Skip to content
1 May 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram

DHARMWANI.COM

Religion, History & Social Concern in Hindi

Categories

  • Uncategorized
  • अध्यात्म
  • अपराध
  • अवसरवाद
  • आधुनिक इतिहास
  • इतिहास
  • ऐतिहासिक नगर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • टेलीविज़न
  • तीर्थ यात्रा
  • देश
  • धर्म
  • धर्मस्थल
  • नारी जगत
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • प्रिंट मीडिया
  • फिल्म जगत
  • भाषा-साहित्य
  • भ्रष्टाचार
  • मन की बात
  • मीडिया
  • राजनीति
  • राजनीतिक दल
  • राजनीतिक व्यक्तित्व
  • लाइफस्टाइल
  • वंशवाद
  • विज्ञान-तकनीकी
  • विदेश
  • विदेश
  • विशेष
  • विश्व-इतिहास
  • शिक्षा-जगत
  • श्रद्धा-भक्ति
  • षड़यंत्र
  • समाचार
  • सम्प्रदायवाद
  • सोशल मीडिया
  • स्वास्थ्य
  • हमारे प्रहरी
  • हिन्दू राष्ट्र
Primary Menu
  • समाचार
    • देश
    • विदेश
  • राजनीति
    • राजनीतिक दल
    • नेताजी
    • अवसरवाद
    • वंशवाद
    • सम्प्रदायवाद
  • विविध
    • कला-संस्कृति
    • भाषा-साहित्य
    • पर्यटन
    • कृषि जगत
    • टेक्नोलॉजी
    • नारी जगत
    • पर्यावरण
    • मन की बात
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा-जगत
    • स्वास्थ्य
  • इतिहास
    • विश्व-इतिहास
    • प्राचीन नगर
    • ऐतिहासिक व्यक्तित्व
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
    • टेलीविज़न
    • प्रिंट मीडिया
    • फिल्म जगत
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • तीर्थ यात्रा
    • धर्मस्थल
    • श्रद्धा-भक्ति
  • विशेष
  • लेख भेजें
  • dharmwani.com
    • About us
    • Disclamar
    • Terms & Conditions
    • Contact us
Live
  • अध्यात्म
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

क्या आप भी ध्यान लगाना चाहते हैं ‘मोदी गुफा’ में?

admin 5 November 2021
Modi Meditating in Cave ear Kedarnath Temple
Spread the love

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ की पहाड़ियों में बनी जिन प्राकृतिक गुफाओं में से एक गुफा यानी रुद्र मेडिटेशन केव नाम की प्राकृतिक गुफा में वर्ष 2019 में करीब 17 घंटे एकांतवास में बिताए थे उसे लोग अब ‘मोदी गुफा‘ के नाम से जानने लगे हैं। और हर कोई सपना संजोने लगा है कि काश मैं भी उस गुफा में एक बार पीएम नरेंद्र मोदी की तरह ही ध्यान लगा सकूं। तो उनके लिए यहां मैं बता दूं कि अगर आप लोग भी ऐसा सोच रहे हैं या मन बना रहे हैं तो आप का सपना बिल्कुल सच हो सकता है।

क्योंकि यह गुफा उन्हीं लोगों के लिए तैयार की गई जो यहां जाकर इसमें ध्यान लगाने के इच्छूक हैं। फिर चाहे वो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसा दुनिया का शक्तिशाली व्यक्ति हो या फिर एक आम व्यक्ति। अगर आप चाहें तो कुछ नियमों और शर्तों के अनुसार आप भी इसकी बुकिंग करवा सकते हैं और आपको नंबर आने के बाद यहां जाकर आप भी इसमें उसी प्रकार से ध्यान-साधना कर सकते हैं जैसे कि श्री नरेंद्र मोदी जी ने किया था।

जैसा कि ये बात सभी को पता है कि लोकसभा के आम चुनावों की गहमा-गहमी के बाद जैसे ही 17 मई को अंतिम चरण के मतदान के लिए प्रचार का शोर थमा, वैसे ही शिव के परम भक्त प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ की ओर रुख कर लिया। यहां पीएम मोदी ने करीब 17 घंटे तक एक गुफा में योग और ध्यान किया। और 18 मई को बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और फिर 19 मई को बदरीनाथ पहुंचकर भगवान बद्रीनाथ जी के भी दर्शन किये थे।

