यूरोप के अधिकतर देशों में इन दिनो में प्रचंड गर्मी से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। पिछले कुछ सप्ताहों से तो यूरोप में भीषण गर्मी के कारण कई शहरों में तापमान के पुराने सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं और अकेले फ्रांस से ही भीषण गर्मी के कारण कम से कम 18 से 20 लोगों की मौत की खबरें आ रहीं हैं। इस दौरान यह भी खबर है कि एक तपती कार में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में ज्यादातर स्कूल बंद कर दिए गए हैं या उनके समय में बदलाव कर दिया गया है। दूसरी तरफ, मौसम का अनुमान लगाने वालों ने कहा कि इस हफ्ते ब्रिटेन में भी तापमान जून महीने के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, फ्रांस के पश्चिमी वाइन-उत्पादक इलाके बोर्डो में तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है जिससे पिछले साल अगस्त का रिकॉर्ड भी टूट गया। इसी तरफ मध्य फ्रांस के पोइटियर्स में भी इस वर्ष तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच कर पिछले सबसे ज्यादा तापमान के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
यूरोप के अन्य कई देशों में जानलेवा हीटवेव –
आम तौर पर स्पेन के ठंडे रहने वाले उत्तरी इलाके जैसे सैन सेबेस्टियन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। स्थानीय खबरों के मुताबिक इस वर्ष यह 22 जून के लिए शहर के ऐतिहासिक औसत से दोगुने से भी ज्यादा था। जबकि खबरों से पता चला कि 22 जून को यूरोप अपने ऐतिहासिक औसत से सबसे ज़्यादा दूर रहने वाला महाद्वीप हुआ करता था। इसी तरह वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन की अप्रैल माह की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि यूरोप में तापमान बढ़ने की रफ्तार दुनिया भर की औसत रफ्तार से दोगुनी से भी ज्यादा देखी जा रही है। ये हाल उस हिस्से का है जिसे यूरोप कहा जाता है जो दुनियाभर में कम गर्मी के लिए जाना जाता रहा है।

किस देश में कितना तापमान –
स्पेन:- स्पेन में इस वर्ष तापमान 44°C तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था, जबकि एल ग्रानाडो जैसे क्षेत्रों में पारा 46°C तक के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है।
फ्रांस:- फ्रांस के मध्य और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों जैसे पोइटियर्स एवं बोर्डो आदि में इस वर्ष तापमान 41°C से 42.2°C दर्ज किया जा चूका है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी तापमान 37.7°C को पार कर गया है।
जर्मनी:- बर्लिन और देश के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान 38°C से 39°C के आसपास बना हुआ है, साथ ही यहां भयंकर आंधी-तूफान की चेतावनियां भी जारी कर दी गई हैं।
ब्रिटेन:- इंग्लैंड और वेल्स में तापमान के 38°C से 39°C तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए वहाँ के मौसम विभाग ने ‘एम्बर’ अलर्ट जारी किया है। हालाँकि फ़िलहाल लंदन में तापमान 35°C के आसपास बना हुआ है।
इटली:- फ्लोरेंस, ट्यूरिन, मिलान और रोम जैसे कुछ प्रमुख शहरों में तापमान 36°C से 40°C के बीच पहुंचने के कारण यहां के मौसम विभाग द्वारा रेड अलर्ट जारी किया गया है।
बेल्जियम:- बेल्जियम के कई हिस्सों में भी पारा 30°C से ऊपर बना हुआ है और लगातार बढ़ने के आकर आने वाले दिनों में सबसे गर्म रहने की चेतावनी दी गई है।
भयंकर गर्मी से कार में दो बच्चों की मौत –
स्थानीय मीडिया के अनुसार, फ्रांस के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक सरकारी वकील ने बताया कि 2 और 4 वर्ष उम्र के दो बच्चों की मौत तपती कार में हो गई। बताया जा रहा है कि उनकी मां ने घर के बाहर खड़ी कार में उन्हें बेहोश हालत में पाया था। खबरों के अनुसार, इसी तरह एक अन्य घटना में स्थानीय सरकारी अधिकारी सोफी ब्रोकास ने फ्रांस टीवी को बताया कि बोर्डो इलाके में 80 से 95 साल की उम्र के तीन बुजुर्गों की मौत भी हीटवेव यानि लू के कारण हुई है।
मीडिया खबरों के अनुसार, फ्रांसीसी सिविल सुरक्षा सेवा के प्रवक्ता जेरोम बाउलेंजर ने भी कहा है कि पिछले दो से तीन दिनों के बीच 13 लोगों की मौत डूबने से हुई है। दरअसल, खबरों में कहा जा रहा है कि गर्मी से बचने के लिए ज्यादातर लोग पानी में तैरते रहते हैं। हालाँकि पिछले वर्ष भी फ्रांस में हीटवेव के दौरान डूबने से मौतें हुई थीं, लेकिन इस बार ये मौते उनसे कहीं अधिक दर्ज की जा रहीं हैं। जिसके अनुसार, इस वर्ष अभीतक होने वाली मौतों में 172% की बढ़ोतरी हुई है क्योंकि लोग गर्मी से बचने के लिए पानी में उतर जाते हैं और ज्यादा समय तक तैरने की कोशिश करते रहते हैं।
एक अन्य खबर के अनुसार, लंदन के इंपीरियल कॉलेज में मौसम और जलवायु परिवर्तन पर रिसर्च करने वाली क्लेयर बार्न्स का कहना है कि यूरोप के बड़े हिस्से को प्रभावित करने वाली हीटवेव को ‘ओमेगा ब्लॉक’ कहा जाता है क्योंकि यह ग्रीक अक्षर ‘ओमेगा’ का आकार ले लेती है। इसके बीच के हिस्से में गर्म हवा का उभार बना रहता है और दोनों तरफ ठंडी हवा होती है। और आजकल यही देखा जा रहा है।
– अशोक सिंह
