Saturday, May 9, 2026
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आखिर क्यों, अबकी बार सात राज्यों से मोदी जी एकदम साफ़?

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अजय चौहान || शर्म आनी चाहिए हमारी एक ऐसी तथाकथित हिंदूवादी राजनीतिक पार्टी को जो हिन्दुओं से वोट लेकर म्लेच्छों को सीधे-सीधे लाभ देती है और फिर हार का ठीकरा भी उन्हीं हिन्दुओं पर फोड़ती है जो उसके कुकृत्यों को समझ कर उनसे दूरी बना लेते हैं। दरअसल, इस तथाकथित हिंदूवादी और तथाकथित राष्ट्रवादी पार्टी की समस्या यह है कि हिन्दू जनता ने इस बार हमें वोट क्यों नहीं दिया? लेकिन ये लोग ये नहीं कह पा रहे हैं कि इस बार हिन्दू वोटर्स ने इनकी हिन्दू विरोधी और देश विरोधी तथा षड्यंत्रकारी नीतियों को समझ लिया है इसीलिए वोट नहीं दिया।

2024 के आते-आते हिन्दुओं ने इस बात को अच्छे से समझ लिया है कि ये वही कालनेमि हैं जिनकी वजह से देश में घोर सेक्युलरवाद और जातिवाद और घोर राष्ट्रद्रोही गतिविधियां पनप रहीं हैं। हिन्दुओं ने ये भी समझ लिया है कि ये वही कालनेमि हैं जिनका दूसरा नाम आरएसएस और बीजेपी है। इनकी समस्या ये है कि क्यों इनको हिन्दुओं ने सीधे-सीधे कहना शुरू कर दिया है कि ये वही हैं जो मुस्लिमों के DNA से आम सनातनवादी हिन्दुओं का DNA मिलाकर हिन्दुओं को ही दगाबाज बता रहे हैं।

चलो मान लिया कि आरएसएस और बीजेपी हिंदूवादी हैं। तो फिर ये लोग हिन्दुओं के लिए भी काम क्यों नहीं करते? और यदि बीजेपी स्वयं को राष्ट्रवादी बताती है तो मुस्लिमों से भी वोट क्यों नहीं ले पाई? क्या मुस्लिम राष्ट्रवादी नहीं हैं? क्या वे अपने मजहब के अलावा किसी अन्य को नहीं मानते? राष्ट्रवाद को भी नहीं? चलो मान लिया कि यदि मुस्लिम बीजेपी को वोट नहीं देते तो फिर बीजेपी हमेशा उन्हीं के लिए सम्पूर्ण न्योछावर क्यों है? क्यों सोशल मीडिया पर बीजेपी अपने बद्तमीज़ और गुंडे आईटी सेलियों के माध्यम से इस हार का ठीकरा हिन्दुओं पर ही फोड़े जा रही है? क्यों हिन्दुओं को गद्दार और देशद्रोही कह कर सम्बोधित कर रहे हैं?

क्यों दोष दे रहो हो कि हिन्दुओं ने बीजेपी को वोट नहीं दिया? क्या हिन्दू तुम्हारे पालतू हैं? जब बीजेपी ने सरकार बनने के बाद अपने उन्हीं लोगों को सम्पूर्ण लाभ देना है तो फिर हिन्दू तुम्हें वोट क्यों दें?

राम भक्तों पर गोली चलाने वाले मुलायम सिंह यादव को यदि तुम “मरणोपरांत पद्म विभूषण” देकर उसको अमर कर रहे हो तो फिर तो तुम भी तो फिर मुलायम सिंह यादव के सामान ही हिन्दुओं और भगवान् राम के शत्रु हुए। ऐसे में हिन्दू तुम्हें ही वोट क्यों दें? सीधे उसी की पार्टी को वोट क्यों न दें? कम से कम दुश्मन की पहचान सामने से तो हो जायेगी? तुमने तो हिन्दुओं की पीठ पीछे वार किया है।

क्यों तुम अपने आईटी सेलियों के द्वारा तुम उन हिन्दुओं को गालियां दिला रहे हो जो तुम्हारे ही वोटर्स हैं और फिर कहते हो कि हिन्दू गद्दार हैं? क्यों कहते हो कि हिन्दुओं ने आवाज़ उठाना सिख लिया है?