दरअसल, जिस गुफा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग-ध्यान किया था गुफा का नाम रुद्र मेडिटेशन केव है। और इस गुफा को यह नाम वर्ष 2019 में ही दिया गया था। लेकिन ऐसा नहीं है कि इससे पहले यह गुफा यहां थी ही नहीं।

यह एक प्राकृतिक गुफा है और हजारों लाखों सालों से इसमें कई महान ऋषि-मुनियों ने इसमें तप और योग साना किया है। लेकिन गढ़वाल मंडल विकास निगम ने नेहरू इंस्टिट्यूट आॅफ माउंटेनियरिंग की सहायता से इसमें कुछ बदलाव करने के बाद इसको थोड़ा सा उन आम लोगों के अनुसार बना दिया है जो यहां आकर इसमें योग और ध्यान साधना करने के इच्छुक हों तो कुछ कीमत चूका कर इसका लाभ ले सकते हैं।

दरअसल सन 1986 में भी श्री नरेंद्र मोदी ने यहां उस समय तपस्या की थी जब वे ना तो किसी भी संवैधानिक पद पर थे और ना ही सार्वजनिक जीवन जी रहे थे। लेकिन जब वे प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने यहां आकर योग और साधना करने और कुछ समय के लिए एकांतवास का जीवन जीने वाले लोगों के लिए इस गुफा में कुछ बदलाव करके इसका आधुनिकीकरण करने का सुझाव दिया था। उसी के बाद इसको तैयार किया गया था।

लगभग एक साल पहले ही यह गुफा बन कर तैयार थी और आम लोगों के लिए प्रयोग में लाई जा रही थी। मगर, कुछ इक्का-दुक्का लोगों ने इसका लाभ लिया। लेकिन, आम जनता के बिच इसका प्रचार-प्रसार ना होने के कारण लोगों को इसके बारे में कुछ भी खास जानकारियां नहीं थी। लेकिन जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यहां जाकर इसमें योग साधना की तो उसके बाद से तो मानो इसमें आम लोगों की भी होड़ लग गई और कुछ ही पलों में इसकी विस्तृत जानकारियां आम जनता के सामने आ गई।

आजकल यह गुफा मोदी गुफा के नाम से देश में ही नहीं बल्कि दुनियाभर के लोगों में प्रसिद्ध हो चुकी है। एक साल पहले तक यह पुरी तरह से प्राकृतिक गुफा थी। लेकिन पिछले साल इसमें गढ़वाल मंडल विकास निगम के द्वारा कुछ बदलाव के बाद इसके प्राकृतिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए इसमें कुछ बदलाव करने के बाद इसका नवीनीकरण करते हुए इसको नाम दिया गया रुद्र मेडिटेशन केव।

अमरनाथ जी की गुफा के कण-कण में छुपे हुए हैं अमर होने के रहस्य

दरअसल इसे पहाड़ पर चट्टानें काटकर इसके आगे के भाग में कुछ बदलाव किया गया है। इस गुफा के निर्माण में लगभग साढ़े 8 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। हालांकि इसमें प्रधानमंत्री के आने के पहले तक सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, लेकिन खास तौर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां सीसीटीवी कैमरों का प्रबंध किया गया था।

पर्यटन के साथ-साथ धर्म, अध्यात्म और शांति की तलाश में भटकने वाले लोगों के लिए यहां एक दम अनोख प्रयोग के तौर पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के द्वारा तैयार की गई यह गुफा इस समय अपने आप में एक अनोखी मिसाल है।

खास तौर पर आम पर्यटकों के लिए बनाई गई यह गुफा 5 मीटर लंबी और 3 मीटर चैड़ी यह गुफा 3,583 मीटर यानी करीब 12 हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित है। गुफा में प्रवेश करने के लिए लकड़ी का दरवाजा लगा हुआ है। जबकि गुफा में एक खिड़की भी लगी जिससे आप सीधे भगवान केदारनाथ जी के मंदिर को देख सकते हैं।

