Skip to content
17 March 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • धर्मस्थल

गढ़ मुक्तेश्वर के प्राचीन गंगा मंदिर का इतिहास | History of Ganga temple of Garh Mukteshwar

admin 17 February 2021
गढ़ मुक्तेश्वर के प्राचीन गंगा मंदिर का इतिहास History of Ganga temple of Garh Mukteshwar
Spread the love

अजय सिंह चौहान || हर साल कार्तिक महिने के अवसर पर आयोजित होने वाले गंगा मेले के दौरान गढ़मुक्तेश्वर में गंगा स्नान करने के लिए आस-पास के लाखों श्रद्धालु ब्रिज घाट पर पहुंचते हैं, स्नान करते हैं और येां के प्राचीन गंगा मंदिर में दर्शन करते हैं।

उत्तर प्रदेश का गढ़मुक्तेश्वर शहर वैसे तो गंगा नदी के तट से करीब 4 किलोमीटर दूर है लेकिन, सनातन धर्म और संस्कृति के लिए ये स्थान भी हरिद्वार की तरह ही एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है। इसलिए येां भी हरिद्वार की तरह ही विभिन्न प्रकार के धार्मिक कर्मकांड, पूजा-पाठ और स्नान आदि आयोजित किए जाते हैं।

गढ़ मुक्तेश्वर के प्राचीन गंगा मंदिर का इतिहास  History of Ganga temple of Garh Mukteshwarगंगा मंदिर के बारे में –
गढ़मुक्तेश्वर में स्थित प्राचीन गंगा मंदिर के बारे में कहा जाता है कि ये मंदिर एक अति प्राचिन और पौराणिक समय का मंदिर है और ये भी बताया जाता है कि इस मंदिर का उल्लेख पुराणों में भी देखने को मिलता है। माता गंगा का ये मंदिर शहरी आबादी के एक छोर पर लगभग 80 फीट ऊंचे टीले पर बना हुआ है। जबकि गंगा नदी यहां से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है।

स्थानिय लोगों के अनुसार लगभग 600 से 700 वर्ष पहले तक गंगा नदी का बहाव इतना विस्तार में हुआ करता था कि नदी का किनारा इस मंदिर के ठीक सामने तक होता था।

गंगा मंदिर का वर्तमान –
लेकिन, अब समय के साथ-साथ गंगा नदी ने अपने स्थान और विस्तार में इतनी कमी कर ली है कि अब नदी का किनारा इस मंदिर से करीब 4 किलोमीटर दूर तक जा चुका है और मंदिर के इस ऊंचाई वाले वाले स्थान से देखने पर गंगा नदी की हल्की सी झलक ही दिख पाती है। जबकि गंगा मईया के द्वारा छोड़े गए उस खाली और मैदानी क्षेत्र में अब खेती होने लगी है।

गंगा मंदिर का इतिहास –
इस मंदिर की स्थापना कब और किसने की इसका कोई निश्चित प्रमाण उपलब्ध नहीं है। लेकिन स्थानीय लोग इस मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना बताते हैं, जबकि वर्तमान में यहां जो मंदिर बना हुआ है उसकी संरचना को बने हुए भी लगभग 600 वर्ष हो चुके हैं। मंदिर से संबंधित मूल इतिहास के बारे में कोई विशेष जानकारी भी शायद किसी के पास नहीं है।

गंगा मंदिर की मूर्तियां –
मंदिर में स्थापित मां गंगा की प्रतिमा का आकार लगभग आदमकद है। इसके अलावा यहां एक चार मुख वाली ब्रह्मा जी की सफेद प्रतिमा भी है। ब्रह्मा जी की ठीक इसी तरह की दूसरी प्रतिमा राजस्थान के पुष्कर में स्थित मंदिर में भी है, जो काले रंग की है। इसके अलावा इस मंदिर में एक चमत्कारी शिवलिंग भी है।

इस शिवलिंग के बारे में बताया जाता है कि इसके ऊपर प्रतिवर्ष कार्तिक माह में अपने आप ही एक विशेष आकृति अंकुरित होती देखी जाती है।

मंदिर के पुजारी के अनुसार इस शिवलिंग के ऊपर वह आकृति हर बार अलग आकार एवं रूप में निकलती हैं। पुजारी का कहना है कि कई जानकार अभी तक इस रहस्य का खुलासा नहीं कर पाए हैं कि आखिर ऐसा क्यों और कैसे होता है?

