Wednesday, June 17, 2026
Homeविविधषड़यंत्रगाँधी का कुरान पाठ

गाँधी का कुरान पाठ

एक बार वाल्मीकि बस्ती के मंदिर में मोहनदास गांधी अपने कुछ अनुयायियों के साथ मिलकर कुरान का पाठ कर रहे थे तभी भीड़ में से किसी महिला ने गांधी जी के ऐसा करने पर आपत्ति जताई और ऐसा करने से मना किया।

गांधी जी ने पूंछा… क्यों, तुम इसके लिए मना क्यों कर रही हो?

इसपर उस महिला ने कहा कि ये हमारे धर्म के विरुद्ध है।

गांधी ने कहा… मैं तो ऐसा नहीं मानता?

महिला ने जवाब दिया कि हम आपको धर्म में दखल देने योग्य नहीं मानते।

गांधी ने कहा कि क्यों न इस विषय पर यहां उपस्थित अन्य लोगों की राय भी जान ली जाये?

महिला ने जवाब दिया कि क्या अब किसी के धर्म और आस्था के विषय में वोटों से निर्णय लिया जा सकता है?

गांधी ने बोले, आप मेरे धर्म में बाधा डाल रही हैं।

महिला ने जवाब दिया कि आप भी तो करोड़ों हिंदुओ के धर्म में नाजायज दखल दे रहे हैं।

गांधी बोले… मैं तो कुरान पसंद करता हूँ इसलिए इसका पाठ करूँगा।

महिला बोली… ये आप की आस्था है हमारी नहीं, इसलिए हम तो इसका विरोध करेंगे।

धीरे धीरे महिला के पक्ष में सैकड़ों वाल्मीकि नवयुवक और युवतियां खड़े हो गये और कहने लगे कि मंदिर में कुरान पढ़वाने से पहले किसी मस्जिद में भी गीता और रामायण का पाठ करके दिखाओ तभी हम भी सोचेंगे।

विरोध को बढ़ता देखकर गांधी के समर्थकों में से किसी ने वहां पुलिस बल को बुला लिया। पुलिस आई और विरोध करने वालों को पकड़ कर ले गयी और उनके खिलाफ आपराधिक धाराएं लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया।

अब उस वाल्मीकि बस्ती में शान्ति थी, फिर भी पुलिस का पहरा लगा हुआ था। गांधी ने उसी सुरक्षा घेरे में रहकर आराम से उसी मंदिर में कुरान का पाठ किया। कुछ लोग जो गांधी का विरोध नहीं कर रहे थे वे वहां बैठ कर कुरान का पाठ सुन रहे थे। गाँधी जी ने उनको कुरान का महत्त्व समझाया, धन्यवाद दिया और भाईचारे का पाठ पढ़ाकर वहां से निकर गए।

(सोशल मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार देश के बंटवारे पर गुरुदत्त द्वारा लिखी पुस्तक “विश्वासघात” के अंश हैं।)

admin
adminhttp://dharmwani.com
देश के कुछ जाने-माने मीडिया संस्थानों से जुड़े होने के कारण मैंने विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता का अनुभव किया है। इसके अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में काॅलमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्तमान में धर्म, अध्यात्म, इतिहास और धार्मिक यात्राओं के अलग-अलग विषयों पर विभिन्न प्रकार की जानकारियों से संबंधित लेख लिखना मेरा व्यावसाय ही नहीं बल्कि एक कर्म बन चुका है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments