ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर मंतर में नौजवानों का गुस्सा इन दिनों सड़कों पर उतरकर बदलाव की गूंज बनकर सामने आ रहा है। पिछले तीन दिनों से यहां ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक अनूठा और सचेत धरना-प्रदर्शन चल रहा है। यह धरना किसी राजनीतिक सत्ता हड़पने के लिए नहीं, बल्कि देश के उन लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए लड़ा जा रहा है, जो NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के कारण बेरोजगारी और निराशा के अंधेरे में धकेल दिए गए हैं।
इस आंदोलन को देश के कई प्रतिष्ठित लोगों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार, प्रख्यात समाजसेवी और किसान संघर्ष समिति राष्ट्रीय प्रवक्ता चरण सिंह राजपूत ने जंतर मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी के इस धरने को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उनकी इस मौजूदगी ने आंदोलन को एक नई ऊर्जा और राष्ट्रीय स्तर पर प्रामाणिकता प्रदान की है।
पिछले तीन दिनों से जंतर मंतर का माहौल गमगीन और आक्रामक दोनों है। दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के राज्यों के कई कॉलेजों के छात्र यहां अपनी पढ़ाई छोड़कर पहुंच रहे हैं। इन छात्रों की मांग साफ है— NEET में हुई धांधली की सीबीआई जांच हो, दोषियों को सजा मिले और छात्रों को न्याय दिलाया जाए। छात्रों का कहना है कि जब तक इस मामले में पारदर्शी जांच नहीं होगी, वे अपना धरना नहीं उठाएंगे।
चरण सिंह राजपूत ने उठाई एक पिता की आवाज
जंतर मंतर पर पहुंचकर वरिष्ठ पत्रकार चरण सिंह राजपूत ने मंच से संबोधित करते हुए छात्रों के दर्द को समझने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि “हम सिर्फ एक पत्रकार या समाजसेवी के रूप में यहां नहीं खड़े हैं, हम भी किसी के माता-पिता हैं। जब कोई बच्चा घर से निकलता है, तो उसके माता-पिता केवल एक सपना देखते हैं कि उनका बच्चा कुछ बनेगा। लेकिन जब वही बच्चा एक भ्रष्ट प्रणाली का शिकार होकर निराश होता है, तो उसके माता-पिता का दर्द किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यह जो बच्चे यहां खड़े हैं, ये किसी के बेटे-बेटियां हैं। इनका भविष्य ही भारत का भविष्य है। आज अगर हम इनके साथ खड़े नहीं होंगे, तो कल इस देश को कौन संभालेगा?
चरण सिंह राजपूत ने NEET परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जब देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा में ही पारदर्शिता नहीं रहेगी, तो छात्रों का भरोसा कैसे बनेगा? उन्होंने चिंता जताई कि इस घोटाले के कारण बहुत से मेधावी छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया है, जो कि समाज और व्यवस्था के लिए एक बड़ा कलंक है।
उन्होंने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि अगर आज इसे रोका नहीं गया, तो आगे जाकर यह सिलसिला और बढ़ेगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी युवा किसी भी परीक्षा की व्यवस्था से निराश होकर अपनी जान न दे।
मोदी और अमित शाह से चरण सिंह राजपूत की अपील
अपने संबोधन के दौरान चरण सिंह राजपूत ने सीधा निशाना केंद्र सरकार पर साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार को इस मामले को राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जी को इस मामले पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। यह मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं है, यह करोड़ों युवाओं के सपनों का है। आप देश को विकसित बनाने की बात करते हैं, लेकिन विकास तभी संभव है जब देश का युवा सुरक्षित और आशावादी महसूस करे।
चरण सिंह राजपूत ने अपनी बात को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी स्पष्ट किया। उन्होंने भाजपा सरकार को एक सलाहकार के तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल है। कमल को खिलने के लिए पानी चाहिए, और देश का युवा उस पानी की तरह है। अगर आप युवाओं के साथ न्याय नहीं करेंगे, तो यह कमल मुरझा जाएगा। हमारी चाहत यही है कि युवाओं के सपनों के साथ देश का कमल भी खिलता रहे।
चरण सिंह राजपूत के इस आगमन ने कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और वहां उपस्थित छात्रों में एक नया जोश भर दिया। उनके समर्थन ने इस आंदोलन को केवल एक स्थानीय प्रदर्शन से राष्ट्रीय मुद्दे का रूप दे दिया है। छात्रों का मानना है कि जब तक केंद्र सरकार न्याय की गारंटी नहीं देती, तब तक यह धरना और तेज होगा।