यह गुफा एक साल पहले ही बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन आम लोगों को इसके बारे में कुछ खास जानकारी नहीं थी इसलिए इसकी बुकिंग भी बहुत ही कम मिल रही थी। लेकिन, जब से नरेंद्र मोदी ने यहां योग-साधना की है तब से तो यह एक विशेष आकर्षण का केन्द्र बन चुकी है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह पर्यटन का आकर्षण बन चुकी है।

देश के कोने-कोने से केदारनाथ मंदिर में आने वाले तमाम श्रद्धालु के मन में इस गुफा को लेकर जिज्ञासा उठने लगी है और जब वे भगवान केदारनाथ मंदिर तक पहुंच जाते हैं तो उनका ध्यान सबसे पहले इसी गुफा की दिशा में जाता है और इशारा करते हुए अपने साथियों को बताते हैं कि वो उस तरफ है ‘मोदी गुफा‘। जबकि इस गुफा को एक साल पहले जो नाम दिया गया वो तो रुद्र मेडिटेशन केव है। लेकिन अब यह मोदी गुफा के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी है।

तो यहां हम बता दें कि अगर भी इस गुफा में योग साधना करने का इरादा रखते हैं और आप शारीरिक तौर पर पूरी तरह से स्वस्थ हैं तो आपकी इच्छा भी पुरी हो सकती है। लेकिन, उसके लिए आपको इसकी पहले से ही आॅनलाइन बुकिंग करवानी पड़ेगी। और आॅनलाइन बुकिंग करवाने के लिए जी.एम.वी.एम. यानी गढ़वाल मंडल विकास निगम की वेबसाइट पर जाना होगा।

जी.एम.वी.एम. की उस आफिशियल वेबसाइट का लिंक देखें – https://gmvnonline.com/Accommodation_Book_New?acc=44

तो जैसे के हम बात कर रहे थे कि यहां मेडिकल जांच यानी डाॅक्टरी जांच के बाद ही आपको इस गुफा में योग-ध्यान करने के लिए अनुमति मिलेगी। और जो लोग इस मोदी गुफा, यानी रुद्र मेडिटेशन गुफा के अंदर रुकना चाहते हैं, उन्‍हें अपनी बुकिंग की तिथि से दो दिन पहले गुप्‍तकाशी पहुंचना होगा। गुप्तकाशी जो केदारनाथ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाला एक बेसकैंप है। इस बेस कैंप में पहुंचक कर उस व्यक्ति का मेडिकल टेस्‍ट करवाया जायेगा तभी उसे इस गुफा में योग-साधना की अनुमति मिल सकेगी। इसके बाद केदारनाथ मंदिर पहुंच कर भी उस व्यक्ति का दूसरी बार मेडिकल टेस्‍ट करवाया जायेगा।

नियमों के अनुसार इस गुफा की बुकिंग एक व्यक्ति के द्वारा अधिक से अधिक केवल तीन दिनों के लिए ही की जा समकती है। बुकिंग कैंसल करने पर कोई पैसा वापस नहीं किया जायेगा।

फिलहाल इसकी बुकिंग के लिए 24 घंटे के मात्र 1,500 रुपये ही देने होते हैं। जी हां यह कोई लाखों रुपये में नहीं बल्कि मात्र 1,500 रुपये में बुकिंग हो जाती है। इसमें अब तक कई लोग योग साधना कर चुके हैं और फिलहाल इसकी बुकिंग अगले कई दिनों तक की हो भी चुकी है और इससे भी बड़ी बात इसके अंदर लोग अपनी सच्ची श्रद्धा से और मन लगाकर 24 घंटे अकेले साधना कर भी रहे हैं। इसके अलावा देशभर से बड़ी संख्‍या में इसकी बुकिंग हो रही है और लोग इसके बारे में कई सारी जानकारियां भी ले रहे हैं।

वैसे आपको बता दें कि इस ध्यान गुफा में किसी शहर में बने होटल या रेस्ट हाऊस की तरह बहुत अच्छी या बहुत ज्यादा सुविधाएं नहीं हैं। लेकिन कुछ मूलभूत सुविधाओं के तौर पर बिजली और पानी के अलावा सुबह की चाय, नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम की चाय और रात के लिए जी.एम.वी.एम. की तरफ से भोजन का भी प्रबंध कराया जाता है। इसमें आराम करने के लिए एक बिस्तर भी लगा हुआ है। इसके अलावा यहां चैबीसों घंटे जी.एम.वी.एम. के कर्मचारी गुफा में ध्यान-साधना में लगे व्यक्ति की सेवा के लिए तैयार रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर गुफा में लगे लोकल फोन के द्वारा कर्मचारियों से मदद भी मांग सकते हैं। रुद्र मेडिटेशन गुफा में एक बार में केवल एक ही व्यक्ति रह सकता है।

