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भारत सहित पूरे विश्व की परिस्थितियों का मूल्यांकन किया जाये तो स्पष्ट रूप से देखने को मिलता...
विष्णु वंदना : शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुं भवभयहरं...
ज्योतिर्मठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘१००८’ महाराज ज्योतिर्मठ में हो रहा है एक हज़ार कन्याओं का पूजन कार्यक्रम...