Skip to content
9 May 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • पर्यावरण
  • विदेश
  • स्वास्थ्य

Coronavirus : जानिए क्यों सूर्य ग्रहण की याद दिलाता है ‘कोरोना’ वायरस

admin 13 January 2022
Corona virus & Solar Eclipse
Spread the love

दुनियाभर में मानव जीवन के लिए अभिशाप बन कर उभरे कोरोना वायरस (Coronavirus history in Hindi) के विषय में माना जाता है कि इसको लेकर करीब 40 साल पहले ही भविष्यवाणी हो चुकी थी कि संभवतः भविष्य में कोई ऐसा जैविक हथियार विकसित होने वाला है जिसके कारण मानव सभ्यता विनाश के कगार पर पहुंच जायेगी। जबकि एक अन्य भविष्यवाणी के अनुसार चीन के वैज्ञानिकों ने भी करीब एक साल पहले इस प्रकार के किसी वायरस जैसी महामारी की चेतावनी दे दी थी। इसके अलावा 2018 में दक्षिण कोरिया में बने एक नाटक ‘‘माई सीक्रेट टेरियस’’ में भी कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर चेतावनी दी गई थी।

कोरोना का डर –
बहरहाल, जो भी हो, कोरोना वायरस (Coronavirus history in Hindi) के कारण आज आम जनमानस के मन में डर कुछ इस कदर बैठा हुआ है कि वे अब अपने पड़ौसियों से भी दूरी बनाकर रहने लगे हैं और किसी भी प्रकार के सुख या दुख में एक दूसरे का साथ देने को तैयार नहीं है। वे लोग भी जो कभी भी किसी से नहीं डरते थे अब अपने घरों में बैठकर इस महामारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

जो भी हो, फिलहाल तो कोरोना वायरस (Coronavirus history in Hindi) प्रकृति के साथ छेड़छाड का नतीजा ही कहा जा सकता है क्योंकि जिस तरह से यह महामारी वैश्विक रूप लेती जा रही है, उससे तो लगता है कि जैसे यह किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं है। इसके अलावा आशंका यह भी है कि ‘‘चायनीज़ वायरस’’ के नाम से प्रसिद्ध यह कोरोना चीन की ही देन हो सकती है। क्योंकि इसकी शुरूआत चीन से ही हुई है और अब चीन से निकलकर यह दुनिया के हर देश में मौत का तांडव दिखा रहा रहा है।

कोरोना का शाब्दिक अर्थ –
कोरोना क्या है यह तो आज सभी लोग जान चुके हैं। लेकिन, कोरोना वायरस (Coronavirus history in Hindi) को लेकर जितना भयंकर डर का माहौल बना हुआ है उससे भी अधिक अब लोगों के मन में यह जिज्ञासा हो रही है कि आखिर इस महामारी को ‘‘कोरोना वायरस’’ ही क्यों कहा जा रहा है। यानी इसको यह नाम क्यों और कैसे मिला? तो हम बता दें कि, जब भी किसी भी व्यक्ति या वस्तु का नामकरण होता है तो, या तो उसके खोजकर्ता के नाम पर उसको नाम दिया जाता है या फिर उसकी उत्पत्ति के स्थान से उसका नामकरण किया जाता है या फिर उसके आकार, बनावट या संरचना के आधार पर ही उसे नाम दिया जाता है। जबकि कोरोना वायरस के विषय में उसकी उत्पत्ति के स्थान और और खोजकर्ता के बारे में अभीतक स्पष्ट रूप से कुछ भी सामने नहीं आ पा रहा है इसलिए इसे इसकी आकृति और बनावट के आधार पर इसे कोरोना वायरस नाम दिया गया है, इसके ‘कोरोना’ नाम में भी कारण और तर्क छुपे हुए हैं।

कोरोना नाम ही क्यों पड़ा –
सरल भाषा में कहें तो जब सूर्य ग्रहण होता है उस समय चंद्रमा अपने पीछे सूर्य को पूरी तरह ढक देता है जिसके कारण सूर्य एक गोले के रूप में सीधे-सीधे दिखना तो बंद हो जाता है लेकिन वह अपनी किरणों के द्वारा चंद्रमा के आकार से बाहर की तरफ फैला कर एक नर्म रोशनी को दर्शाता है। उस समय लगता है जैसे सूर्य की वह नर्म रोशनी तेजी से ब्रह्मांड में कहीं विलुप्त हो जाती है और फिर कुछ देर के बाद धीरे-धीरे अपने नर्म रूप में वापस आती हुई दिखती है।

वर्ष 2022 के बाद कई लोग कहलायेंगे धरती पर बोझ!