अब मन में सवाल उठता है कि इस गुफा तक कैसे पहुंचा जाय तो बता दें कि रुद्र मेडिटेशन केव यानी ‘मोदी गुफा’ तक पहुंचने के लिए वही रास्ता है जो केदारनाथ मंदिर जाने के लिए है। यानी इसके लिए आपको अपने खर्च पर ही केदारनाथ मंदिर तक पहुंचना होगा। और केदारनाथ मंदिर तक जाने के लिए हेलिकाॅप्टर से या फिर सड़क मार्ग से भी जाया जा सकता है। केदारनाथ मंदिर से इस गुफा की दूरी मात्र 1.5 किलोमीटर है और यहां तक आपको पैदल ही जाना होगा।

इस गुफा के लिए बुकिंग करवाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती हुई गिनती और इसकी मांग को देखते हुए गढ़वाल मंडल विकास निगम के द्वारा यहां इस गुफा की तर्ज पर कुछ और भी कृत्रिम गुफाओं का निर्माण करने की आवश्यकता पड़ रही है। हालांकि, वर्तमान गुफा पूरी तरह से कृत्रिम गुफा नहीं है, इसलिए दूसरी गुफा बनाने में समय लग सकता है। यहां कुछ अन्य प्राचिन और प्राकृतिक गुफाएं भी हैं जो जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं उनका प्राचीन स्वरूप बरकरार रखते हुए उनका भी कायाकल्प किया जाना है। इसमें गरुड़ चट्टी से लेकर गांधी सरोवर के बीच ऐसी कुछ प्रकृतिक गुफाओं का चयन किया जा रहा है। क्योंकि इसके लिए प्राकृतिक चट्टानों में बदलाव लाकर गुफा का निर्माण कराया जायेगा इसलिए इसमें कुछ समय लग सकता है। और इन बाकी गुफाओं के बन कर तैयार हो जाने के बाद यहां आकर योग-साधना करने वाले और भी कई लोगों भी इच्छाएं जल्दी पूरी हो जायेगी।
#dharmwani

About The Author

admin

See author's posts

Post navigation

Previous: अमरनाथ जी की गुफा के कण-कण में छुपे हुए हैं अमर होने के रहस्य
Next: जानिए, भगवान राम के पुत्र कुश को क्यों करवाना पड़ा था अयोध्या का पुनर्निर्माण? | Reconstruction of Ayodhya

Related Stories

Men was not monkey
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

admin 1 May 2026
Noida Protest Illegal Detention
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

admin 29 April 2026
bharat barand
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

admin 1 April 2026

Trending News

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys! Men was not monkey 1
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!

1 May 2026
नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा Noida Protest Illegal Detention 2
  • देश
  • विशेष

नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा

29 April 2026
‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत bharat barand 3
  • देश
  • विशेष

‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

1 April 2026
कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….! what nonsense is this - let them say 4
  • Uncategorized
  • मन की बात
  • विशेष
  • शिक्षा-जगत

कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!

31 March 2026
भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…! Bhavishya Malika 5
  • विशेष
  • श्रद्धा-भक्ति

भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

31 March 2026

Tags

नोएडा मीडिया क्लब नोएडा सिटीजन फोरम भाजपा सरकार योगी सरकार सीएम योगी
  • Men was not monkeyसुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • Noida Protest Illegal Detentionनोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • bharat barand‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत

Recent Posts

  • सुनो बन्दर की औलादों | Listen up, Hindus are not the offspring of monkeys!
  • नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को घेरा
  • ‘भारत ब्रांड’ का तीसरा चरण शुरू, महंगाई के बीच आम जनता को बड़ी राहत
  • कभी उनको भी तो कहने दो कि ये कैसी बकवास है….!
  • भविष्य मालिका ही क्यों चाहिए…!

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.