Wednesday, June 17, 2026
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आईएमएस-डीआईए में प्रदर्शनी का आयोजन

नोएडा। ऋ​षि तिवारी | आईएमएस डिजाइन एण्ड इनोवेशन एकेडमी में छात्रों ने प्रदर्शनी लगायी। संस्थान परिसर में आयोजित दस दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला एवं मास्टर क्लास पर आधारित प्रदर्शनी के दौरान छात्रों ने रियल वूल फेल्टिंग एवं अपसाक्लिंग डेनिम के उत्पाद प्रस्तुत किए। वहीं कार्यक्रम के दौरान इंटरनेशनल डिजाइन फैकल्टी प्रो. माया कीस्कगेन्स, आईएमएस-डीआईए की निदेशिका डॉ. अनुराधा मोदक देबनाथ के साथ संस्थान के शिक्षक एवं छात्रों ने भी मौजूदगी दर्ज करायी।

प्रदर्शनी की शुरुआत करते हुए डॉ. अनुराधा मोदक देबनाथ ने कहा कि आज के कार्यक्रम में छात्रों ने दस दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों के आधार पर अपने-अपने उत्पाद प्रस्तुत किए। जिनमें छात्रों ने वूल फेल्टिंग एवं डेनिम का प्रयोग कर आभूषण, गृह सज्जा एवं फैशन से जुड़ी नए इनोवेटिव उत्पाद को प्रदर्शित किया। छात्रों के उत्पाद में कौशल, कलात्मकता एवं ग्लोबल डिजाइन कॉनसेप्ट की झलक दिखी। उन्होंने कहा कि यह दस दिवसीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी छात्रों के जीवन में प्रतिभा, प्रतिष्ठा एवं आत्मविश्वास को जागृत करने में सहायक होगा।

प्रदर्शनी के दौरान अपने अनुभवों को साझा करते हुए डिजाइन की छात्रा मुस्कान गोयल ने बताया कि प्रो. माया के साथ दस दिवसीय कार्यशाला का सफर शानदार रहा। हम डिजाइन में वूल फेल्टिंग का प्रयोग एवं नए तरीके के उत्पाद तैयार करने की विधि से रूबरू हुए। वहीं कार्तिक सिंह ने बताया कि संस्थान द्वारा आयोजित दस दिवसीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी व्यवहारिक अनुभव के साथ विशेषज्ञता का मिश्रण है। यह अपेक्षा से बढ़कर वैश्विक परिवेश के अनुरूप छात्रों के शिल्प कौशल विकास एवं डिजाइन की जटिलताओं को सुलझाकर मार्गदर्शन के लिए मूल्यवान है।

वहीं प्रो. माया कीस्कगेन्स ने कहा कि हमें खुशी है कि हमने अपने दस दिन उर्जावान छात्रों के साथ रियल वूल फेल्टिंग की प्राचीन तकनीक को नए आकार देने में बिताए। उन्होंने कहा कि इस तकनीक को अपनाकर पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ फैशन के न्यू ट्रेंड के अनुरूप उत्पादों का निर्माण किया जा सकता है।

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देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
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