जो बीजेपी और संघ आज इस हार के कारणों को अपने अंदर झाँक कर नहीं देख सकती वो उलटे उन्हीं हिन्दू वोटर्स को दोष दे रही है। लेकिन जिन्होंने 2014 में, और फिर 2019 में भर-भर कर वोट दिया था, इस बार उन्हीं हिन्दू वोटर्स को इनकी सच्चाई पता चल गई और इनसे दूरी बना ली तो वे हिन्दू ही गद्दार हो गए। लेकिन इनको एक भी वोट न देने वाले इनके अपने ही हैं और मूल राष्ट्रवादी हिन्दू वोटर्स गद्दार।

चलो मान लिया कि अगर इस चुनाव में बीजेपी फिर से जीत जाती तो क्या करती? क्या इस बार भी हिन्दुओं के लिए कुछ करती? या फिर वही कॉरिडोर बनाकर सनातन धर्म और धर्मस्थलों का खुला अपमान ही करती और वहाँ से हमारे देवी-देवताओं की मूर्तियों को उखाड़ कर उसी प्रकार से कूड़ेदान में फेंकवा देती, जैसे कि काशी, अयोध्या, उज्जैन आदि में हमने खुलेआम देखा है।

अभी तो मात्र कुछ प्रतिशत हिन्दुओं ने ही सही लेकिन, इस बात को समझ लिया है कि हम हिन्दुओं की मेहनत और पसीने की कमाई से भरे गए टेक्स के पैसे से ही इन्होने अपने डीएनए धारी म्लेच्छों के लिए 300 योजनाएं चला कर उन पर भारीभरकम धन लुटाया है और उसका हिसाम भी नहीं दे रहे हैं। यानी उलटा चोर कोतवाल को डांटे।

दरअसल, अयोध्यावासी हिन्दू तो इनके षड्यंतों को अच्छे से समझ गए हैं। काशी के भी आधे से अधिक हिन्दू इस षड़यंत्र को समझ चुके हैं तभी इस बार मोदी जी को बहुत ही कम वोट दिए हैं। हरियाणा में भी इस बार हिन्दू जागरूक हो चुके हैं, इन गोहत्यारों को सबक सीखाया है।

अगर यहां हम इन्हीं के मुखपत्र पांचजन्य के “एक्स” यानी ट्वीटर से लिए गए आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि इनको इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों द्वारा दिए गए समर्थन यानी वोट कुछ इस प्रकार से हैं –

कश्मीर में 100% मुसलमान BJP के खिलाफ !
बंगाल में 99% मुसलमान BJP के खिलाफ !
उत्तर प्रदेश में 95% मुसलमान BJP के खिलाफ !
तेलंगाना में 94% मुसलमान BJP के खिलाफ !
आंध्र प्रदेश में 95% मुसलमान BJP के खिलाफ !
बिहार में 93% मुसलमान BJP के खिलाफ !
मध्य प्रदेश में 98% मुसलमान BJP के खिलाफ !
राजस्थान में 97% मुसलमान BJP के खिलाफ !
महाराष्ट्र में 94% मुसलमान BJP के खिलाफ !

लेकिन, फिर भी आरएसएस, बीजेपी और मोदी उन्हीं के साथ और हिन्दुओं के खिलाफ है। उसी का नतीजा है जो ये 2024 की लोकसभा का परिणाम रहा। तुम न घर के रहे न घाट के। दरअसल बीजेपी, संघ और मोदी-शाह किसी के सगे नहीं हैं। सत्ता के लिए इन लोगों ने लोग कुछ भी करने की ठान ली थी। किसी से भी हाथ मिला लिया और हिन्दुओं को धोखा तो शुरू से दे ही रहे थे, बस आम हिंदुजन इनकी करतुतें समझने में समय लगा रहे थे, या फिर समझ नहीं पा रहे थे।

फिलहाल हद की बात तो ये है कि ये लोग गुजरात के अपने सबसे प्रिय पसमानदाओं को ३५ से ४० परसेंट लाभ पहले से ही देते आ रहे थे, लेकिन फिर भी वहाँ के आम हिन्दू आज तक भी इनको क्यों नहीं समझ पाए हैं। हालांकि देश की बाकी हिन्दू जनता को तो इन दस सालों में बहुत कुछ समझ आ गया। इसका मतलब या तो गुजरात में कुछ ऐसा हो रहा है जो भविष्य में हिन्दू जगत को हैरान कर सकता है। यही हाल कुछ-कुछ मध्य प्रदेश का भी होने वाला है।

हालांकि, मजेदार बात तो ये है कि ये ये संघी-भाजपाई फिर भी बेहद खुश हैं और आगे भी ख़ुशी-ख़ुशी उन्हीं पसमांदाओं के लिए काम करते रहेंगे और बताएंगे भी कि देखो हमने अपने सबसे प्रिय पसमांदाओं के लिए 300 योजनाएं चलाई और हिंदुओं को दुत्कारा। हैरानी की बात तो ये है कि ये लोग फिर भी स्वयं को हिंदूवादी और राष्ट्रवादी ही कहेंगे।

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