गंगा मंदिर की अनदेखी –
मंदिर के देखभाल और रखरखाव की वर्तमान स्थित के बारे में बताया जाता है कि जब तक इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने संभाल रखी थी और गंगा स्नान के दौरान आयोजित होने वाले मेले से प्राप्त आय का एक हिस्सा यहां के सभी मंदिरों के रखरखाव में खर्च किया जाता था तब तक तो सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन, उस आर्थिक सहायता के बंद होने के बाद से इस मंदिर के रखरखाव और मरम्मत का कार्य लगभग ठप हो गया है और अब मंदिर की हालत दिनोदिन बदतर होती जा रही है।

गंगा मंदिर के रहस्य –
इसके अलावा 80 फिट ऊंचे टीले पर बने इस मंदिर तक जाने के लिए जो सीढियां बनी हैं वे प्राचीनकाल के निर्माण से जुड़े इंजीनियरिंग का ऐसा नमुना है जो किसी आश्चर्य से कम नहीं हैं।

मंदिर की इन सीढ़ियों की सबसे आश्चर्य वाली बात है ये है कि इनको बनाने के लिए पत्थरों को कुछ इस प्रकार से लगाया गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति इन सीढियों पर तेजी से ऊपर की ओर चढ़ता है या उतरता है, या फिर किसी पत्थर की सहायता से सीढ़ियों के उन पत्थरों पर चोट मार कर बजाते हैं तो इसके अंदर से ऐसी मधुर आवाज निकलती है जैसे कि पानी में पत्थर मारने पर आवाज आती है।

लेकिन, आज इस मंदिर और यहां की इन चमत्कारी सीढ़ियों की खस्ता हालत ये है कि आज इसमें कई प्रकार के मरम्मत और रखरखाव के कार्यों की सख्त आवश्यका है।

About The Author

admin

See author's posts

7,052

Post navigation

Previous: जानिए! क्या है ‘छोटा चार धाम’ यात्रा का सच | Chota Char Dham Yatra
Next: बार-बार साड़ियां बदलने को मजबूर क्यों हैं बाॅलीवुड?

Related Stories

Sri Ayyappa Swami Temple in Kerala
  • तीर्थ यात्रा
  • धर्मस्थल
  • विशेष

अय्यप्पा स्वामी के नियम : आत्म संयम, समर्पण और भक्ति के प्रतीक

admin 14 January 2026
Sheetla Mata Temple in Gurugram_Ancient and Mughal history
  • तीर्थ यात्रा
  • धर्मस्थल
  • विशेष

शीतला माता मंदिर, गुरुग्राम की पौराणिक, प्राचीन और मुगलकालीन यात्रा

admin 26 September 2025
MARGHAT WALE HANUMAN MANDIR ka prachin itihas
  • तीर्थ यात्रा
  • धर्मस्थल
  • विशेष

मरघट वाले हनुमान मंदिर का पौराणिक, प्राचीन और मुग़लकालीन इतिहास

admin 19 September 2025

Trending News

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न National seminar on Sustainable Rural Development - Indian Cow Model concluded 1
  • पर्यावरण
  • विशेष

सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न

15 March 2026
सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy) Solar energy plants in desert of India 2
  • पर्यावरण
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विशेष

सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)

13 March 2026
सरकार या Goverment क्या है? World Economic Forum meeting in Davos 2024 3
  • विशेष
  • षड़यंत्र

सरकार या Goverment क्या है?

13 March 2026
रात में पौण्ड्रक का आक्रमण Battle between Paundraka and Lord Krishna 4
  • अध्यात्म
  • विशेष

रात में पौण्ड्रक का आक्रमण

13 March 2026
राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान An Ancient Indian King and the Modern Constitution 5
  • कला-संस्कृति
  • विशेष

राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

12 March 2026

Total Visitor

093128
Total views : 170913

Recent Posts

  • सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल विषय पर राष्ट्रीय गोष्ठी संपन्न
  • सोलर एनर्जी से सावधान (Beware of Solar Energy)
  • सरकार या Goverment क्या है?
  • रात में पौण्ड्रक का आक्रमण
  • राजा के कर्तव्य और आधुनिक संविधान

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.