस बात की भी शिकायत कर रहे हैं कि चूहे उनके घरों की बाहरी दीवारों पर लगे पाइपों के जरिए और दरारों से घरों की छत्तों पर घूम रहे हैं और घरों में भी घुसने की कोशिशें कर रहे हैं. जो चूहे घरों में घुस जाते हैं वे खतरनाक तरीके से तांडव मचा रहे हैं. उनको बाहर निकालना बहुत ही मुश्किल हो जाता है. रात को नींद लेना मुश्किल हो रहा है, बच्चे डरे हुए हैं.

जबकि दूसरी तरफ ब्रिटिश पेस्ट कंट्रोल एसोसिएशन द्वारा जारी बयान में कहा है कि एक सामान्य घर में चूहों के आने के लिए दर्जनों रास्ते हो सकते हैं. चूहे की खासियत होती है की वो अपने शरीर को दबा सकते हैं, जिसके बाद वह एक या आधे इंच के छेद में से भी निकल सकते हैं. ऐसे में घर के मालिक को ही ये प्रयास करने होंगे कि वे इसके लिए क्या-क्या सावधानियां बरत सकते हैं.

Attack of 200 million big rats on Britainविशालकाय चूहों के आतंक से निपटने के उपायों को देखते हुए ब्रिटिश पेस्ट कंट्रोल एसोसिएशन के एक प्रवक्ता ने आम नागरिकों को इस बात की भी चेतावनी दी है कि अगर घरों में चूहें हैं तो उसका पहला सबूत तो ये है कि वे फर्श के नीचे या फिर दीवारों में छेद करते समय शोर करते हैं, जिससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है की वो घुसपैठ का नया रास्ता तलाश रहा है.

स्वस्थ्य के विषय पर पेस्ट कंट्रोल एसोसिएशन के एक प्रवक्ता का कहना था कि विशालकाय चूहे आपके घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियों को भी खराब कर सकते हैं, या उनमें गिरकर मर सकते हैं. इसके अलावा घरों में लकड़ी के सामान और बिजली के तारों को कुतर देते हैं इसलिए इन सामानों पर भी कड़ी नज़र रखनी होगी.

सम्पूर्ण ब्रिटैन में अब इस बात की आशंका बढ़ गई है कि यदि जल्द ही इन विशालकाय चूहों का इलाज़ नहीं किया गया तो इंसानों के स्वास्थ्य के लिए ये बहुत ही खतरनाक हो सकते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है की इन चूहों पर जहर का असर इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि ये नए चूहे वर्तमान में मौजूद जहर से इम्यून हो चुके हैं, इसलिए इन पर जहर का असर नहीं हो पा रहा है.

ब्रिटैन के मीडिया के मुताबिक एक्सपर्ट्स के दावे हैं कि इन चूहों के जन्म के लिए कोरोनाकाल के बाद का वर्क फ्रॉम होम कल्चर ज़िम्मेदार है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले जो गाड़ियां अधिकतर समय सड़कों पर रहती थीं वही गाड़ियां अब अधिक समय तक घरों में, पार्कों में, सड़कों के किनारे लम्बे समय तक पार्क की हुई रहती हैं. कई गाड़ियां तो ऐसी भी हैं कि वे अपनी जगह पर तीन-चार महीनों से खड़ी हैं. जिसके चलते उनके नीचे से कचरा उठाने में दिक्कत होती है, और कई कारों के निचे तो कचरे के ढेर लगे हुए आज भी देखे जा सकते हैं.

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पहले जब लोग डेली काम पर जाते थे तो गलियों से उनकी गाड़ियां निकलती रहती थीं, जिसके बाद उन कॉलोनियों की पतली गलियों में कचरे की गाड़ी आराम से कचरा उठाने घुस जाती थी, लेकिन अब वही गलियां हमेशा जाम रहती हैं और कचरा ठीक से निकल नहीं पा रहा है.

माना जा रहा है की ‘वर्क फ्रॉम होम कल्चर’ के कारण गाड़ियों के निचे इकठ्ठा कचरे में ये चूहे अपना घर बना चुके हैं और धीरे-धीरे वे इतने बड़े हो चुके हैं. कई गलियों और गाड़ियों के निचे तथा कई पार्किंग्स में तो वे गहरे-गहरे गड्ढे और छेद भी कर चुके हैं.

ऐसा इसलिए क्योंकि जब लोग काम पर नहीं जाते तो घरों के सामने खड़ी उनकी वही गाड़ियां लंबे समय तक खड़ी रहती हैं और इससे कचरा उठाने में समस्या होती है. इधर-उधर बिखरा कचरा चूहों को बढ़ने का मौका दे रहा है.

– अशोक सिंह

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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