Saturday, June 6, 2026
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क्या आप भी मंदिर-मठों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाना चाहते हैं?

एकम सनातन भारत दल के राष्ट्रीय महासचिव श्री संदीप देव का कहना है कि लगभग दो वर्ष पहले यानी मार्च 2021 में एकम सनातन भारत दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंकुर शर्मा जी ने सनातनी अधिवक्ताओं के साथ मिलकर श्री काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी शिव मंदिर वाराणसी को पुनः प्राप्त करने के लिए वाराणसी न्यायालय में सिविल वाद दाखिल किया था। जिसका सुखद परिणाम प्राप्त हो चुका हैं।

अप्रैल 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर एकम् सनातन भारत दल का विस्तार करते समय अधिवक्ता श्री अंकुर शर्मा जी ने मंदिर एवं मठों को सरकार के नियंत्रण से वापिस लेने के लिए राजनीतिक लक्ष्य स्थापित किया जो कि एक ऐतिहासिक निर्णय था।

इसके लिए अपने सप्त संकल्पों में से तृतीय संकल्प (मंदिरों और मठों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाना। मंदिरों में भगवान के अधिकार को सर्वोच्च रखना। कश्मीर स्थित भगवान भास्कर के प्राचीन मार्तंड सूर्य मंदिर, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी के ज्ञानवापी तीर्थ क्षेत्र की पुनर्स्थापना करना) को स्थान देते हुए राजनीतिक शक्ति प्राप्त करके हिंदुओं के धार्मिक अधिकार को राजनीतिक एवं कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की ओर कदम बढ़ाया।

एकम् सनातन भारत दल सभी सनातन धर्मियों को अवगत कराना चाहता हैं कि अगर हिंदुओं को अपने धार्मिक अधिकार संरक्षित रखने हैं तो उन्हे सेक्यलर राजनीतिक दलों को त्यागकर विशुद्ध सनातनी दल का हिस्सा बनना होगा और फिर संसद से लड़ाई लड़नी होगी।

इसलिए राष्ट्रीय महासचिव श्री संदीप देव जी का कहना है कि एकम् सनातन भारत दल आपका आह्वान करता है कि सनातन संस्कृति सभ्यता सशक्तिकरण हेतु एकम् सनातन भारत दल का हिस्सा बनें और इसे आर्थिक सहयोग भी प्रदान करें। क्योंकि अपने अधिकार अगर मांगने से ना मिले तो अदालतों में लड़ कर भी लिए जा सकें और लेने भी चाहिए।

राष्ट्रीय महासचिव श्री संदीप देव जी ने आम हिन्दुओं से अपील की है कि जो कोई भी हमसे जुड़ना और सनातन धर्म के लिए लड़ना एवं कार्य करना चाहता है वे हमें इस +91-9810717137 नंबर पर मिस कॉल करें और धर्म के लिए एक होने का संकल्प लें ।

#WeSupportAnkurSharma #LokSabhaElections2024
#EkamSanatanBharat

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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