Skip to content
10 April 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • पर्यटन

हजार स्तंभों वाले मंदिर की अनोखी है महिमा | Thousand Pillar Temple

admin 21 February 2021
Thousand Pillars temple in Hyderabad
Spread the love

अजय सिंह चौहान | तेलंगाना राज्य की राजधानी से, यानी हैदराबाद शहर से करीब 150 किमी की दूरी पर प्राचीनकाल का एक ऐसा मंदिर है जहां भगवान शिव, विष्णु और सूर्य देव, तीनों ही विराजमान हैं इसलिए इसको ‘त्रिकुटल्यम‘ (Thousand Pillar Temple) के नाम से भी जाना जाता है।

कहा जाता है कि इस मंदिर में विराजित भगवान रुद्रेश्वर महादेव का शिवलिंग स्वयंभू है। स्वयंभू यानी कि स्वयं जन्मा या प्रकट हुआ शिवलिंग। वैसे तो इस मन्दिर में और भी कई छोटे-छोटे शिवलिंग हैं लेकिन इस ‘त्रिकुटल्यम’ की मान्यता यहां मुख्यरूप से विराजित भगवान शिव, विष्णु और सूर्य देव के मंदिर के रूप में है।

दरअसल, आम तौर पर मंदिरों में भगवान महादेव और श्री हरि विष्णु जी के साथ ब्रह्मा जी की पूजा होती है। लेकिन, दक्षिण भारत में ‘त्रिकुटल्यम‘ नाम का ये एक ऐसा इकलौता मंदिर हैं जहां ब्रह्मा जी की जगह सूर्य देवता विराजमान हैं।

वारंगल में स्थित प्राचीन किला और श्री रुद्रेश्वर स्वामी का ये मंदिर, दोनों ही यूनेस्को विश्व धरोहरों की सूची में शामिल हैं और वारंगल क्षेत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण पवित्र और प्राचीन धार्मिक और पर्यटन स्थानों और धरोहरों में आते हैं।

चाहे आप इसे हजार स्तंभों वाला मंदिर कह लें या ‘त्रिकुटल्यम‘ या फिर इसे आप श्री रुद्रेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से भी पुकारें, स्थानीय लोगों के लिए इन तीनों ही नामों में मात्र एक ही मंदिर का दृश्य उभर कर नजर आता है।

भले ही इस मंदिर संरचना को एक हजार स्तंभों यानी एक हजार खंभों वाला मंदिर कहा जाता है लेकिन सच तो ये है कि इस समय इस मंदिर में एक हजार खंभे नहीं बल्कि इन खंभों की संख्या 300 से थोड़ी अधिक बताई जाती है। लेकिन, कहा जाता है कि जब ये मंदिर बन कर तैयार हुआ था उस समय इसमें 1000 स्तंभ (Thousand Pillar Temple) हुआ करते थे तभी तो इसको ये नाम मिला था।

अगर आप भी यहां घुमने-फिरने जाने का मन बना रहे हों तो बता दें कि यहां 1000 स्तंभों वाले इस मंदिर (Thousand Pillar Temple) के अलावा भी यहां वरंगल का किला, भद्रकाली मंदिर और वारंगल से करीब 70 किलोमीटर दूर रामप्पा मंदिर भी हैं जहां घूमा जा सकता है। शहर के अन्य प्रमुख स्थानों में दो बड़े तालाब भी आकर्षण का केन्द हैं।

इस मंदिर के लिए आप यहां अपने परिवार के साथ साल के किसी भी मौसम में आ-जा सकते हैं, लेकिन, अगर आप यहां सर्दियों के महीनों में जायेंगे तो ये मौसम सबसे अच्छा माना जाता है।

अगर आप यहां रेल द्वारा पहुंचना चाहते हैं तो उसके लिए यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन मंदिर से करीब 10 किमी की दूरी पर काजिपेट जंक्शन के नाम से है।

अगर आप यहां रोडवेज बस से जायेंगे तो हनमकोंडा बस अड्डे से इस मंदिर तक की दूरी मात्र 2 किमी है। इसके अलावा यहां का निकटतम हवाई अड्डा हैदराबाद में राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो यहां से करीब 150 किलोमीटर दूर है।

हैदराबाद से मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से होकर जाना होता है। आप चाहें तो टेक्सी या फिर रोडवेज बस के द्वारा भी वहां तक पहुंच सकते हैं।

About The Author

admin

See author's posts

6,576

Post navigation

Previous: रोचक है आदिवासियों की विवाह पद्धतियां | Tribal life in India
Next: हज़ार स्तंभ वाले मंदिर का सबसे अनोखा इतिहास | Thousand Pillars Temple in Hyderabad

Related Stories

Saras Aajivika Fair Noida
  • देश
  • पर्यटन
  • लाइफस्टाइल

सरस मेले में दूसरे दिन उमड़ी भारी भीड़

admin 17 February 2024
Saras Aajivika Fair 2024 Noida 3
  • कला-संस्कृति
  • देश
  • पर्यटन

सरस आजीविका मेला 2024 का हुआ शुभारम्भ

admin 16 February 2024
Fatehpur-Sikri_Agra-District-of-Uttar-Pradesh-1
  • ऐतिहासिक नगर
  • पर्यटन
  • विशेष

फतहपुर सीकरी का इतिहास कितना सच कितना झूठ | History of Fatehpur Sikri

admin 27 November 2023

Trending News

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 1
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 2
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 3
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026
प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष” Ancient indian Psychological Warfare Method 4
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष”

31 March 2026
रामायण और वेदों का संबंध Relationship between the Ramayana and the Vedas 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

रामायण और वेदों का संबंध

27 March 2026

Total Visitor

096166
Total views : 176652

Recent Posts

  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभ उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!
  • प्राचीन Psychological Warfare पद्धति अर्थात “कृत्या स्त्री” और “कृत्या पुरुष”
  • रामायण और वेदों का संबंध

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.