Sunday, June 21, 2026
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Movie Review “Dashami” दशमी के दिन राम के साथ रावण का मैसेज

ऋषि तिवारी || इस शुक्रवार को चुनिंदा सिनेमाघरों में (Dashami : Movie Review in Hindi) एक ऐसी फिल्म रिलीज हो रही है जिसमे बेशक राम और रावण के साथ रामलीला के बैकग्राउंड में एक ऐसा शक्तशाली मैसेज मेकर्स द्वारा दिया गया है जो आज के समाज और माहौल पर सो फीसदी सार्थक होता है, बेहद सीमित बजट में बनी इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप फिल्म की शुरुआत से अंत तक आपको सीट से बांधकर रखती है।

नई स्टार कास्ट और किसी स्टूडियो में लगाए गए कृत्रिम सेट के बजाय फिल्म निर्देशक ने 90 फीसदी फिल्म की शूटिंग आउटडोर लोकेशन में पूरी की है जो फिल्म की स्टोरी को और दमदार बनाते है। इस फिल्म की टैगलाइन है, ‘आओ कलयुग की दशमी में कलयुगी रावण को मिलाकर जलाते हैं।’ तारीफ करनी होगी डायरेक्टर शांतुनु की जिन्होंने अपनी इस फिल्म के जरिए आज के समाज में बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाने और अंधेरे को मिटाकर एक नई रोशनी फैलाने की अच्छी पहल की है।

स्टोरी लाइन : (Dashami : Movie Review in Hindi) बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर बनी दशमी की एसीपी के के (आदिल खान) से शुरू होती है जिसे पुलिस कमिश्नर ने शहर के नामी विख्यात धार्मिक गुरु को अस्पताल से किडनैप कर किया गया है। केके अपनी विश्वासपात्र टीम के साथ गुरु जी के किडनैपर की तलाश में जुट जाता है लेकिन तभी लगातार किडनैपिंग का ऐसा सिलसिला शुरू होता है जिसने शहर की नामचीन हस्तियों जिनमे दूसरे धार्मिक गुरुओं के साथ ऐसे राजनीति, मेडिकल, समाज सेवा, से नामचीन हस्तियां शामिल है जो कोर्ट से जमानत पर रिहा है इन सब पर इल्जाम हैं कि इन्होंने चार साल से लेकर बीस साल तक की मासूम लड़कियों के साथ रेप किया लेकिन कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इन सभी का किडनैप होता है और सभी सोशल मीडिया पर यह कबूल करते नजर आते कि उन्होंने रेप किया है, आखिर इनका रेप कौन कर रहा है और क्या चाहता है, यह जानने के लिए आपको दशमी जरूर देखनी चाहिए।

ओवर ऑल : यह फिल्म (Dashami : Movie Review in Hindi) सामाजिक रीति-रिवाजों और दकियानूसी सामाजिक परंपराओं पर सवाल खड़ा करती है। निर्देशक की फिल्म पर अच्छी पकड़ है फिल्म में अमरीश पुरी के पोते वर्धन पुरी भी है और इन्होंने भी सपोर्टिंग कास्ट के साथ बेहतरीन एक्टिंग की है। दलजीत कौर, गौरव सरीन, मोनिका चौधरी, खुशी हजारे, स्वाति सेमवाल सभी अपने किरदार में फिट हैं।

आदिल खान ने अपनी बेहतरी एक्टिंग से अपने किरदार को जीवंत किया है। फिल्म के क्लाइमेक्स की जितनी भी तारीफ की जाए कम है क्योंकि आखिरी 25 मिनट की फिल्म का जवाब नही, अगर आप अच्छे संदेश प्रदान करने वाली फिल्मे पसंद करते है तो फैमिली के साथ इस फिल्म को जरूर देखिए।

कलाकार : आदिल खान, वर्धन पुरी, गौरव सरीन, मोनिका चौधरी, खुशी हजारे, दलजीत कौर,संजय पांडे, स्वाति सेमवाल, शिवम, निर्देशक, शांतुन अनंत तांबे।

सेंसर सार्टिफिकेट : यूए।

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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