Tuesday, June 16, 2026
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भगवान विष्णु को किन-किन अवस्थाओं में कैसे स्मरण किया जाना चाहिए

हम साधारण मनुष्यों के द्वारा भगवान विष्णु को किन-किन अवस्थाओं में किस किस नाम से स्मरण किया जाना चाहिए इसी विषय पर पेश है भगवान विष्णु के 16 नामों का एक छोटा श्लोक: –

औषधे चिंतयते विष्णुं, भोजन च जनार्दनम।
शयने पद्मनाभं च विवाहे च प्रजापतिं ॥

युद्धे चक्रधरं देवं प्रवासे च त्रिविक्रमं।
नारायणं तनु त्यागे श्रीधरं प्रिय संगमे ॥

दुःस्वप्ने स्मर गोविन्दं संकटे मधुसूदनम् ।
कानने नारसिंहं च पावके जलशायिनाम ॥

जल मध्ये वराहं च पर्वते रघुनन्दनम् ।
गमने वामनं चैव सर्व कार्येषु माधवम् ॥

षोडश एतानि नामानि प्रातरुत्थाय य: पठेत ।
सर्व पाप विनिर्मुक्ते, विष्णुलोके महियते ॥

अर्थात :-
(1) औषधि लेते समय विष्णु
(2) भोजन के समय – जनार्दन
(3) शयन करते समय – पद्मनाभ
(4) विवाह के समय – प्रजापति
(5) युद्ध के समय चक्रधर
(6) यात्रा के समय त्रिविक्रम
(7) शरीर त्यागते समय – नारायण
(8) पत्नी के साथ – श्रीधर
(9) नींद में बुरे स्वप्न आते समय – गोविंद
(10) संकट के समय – मधुसूदन
(11) जंगल में संकट के समय – नृसिंह
(12) अग्नि के संकट के समय जलाशयी
(13) जल में संकट के समय – वाराह
(14) पहाड़ पर संकट के समय – रघुनंदन
(15) गमन करते समय वामन
(16) अन्य सभी शेष कार्य करते समय – माधव

ॐ विष्णवै नमः

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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