Skip to content
2 May 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • पर्यावरण
  • विशेष

क्या होगा जब पिघल जाएंगे दुनिया के सारे ग्लेशियर?

admin 10 January 2023
Glaciers are going to melt early
Spread the love

अमेरिका के वाशिंगटन शहर से प्रकाशित एक ‘साइंस’ नामक प्रमुख पत्रिका में हाल ही में छपे एक विस्तृत अध्ययन में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के करीब 2,15,000 से अधिक छोटे-बड़े ग्लेशियरों का अध्ययन किया गया. हालाँकि इस अध्ययन में ग्रीनलैंड और अंर्टाकटिक में बर्फ की चादर पर बने ग्लेशियर शामिल नहीं हैं.

इस समय दुनिया के सारे ग्लेशियर कहीं अधिक तेजी से पिघलते जा रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारी कल्पना है की अभी करीब अगले 100 वर्षों तक ग्लेशियर बचे रह सकते हैं, लेकिन हमारी उस कल्पना से कहीं अधिक पहले ही धरती के सारे ग्लेशियर पिघलने वाले हैं.

इसका कारण जलवायु परिवर्तन ही नहीं बल्कि मानव निर्मित और भी कई कारण हो सकते हैं. हालाँकि जलवायु परिवर्तन की मौजूदा प्रवृत्तियों को देखते हुए इनमें से दो तिहाई ग्लेशियरों का इस सदी के अंत तक अस्तित्व समाप्त होने वाला है.

वैज्ञानिकों का एक नया अध्ययन बता रहा है कि अगर दुनिया भविष्य में होने वाले पृथ्वी के वैश्विक ताप को एक डिग्री के दसवें हिस्से से कुछ ज्यादा तक भी सीमित कर सकने में कामयाब हो जाय तो हो सकता है कि हम कुछ हद तक ग्लेशियर बचाने में कामयाब हो जाएँ. हालाँकि फिलहाल तो इसके आसार बहुत ही कम दिख रहे हैं.

अध्ययनकर्ता वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ज्यादातर छोटे लेकिन जाने-पहचाने ग्लेशियर जो कि कुछ आम लोगों की पहुंच में होते हैं वे सबसे पहले विलुप्त हो सकते हैं. अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि सम्पूर्ण पृथ्वी पर तापमान के लगातार कई डिग्री तक बढ़ते रहने की सबसे खराब स्थिति में दुनिया के करीब 83 प्रतिशत ग्लेशियर अगले 75 से 80 सालों में विलुप्त हो सकते हैं.

यहां गौर करने वाली बात ये है कि वैज्ञानिकों ने जो अनुमान लगाया है उसके अनुसार भविष्य में ग्लेशियर के मुकाबले बर्फ की चादर पिघलने से समुद्र का स्तर ज्यादा बढ़ेगा.

इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर विभिन्न स्तर की ताप वृद्धि का अनुमान कम्प्यूटर सिमुलेशन के जरिए किया है. कम्प्यूटर सिमुलेशन यानी एक प्रकार का कंप्यूटर प्रोग्राम या एल्गोरिथम होता है. इससे यह पता चल पाया है कि कितनी टन बर्फ पिघलेगी, कितने ग्लेशियर विलुप्त हो जाएंगे और इससे समुद्र का जलस्तर कितना बढ़ेगा.

वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया इस समय अंधाधुन्ध औद्योगिकरण और औद्योगिक उत्पादन में लगी है, नए-नए शहर बसते जा रहे हैं जिसके कारण धरती पर जंगलों की कमी होती जा रही है. यही कारण है कि अधिकतर देशों के भूजल स्तर में भारी गिरावट के चलते सम्पूर्ण धरती पर 2.7 डिग्री सेल्सियस ताप वृद्धि की राह पर है, जिसके चलते वर्ष 2100 तक दुनिया के 32 प्रतिशत ग्लेशियर विलुप्त हो जाएंगे.

वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि पृथ्वी पर से सारे ग्लेशियर विलुप्त हो जाएंगे तो बड़े ही बुरे स्तर पर मनुष्य जीवन का विनाश हो सकता है. मात्र मनुष्य ही नहीं बल्कि अनेक प्रकार के जीव, वनस्पति, विलुप्त हो सकती है जिसके कारण अनेकों नई-नई महामारियां और बीमारियां देखने को मिलेगी, हालाँकि आज भी हमें कुछ-कुछ उसका ट्रैलर देखने को मिलने लगा है. लेकिन क्योंकि मनुष्य अभी अंधाधुन्ध औद्योगिकरण में लगा हुआ है इसलिए उसको इस बात का ऐहसास ही नहीं है कि वह अपनी कब्र खुद ही खोद रहा है.

– अशोक सिंह

About The Author

admin

See author's posts

Post navigation

Previous: ब्रिटैन पर 20 करोड़ मोटे चूहों का हमला, जहर भी बेअसर
Next: माता लक्ष्मी हमारे घर कितने रूपों में पधार सकतीं हैं?

Related Stories

Men was not monkey
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

admin 1 May 2026
Noida Protest Illegal Detention
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

admin 29 April 2026
bharat barand
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

admin 1 April 2026

Trending News

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys! Men was not monkey 1
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

1 May 2026
नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा Noida Protest Illegal Detention 2
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

29 April 2026
‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 3
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 4
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026

Tags

नोएडा मीडिया क्लब नोएडा सिटीजन फोरम भाजपा सरकार योगी सरकार सीएम योगी
  • Men was not monkeyसुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • Noida Protest Illegal Detentionनोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • bharat barand‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

Recent Posts

  • सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.