सूर्य की उस नर्म और मध्यम रोशनी को ही ‘करोना’ कहा जाता है। यानी सूर्य ग्रहण के समय की चंद्रमा की उस छाया के चारों तरफ फैल रही सूर्य की मध्यम या नर्म कोरोना नामक उस रोशनी के नाम पर ही कोरोना वायरस को भी नाम दिया गया है, क्योंकि इस वायरस की बनावट उस खगोलीय घटना से उत्पन्न कोरोना जैसी ही है।

कोरोन से बना कोरोना –
कोरोना वायरस (Coronavirus history in Hindi) देखने में एक प्रकार से सिर पर पहने जाने वाले उस मुकुट के आकार का दिखता है जिसे लेटिन भाषा में क्राउन कहा जाता है। इसलिए यह नाम मूलतः लेटिन भाषा के ‘‘क्राउन’ से लिया गया माना जाता है। इसके अलावा कोरोना वायरस एक प्रकार की माला के आकार में भी दिखता है जिसे प्राचीन ग्रीक भाषा में ‘‘कोरोन’’ कहा जाता है। प्राचीन ग्रीक भाषा में ‘‘कोरोन’’ का अर्थ है एक प्रकार की वह माला जो हम सूर्य ग्रहण के समय चंद्रमा के पीछे की ओर सूर्य की प्लाज्मा की आभा किरणों को एक गोल आकार की माला रूप में देखते हैं।

मात्रा यही नहीं, बलिक, यह वायरस उसी करोना की तरह गोल भी है और इस वायरस की सतह पर भी उसी प्रकार से प्रोटीन की स्टेन्स यानी किरणें उगी हुई दिखती हैं जैसी सूर्य ग्रहण के समय कोरोना की शाखाएं या रोशनी दिखती है और जो हमें हर दिशा में फैलती हुई प्रतीत होती हैं।

आसान भाषा में उदाहण –
यदि इसे हम इससे भी आसान और सरल भाषा में समझे तो उसके लिए यहां हम सूरजमुखी के फूल की संरचना का उदाहरण दे सकते हैं। सूरजमुखी के फूल को दूर से देखने पर उसके बीच का भाग काले रंग का होता है। जबकि उसकी गोलाई के चारों तरफ की पंखुड़ियां सूर्य की किरणों की भांति ही नर्म किरणों का प्रकाश फैलाता हुआ दिखता है। इससे भी आसान भाषा में कहें तो सूर्य ग्रहण के समय की चंद्रमा की उस छाया के चारों तरफ फैल रही सूर्य की उस मध्यम या नर्म रोशनी को विज्ञान की भाषा में कोरोना कहा जाता है।

– अजय सिंह चौहान

About The Author

admin

See author's posts

Post navigation

Previous: दुनियाभर में एक मात्र स्वयंभू शनि प्रतिमा | Shani Temple in Indore
Next: India vs China : चीनी मछलियों का भारतीय नदियों पर कब्जा

Related Stories

National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

admin 15 March 2026
Solar energy plants in desert of India
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

admin 13 March 2026
Polluted drinking water in India
  • पर्यावरण
  • भ्रष्टाचार
  • विशेष
  • स्वास्थ्य

UP में प्रदूषित जल से सावधान!

admin 4 March 2026

Trending News

दुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ UPPolice Zerotolerance Encounters 1
  • अपराध
  • विशेष
  • हमारे प्रहरी

दुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ

8 May 2026
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी Sanatan Dharma is the resistance against injustice and unrighteousness saysJagadguru Shankaracharya swami avimukteshwaranand 2
  • विशेष
  • हिन्दू राष्ट्र

गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी

8 May 2026
सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys! Men was not monkey 3
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

1 May 2026
नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा Noida Protest Illegal Detention 4
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

29 April 2026
‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 5
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026

Tags

नोएडा मीडिया क्लब नोएडा सिटीजन फोरम भाजपा सरकार योगी सरकार सीएम योगी
  • UPPolice Zerotolerance Encountersदुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ
  • Sanatan Dharma is the resistance against injustice and unrighteousness saysJagadguru Shankaracharya swami avimukteshwaranandगौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी
  • Men was not monkeyसुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

Recent Posts

  • दुनिभर में हो रही है यूपी पुलिस केजीरो टॉलरेंस अभियान की तारीफ
  • गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो, नहीं तो… : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी
  • सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.