धर्म

जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥ जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी...
गंगा यानी वही ममतामयी माता जिनके आगे माथा पटक कर भारत की अपढ़ आस्थावान माताएं युगों युगों...
भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में यह क्यों कहा, स्वधर्मे निधन श्रेय: परधर्मो भयावह:। जब तक हिंदुओं का...